एक वरिष्ठ भाजपा नेता ने केजीएमयू परिसर में अवैध धार्मिक ढांचे के खिलाफ कार्रवाई की मांग की

एक वरिष्ठ भाजपा नेता ने केजीएमयू परिसर में अवैध धार्मिक ढांचे के खिलाफ कार्रवाई की मांग की

एक वरिष्ठ भाजपा नेता ने केजीएमयू परिसर में अवैध धार्मिक ढांचे के खिलाफ कार्रवाई की मांग की
Modified Date: January 22, 2026 / 07:42 pm IST
Published Date: January 22, 2026 7:42 pm IST

लखनऊ, 22 जनवरी (भाषा) उत्तर प्रदेश में भाजपा के एक वरिष्ठ नेता ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र लिखकर यहां किंग जॉर्ज मेडिकल युनिवर्सिटी (केजीएमयू) परिसर में कथित अवैध धार्मिक ढांचों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई की मांग की है।

नेता का आरोप है कि सरकारी भूमि पर अतिक्रमण कर इस संस्थान के धर्मनिरपेक्ष चरित्र को बिगाड़ने का प्रयास किया गया है।

भाजपा के प्रदेश सचिव अभिजात मिश्रा ने कहा कि केजीएमयू परिसर में सरकारी जमीन पर अनाधिकृत मजारें और मस्जिद आ गई हैं जो अत्यधिक गंभीर स्थिति है तथा यह स्वास्थ्य सेवाओं और परिसर की सुरक्षा के लिए नुकसान पहुंचाने वाला है।

पिछले सप्ताह लिखे इस पत्र में उन्होंने कहा, “केजीएमयू एक प्रमुख सरकारी चिकित्सा संस्थान है जहां लाखों मरीज, विद्यार्थी और डाक्टर आते हैं। अवैध ढांचों की मौजूदगी से स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार में बाधा आ रही है और इससे सुरक्षा को गंभीर चिंता पैदा हो रही है।”

अप्रैल, 2025 में चलाए गए अतिक्रमण हटाओ अभियान का हवाला देते हुए मिश्रा ने कहा कि करीब 25,000 वर्ग फुट जमीन मुक्त कराई गई थी, लेकिन मुख्य अवैध मजारें और मस्जिदें अब भी बरकरार हैं।

उन्होंने दावा किया कि ये ढांचे कानून एवं व्यवस्था से जुड़े हैं और हाल में केजीएमयू में ‘लव जिहाद’ के मामले के तार पीएफआई और इस्लामिक समूहों से जुड़े पाए गए।

प्रदेश भाजपा सचिव ने आरोप लगाया कि इन ढांचों से जुड़े लोग धर्मांतरण के लिए लोगों को प्रोत्साहित कर सकते हैं।

उन्होंने मुख्यमंत्री से केजीएमयू और जिला प्रशासन को शेष सभी अवैध ढांचों को तत्काल हटाने का निर्देश देने और कथित कट्टरपंथी गतिविधियों की जांच के लिए एक उच्च स्तरीय जांच समिति बनाने का आग्रह किया।

भाषा राजेंद्र

राजकुमार

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