NSE IPO Update News: NSE के IPO से पहले निवेशकों को झटका! ब्रोकरेज हाउस की इस सलाह ने इन्वेस्टर्स की बढ़ाई चिंता

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NSE IPO Update News: एनएसई अपने बहुप्रतीक्षित IPO की तैयारी कर रहा है। लेकिन इससे पहले निवेशकों को झटका लगा है। एक ब्रोकरेज हाउस ने NSE के शेयरों को Sell रेटिंग देते हुए बेचने की सलाह दी है। NSE ट्रेडिंग वॉल्यूम के मामले में दुनिया का बड़ा डेरिवेडिव्स एक्सचेंज है।

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  • Publish Date - July 17, 2026 / 05:34 PM IST,
    Updated On - July 17, 2026 / 05:34 PM IST

(NSE IPO Update News/ Image Credit: AI-generated)

HIGHLIGHTS
  • NSE IPO से पहले ब्रोकरेज की बड़ी रिपोर्ट।
  • दौलत कैपिटल ने NSE को दी Sell रेटिंग।
  • 1550 रुपये का रखा गया टारगेट प्राइस।

नई दिल्ली: NSE IPO Update News: नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) अपने बहुप्रतीक्षित IPO की तैयारी में जुटा हुआ है। इस बीच IPO में निवेश की योजना बना रहे लोगों को एक ब्रोकरेज के रिपोर्ट ने चौंका दिया है। घरेलू ब्रोकरेज हाउस दौलत कैपिटल मार्केट प्राइवेट लिमिटेड ने NSE के शेयरों पर Sell रेटिंग जारी की है। इसका मतलब है ब्रोकरेज ने निवेशकों शेयर बेचने की सलाह दी है।

ब्रोकरेज ने क्यों जताई चिंता?

दौलत कैपिटल का कहना है कि इक्विटी डेरिवेटिव्स मार्केट में बढ़ते रेगुलेशन का असर NSE के ट्रेडिंग वॉल्यूम पर पड़ सकता है। ब्रोकरेज के अनुसार, सख्त नियमों के कारण एक्सचेंज की बाजार हिस्सेदारी में कमी आ सकती है। इसके अलावा मौजूदा वैल्यूएशन को देखते हुए शेयर में ज्यादा तेजी की संभावना सीमित बताई गई है।

1550 रुपये का दिया टारगेट प्राइस

ब्रोकरेज हाउस ने NSE के अनलिस्टेड शेयरों के लिए 1550 रुपये का टारगेट प्राइस तय किया है। रिपोर्ट के अनुसार, NSE के शेयरों की कीमत प्राइवेट ट्रेडिंग मार्केट में करीब 2085 रुपये के आसपास है। ऐसे में ब्रोकरेज का लक्ष्य मौजूदा स्तर से लगभग 26 प्रतिशत कम है। NSE की अनुमानित मार्केट वैल्यू करीब 5.2 ट्रिलियन रुपये बताई गई है।

वैल्यूएशन और ग्रोथ को लेकर उठाए सवाल

ब्रोकरेज ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि NSE का वैल्यूएशन वैश्विक प्रतिस्पर्धी एक्सचेंजों की तुलना में ज्यादा है। जबकि मुनाफे की ग्रोथ उतनी मजबूत नहीं दिख रही है। ब्रोकरेज का अनुमान है कि वित्त वर्ष 2026 से 2029 के बीच ऑप्शन ट्रेडिंग टर्नओवर में सालाना करीब 4 प्रतिशत की गिरावट आ सकती है।

रेगुलेशन और कम रिटेल भागीदारी का असर

रिपोर्ट में बताया गया है कि सख्त नियम, रिटेल निवेशकों की कम भागीदारी और कमजोर बाजार गतिविधियां NSE के कारोबार को प्रभावित कर सकती हैं। ब्रोकरेज ने इसी वजह से NSE के अलावा BSE लिमिटेड और मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज ऑफ इंडिया लिमिटेड पर भी सेल रेटिंग दी है।

सितंबर में लिस्टिंग का लक्ष्य

NSE ने IPO के लिए ड्राफ्ट पेपर दाखिल कर दिए हैं और कंपनी सितंबर में लिस्टिंग का लक्ष्य लेकर चल रही है। हालांकि, IPO को अभी मार्केट रेगुलेटर SEBI की मंजूरी मिलना बाकी है। NSE का IPO लंबे समय से निवेशकों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है और अब सभी की नजरें इसके अगले अपडेट पर हैं।

नोट:-शेयर बाजार में निवेश जोखिम के अधीन होता है। शेयरों, म्यूचुअल फंड्स और अन्य वित्तीय साधनों की कीमतें बाजार की स्थितियों, आर्थिक परिस्थितियों और अन्य कारकों के आधार पर घट-बढ़ सकती हैं। इसमें पूंजी हानि की संभावना भी शामिल है। इस जानकारी का उद्देश्य केवल सामान्य जागरूकता बढ़ाना है और इसे निवेश या वित्तीय सलाह के रूप में नहीं लिया जाना चाहिए।

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NSE IPO कब आ सकता है?

NSE ने IPO के लिए ड्राफ्ट पेपर जमा कर दिए हैं और सितंबर में लिस्टिंग का लक्ष्य रखा गया है। हालांकि, इसे अभी SEBI की मंजूरी मिलना बाकी है।

ब्रोकरेज ने NSE शेयर को कौन सी रेटिंग दी है?

दौलत कैपिटल मार्केट प्राइवेट लिमिटेड ने NSE के शेयरों को Sell रेटिंग दी है।

NSE शेयर के लिए ब्रोकरेज का टारगेट प्राइस क्या है?

ब्रोकरेज ने NSE के अनलिस्टेड शेयरों के लिए 1550 रुपये का टारगेट प्राइस तय किया है।

ब्रोकरेज ने NSE पर चिंता क्यों जताई है?

ब्रोकरेज के अनुसार, सख्त रेगुलेशन, ट्रेडिंग वॉल्यूम में संभावित गिरावट और कम रिटेल भागीदारी से NSE के प्रदर्शन पर असर पड़ सकता है।