Share Market Today: आज किस करवट बैठेगा शेयर बाजार? सेंसेक्स-निफ्टी की चाल पर टिकी सबकी नजरें, जानिए क्या दे रहे हैं संकेत

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Share Market Today: गिफ्ट निफ्टी करीब 25,995 पर ट्रेड कर रहा था, जो निफ्टी फ्यूचर्स के पिछले बंद भाव से लगभग 1 अंक ऊपर था। यह मामूली बढ़त बताती है कि आज भारतीय शेयर बाजार की शुरुआत लगभग सपाट या हल्की स्थिर रह सकती है, बिना किसी बड़े उतार-चढ़ाव के संकेत के।

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  • Publish Date - February 12, 2026 / 09:03 AM IST,
    Updated On - February 12, 2026 / 09:04 AM IST

(Share Market Today/ Image Credit: IBC24 News)

HIGHLIGHTS
  • गिफ्ट निफ्टी 25,995 के आसपास, सपाट शुरुआत के संकेत।
  • निक्केई पहली बार 58,000 के पार पहुंचा।
  • अमेरिकी बाजार मजबूत जॉब्स डेटा के बाद फिसले।

नई दिल्ली: Share Market Today in India ग्लोबल मार्केट से मिले-जुले संकेतों के बीच गुरुवार को भारतीय शेयर बाजार के प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स और निफ्टी 50 की शुरुआत लगभग सपाट रहने की उम्मीद है। एशियाई बाजारों में जहां मजबूती दिखी। वहीं, अमेरिकी बाजार गिरावट के साथ बंद हुए। ऐसे माहौल में निवेशक सतर्क नजर आ रहे हैं। बुधवार को घरेलू बाजार ने उतार-चढ़ाव भरे कारोबार के बाद मिश्रित रुख के साथ सत्र समाप्त किया। सेंसेक्स 40 अंक टूटकर 84,233 पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 18 अंक की तेजी के साथ 25,953 पर बंद हुआ।

एशियाई बाजारों में दिखी मजबूती (Strength in Asian Markets)

गुरुवार को एशियाई बाजारों में सकारात्मक रुख देखने को मिला। जापान का निक्केई 225 पहली बार 58,000 के स्तर के पार पहुंच गया, जो एक ऐतिहासिक उपलब्धि है। निक्केई में 0.44% और टॉपिक्स इंडेक्स में 0.68% की बढ़त दर्ज की गई। दक्षिण कोरिया का कोस्पी 1.12% उछला, जबकि कोस्डैक 0.22% ऊपर रहा। हालांकि, हांगकांग के हैंग सेंग इंडेक्स फ्यूचर्स ने कमजोर शुरुआत के संकेत दिए।

गिफ्ट निफ्टी के संकेत (Gift Nifty Hints)

गिफ्ट निफ्टी लगभग 25,995 के स्तर पर कारोबार करता दिखा, जो निफ्टी फ्यूचर्स के पिछले बंद से करीब 1 अंक ऊपर था। यह हल्का प्रीमियम संकेत देता है कि भारतीय बाजार की शुरुआत बिना किसी बड़े उतार-चढ़ाव के हो सकती है। निवेशक फिलहाल वैश्विक घटनाक्रम और आर्थिक आंकड़ों पर नजर बनाए हुए हैं, जिससे दिनभर बाजार में सीमित दायरे में कारोबार देखने को मिल सकता है।

अमेरिकी बाजारों में गिरावट (American Markets Fall)

अमेरिका में उम्मीद से बेहतर नौकरियों के आंकड़े आने के बावजूद वॉल स्ट्रीट में गिरावट रही। डॉऊ जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज 66.74 अंक यानी 0.13% गिरकर 50,121.40 पर बंद हुआ। एसएंडपी 500 लगभग सपाट रहकर 6,941.47 पर बंद हुआ, जबकि नैस्डैक कंपोजिट 0.16% फिसलकर 23,066.47 पर बंद हुआ। मजबूत जॉब्स डेटा के कारण ब्याज दरों में जल्द कटौती की उम्मीदें कम हुई हैं।

सोना-चांदी और डॉलर का हाल (Status of Gold, Silver and Dollar)

मजबूत रोजगार आंकड़ों के बाद सोने और चांदी की कीमतों में गिरावट देखी गई। स्पॉट गोल्ड 0.4% गिरकर 5,058.64 डॉलर प्रति औंस पर आ गया, जबकि यूएस गोल्ड फ्यूचर्स 0.3% घटकर 5,080 डॉलर पर पहुंच गया। चांदी भी 1.4% गिरकर 82.87 डॉलर प्रति औंस पर आ गई। डॉलर इंडेक्स 0.11% बढ़कर 97.02 पर पहुंच गया। यूरो में कमजोरी आई, जबकि डॉलर येन के मुकाबले थोड़ा कमजोर हुआ।

तेल की कीमतों में तेजी (Oil Prices Eise)

तेल बाजार में गुरुवार सुबह मजबूती देखी गई। अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के कारण निवेशकों में चिंता बढ़ी है। ब्रेंट क्रूड 0.49% बढ़कर 69.74 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया, जबकि डब्ल्यूटीआई क्रूड 0.57% बढ़कर 65.00 डॉलर पर पहुंच गया। पिछले सत्र में भी दोनों बेंचमार्क में अच्छी बढ़त दर्ज की गई थी। वैश्विक भू-राजनीतिक तनाव और कच्चे तेल के भंडार से जुड़े आंकड़े आगे की दिशा तय कर सकते हैं।

नोट:- शेयर बाजार में निवेश जोखिम के अधीन होता है। शेयरों, म्यूचुअल फंड्स और अन्य वित्तीय साधनों की कीमतें बाजार की स्थितियों, आर्थिक परिस्थितियों और अन्य कारकों के आधार पर घट-बढ़ सकती हैं। इसमें पूंजी हानि की संभावना भी शामिल है। इस जानकारी का उद्देश्य केवल सामान्य जागरूकता बढ़ाना है और इसे निवेश या वित्तीय सलाह के रूप में नहीं लिया जाना चाहिए।

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आज शेयर बाजार की शुरुआत कैसी रहने की उम्मीद है?

गिफ्ट निफ्टी के हल्के प्रीमियम और मिले-जुले वैश्विक संकेतों के कारण बाजार की शुरुआत लगभग सपाट रहने की संभावना है।

एशियाई बाजारों का क्या असर दिख सकता है?

जापान और दक्षिण कोरिया में मजबूती से भारतीय बाजार को सीमित समर्थन मिल सकता है।

अमेरिकी बाजार क्यों गिरे?

मजबूत नौकरियों के आंकड़ों के बाद ब्याज दरों में कटौती की उम्मीद कम हुई, जिससे वॉल स्ट्रीट दबाव में रहा।

सोना और चांदी की कीमतें क्यों घटीं?

मजबूत जॉब्स डेटा के कारण निवेशकों ने सुरक्षित निवेश से दूरी बनाई, जिससे कीमती धातुओं में गिरावट आई।