(NSE IPO Price Band/ Image Credit: AI-generated)
नई दिल्ली: NSE IPO Price Band: नेशनल स्टॉक एक्सचेंज ऑफ इंडिया (NSE) के बहुप्रतीक्षित IPO को लेकर बड़ी खबर सामने आई है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, कंपनी अपने शेयर का प्राइस बैंड (NSE IPO Price Band) पहले अनुमानित 2,000 रुपये से 2,100 रुपये से घटाकर 1,700 रुपये से 1,785 रुपये कर सकती है। इससे लंबे समय से IPO का इंतजार कर रहे निवेशकों को शेयर अपेक्षाकृत कम कीमत पर मिल सकता है।
प्राइस बैंड कम होने का असर NSE के कुल वैल्यूएशन पर भी पड़ेगा। पहले कंपनी का अनुमानित वैल्यूएशन करीब 5.26 लाख करोड़ रुपये था, जो नए प्राइस बैंड (NSE IPO Price Band) के आधार पर घटकर लगभग 4.42 लाख करोड़ रुपये यानी करीब 46.6 अरब डॉलर रह सकता है। लेकिन प्राइस बैंड को लेकर अभी अंतिम फैसला बाकी है और इसमें बदलाव की संभावना भी बताई जा रही है।
शेयर का भाव कम होने से कुछ मौजूदा निवेशक अपनी हिस्सेदारी बेचने को तैयार नहीं हैं। इसी वजह से NSE IPO में ऑफर फॉर सेल यानी OFS का आकार घटाया जा सकता है। पहले करीब 6% हिस्सेदारी बेचने की योजना थी, लेकिन अब यह घटकर करीब 5.5% हो सकती है। यानी निवेशकों के लिए इश्यू का अंतिम आकार पहले के अनुमान से छोटा रह सकता है।
सूत्रों के मुताबिक, NSE इसी सप्ताह आधिकारिक प्राइस बैंड (NSE IPO Price Band) का ऐलान कर सकता है। इसके बाद 14 सितंबर से शुरू होने वाले सप्ताह में IPO आम निवेशकों के लिए खुल सकता है। कंपनी ने जून में सेबी के पास ड्राफ्ट प्रॉस्पेक्टस जमा किया था और 4 सितंबर को उसे IPO के लिए मंजूरी मिल गई। यह इश्यू पूरी तरह ऑफर फॉर सेल (OFS) होगा यानी कंपनी नए शेयर जारी नहीं करेगी।
अगर NSE 1,785 रुपये के ऊपरी प्राइस बैंड पर 5.5% हिस्सेदारी बेचता है, तो करीब 24,300 करोड़ रुपये जुटाए जा सकते हैं। इस आकार के साथ यह 2024 में आए Hyundai Motor India IPO के बाद देश का दूसरा सबसे बड़ा IPO बन सकता है। इसमें मॉर्गन स्टेनली, टेमासेक, SBI और कई सरकारी बीमा कंपनियां अपनी हिस्सेदारी बेच सकती हैं।
नोट:-शेयर बाजार में निवेश जोखिम के अधीन होता है। शेयरों, म्यूचुअल फंड्स और अन्य वित्तीय साधनों की कीमतें बाजार की स्थितियों, आर्थिक परिस्थितियों और अन्य कारकों के आधार पर घट-बढ़ सकती हैं। इसमें पूंजी हानि की संभावना भी शामिल है। इस जानकारी का उद्देश्य केवल सामान्य जागरूकता बढ़ाना है और इसे निवेश या वित्तीय सलाह के रूप में नहीं लिया जाना चाहिए।