Ganesh Chaturthi 2026: गणपति स्थापना से पहले जान लें ये जरूरी बात! किस दिशा में रखें बप्पा की मूर्ति, कहां रखना माना जाता है बेहद शुभ?

Ganesh Chaturthi 2026: गणेश चतुर्थी 2026 का पर्व 14 सितंबर से शुरू होगा। इस दौरान घर में गणपति की मूर्ति स्थापित करते समय सही दिशा औ पूजा से जुड़े नियमों का ध्यान रखना शुभ माना जाता है। बप्पा की स्थापना से पहले इन जरूरी बातों की जानकारी होना बेहद जरूरी है।

Ganesh Chaturthi 2026: गणपति स्थापना से पहले जान लें ये जरूरी बात! किस दिशा में रखें बप्पा की मूर्ति, कहां रखना माना जाता है बेहद शुभ?

(Ganesh Chaturthi 2026/ Image Credit: AI-generated)

Modified Date: September 9, 2026 / 12:03 pm IST
Published Date: September 9, 2026 11:59 am IST
HIGHLIGHTS
  • 14 सितंबर से गणेशोत्सव शुरू
  • ईशान कोण माना जाता है शुभ
  • बप्पा का मुख घर के अंदर रखें

Ganesh Chaturthi 2026: भाद्रपद शुक्ल पक्ष की चतुर्थी से शुरू होने वाला गणेशोत्सव भगवान गणेश को समर्पित प्रमुख हिंदू पर्व है। गणपति को बुद्धि, समृद्धि और विघ्नहर्ता माना जाता है। 2026 में गणोशोत्सव 14 सितंबर (Ganesh Chaturthi 2026) से शुरू होगा और 25 सितंबर अनंत चतुर्दशी के दिन गणपति विसर्जन (Ganesh Chaturthi 2026 Visarjan date) के साथ समाप्त होगा। इस दौरान भक्त घरों में श्रद्धा से बप्पा की स्थापना करते हैं।

गणपति स्थापना के लिए कौन-सी दिशा शुभ?

वास्तु शास्त्र की मान्यताओं के अनुसार, घर में गणपति की मूर्ति रखने के लिए उत्तर-पूर्व दिशा यानी ईशान कोण को शुभ माना जाता है। यह दिशा पूजा और आध्यात्मिक कार्यों के लिए महत्वपूर्ण मानी जाती है। यदि ईशान कोण में जगह उपलब्ध न हो तो उत्तर या पश्चिम दिशा में भी गणपति की स्थापना की जा सकती है।

बप्पा का मुख और पीठ किस ओर हो?

गणपति की मूर्ति स्थापित (Ganesh Chaturthi 2026) करते समय उनके मुख की दिशा का भी ध्यान रखा जाता है। मान्यता है कि बप्पा का मुख घर के अंदर की ओर होना चाहिए और उनकी पीठ दीवार की तरफ होनी चाहिए। धार्मिक मान्यताओं में गणेश जी की पीठ को लेकर विशेष धारणा है। इसलिए मूर्ति इस तरह रखने की परंपरा है कि उनकी पीठ घर के खुले या मुख्य हिस्से की ओर न हो।

मूर्ति रखने की जगह और प्रतिमा कैसी हो?

गणपति की स्थापना (Ganesh Sthapana Palce) के लिए साफ-सुथरी और पवित्र जगह चुनना चाहिए। मूर्ति को सीधे जमीन पर रखने के बजाय साफ चौकी या पाटे पर स्थापित करना उचित माना जाता है। गणेशोत्सव के लिए मिट्टी की प्रतिमा को प्राथमिकता दी जाती है क्योंकि पूजा के बाद उसका विसर्जन आसानी से किया जा सकता है और यह पर्यावरण के लिहाज से भी बेहतर माना जाता है।

स्थापना से रोजाना पूजा तक रखें ध्यान

गणपति स्थापना के दिन स्नान करके स्वच्छ कपड़े पहनें और पूजा स्थल की सफाई करें। चौकी पर साफ कपड़ा बिछाकर बप्पा को विराजमान करें। इसके बाद दूर्वा, फूल और मोदक अर्पित कर विधि-विधान से पूजा करें। गणपति के घर में रहने तक सुबह-शाम आरती और भोग लगाने की परंपरा है। साथ ही पूजा स्थल की साफ-सफाई और पवित्रता का विशेष ध्यान रखना चाहिए।

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लेखक के बारे में

मैं 2018 से पत्रकारिता में सक्रिय हूँ। हिंदी साहित्य में मास्टर डिग्री के साथ, मैंने सरकारी विभागों में काम करने का भी अनुभव प्राप्त किया है, जिसमें एक साल के लिए कमिश्नर कार्यालय में कार्य शामिल है। पिछले 7 वर्षों से मैं लगातार एंटरटेनमेंट, टेक्नोलॉजी, बिजनेस और करियर बीट में लेखन और रिपोर्टिंग कर रहा हूँ।