चलती ट्रेन से अगवा किया गया दस माह का बच्चा छह दिन बाद बचाया गया; तीन गिरफ्तार

चलती ट्रेन से अगवा किया गया दस माह का बच्चा छह दिन बाद बचाया गया; तीन गिरफ्तार

चलती ट्रेन से अगवा किया गया दस माह का बच्चा छह दिन बाद बचाया गया; तीन गिरफ्तार
Modified Date: January 22, 2026 / 10:36 am IST
Published Date: January 22, 2026 10:36 am IST

इटावा (उप्र), 22 जनवरी (भाषा) उत्तर प्रदेश में राजकीय रेलवे पुलिस (जीआरपी) ने चलती ट्रेन से अगवा किए गए दस महीने के बच्चे को छह दिन बाद सुरक्षित बचा लिया है। बच्चे की मां को नशीला पदार्थ खिलाकर बेहोश कर दिया गया था।

यह घटना दिल्ली-हावड़ा रेल मार्ग पर इटावा और कानपुर के बीच घटी, जब मुन्नी अंसारी नाम की महिला अपने छोटे बेटे इब्राहिम के साथ अलीगढ़ से झारखंड के कोडरमा जा रही कानन एक्सप्रेस के जनरल कोच में सफर कर रही थी।

पुलिस ने बताया कि अलीगढ़ में ट्रेन में चढ़े एक युवक ने महिला से दोस्ती की और बाद में किसी तरह उसे नशीला पदार्थ मिली मिठाई खिला दी।

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शिकायत के मुताबिक, महिला 14-15 जनवरी की रात करीब 1 बजे बेहोश हो गई। ट्रेन जब कानपुर से आगे निकल गई, तो आरोपी कथित तौर पर बच्चे को लेकर फतेहपुर रेलवे स्टेशन पर उतर गया और भाग गया। जब महिला को मिर्जापुर स्टेशन के पास होश आया, तो उसने देखा कि उसका बच्चा गायब है और उसने मिर्जापुर जीआरपी को इसकी सूचना दी।

जीआरपी आगरा क्षेत्र के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अनिल कुमार झा ने बताया कि चूंकि अपराध इटावा और कानपुर के बीच हुआ था, इसलिए मिर्जापुर जीआरपी ने ‘जीरो एफआईआर’ दर्ज की और 16 जनवरी को जांच के लिए मामला इटावा जीआरपी को भेज दिया।

इटावा जीआरपी प्रभारी जितेंद्र सिंह ने बताया कि मामले को बहुत संवेदनशील माना गया और तुरंत वरिष्ठ अधिकारियों को सूचित किया गया। अलीगढ़, कानपुर, मिर्जापुर और फतेहपुर की जीआरपी इकाई को शामिल करके एक संयुक्त जांच शुरू की गई।

पुलिस ने उन स्टेशनों के सीसीटीवी फुटेज की जांच की जहां कानन एक्सप्रेस ठहरती है। फतेहपुर स्टेशन पर, कैमरों में महिला द्वारा बताए गए हुलिए से मिलता-जुलता एक युवक – हरे रंग का स्वेटर पहने हुए ट्रेन से उतरते और बाद में रोडवेज बस स्टैंड की ओर जाते हुए दिखा।

इसके बाद उसे अलीगढ़ रेलवे स्टेशन के टिकट काउंटर पर सीसीटीवी फुटेज के जरिए ट्रैक किया गया, जहां उसे यूपीआई से टिकट खरीदते हुए देखा गया।

इसी सुराग के आधार पर पुलिस ने बुलंदशहर के रहने वाले सोनू को गिरफ्तार किया।

पुलिस ने बताया कि पूछताछ के दौरान उसने बच्चे को अगवा करने और उसे 3.5 लाख रुपये में बेचने की बात कबूल की।

सोनू के खुलासे पर, पुलिस ने नोएडा के दादरी में रहने वाले अशोक कुमार और उसकी पत्नी पूनम को गिरफ्तार किया और बुधवार को उनके कब्जे से बच्चे को छुड़ा लिया।

अधिकारी के अनुसार, दंपति ने पुलिस को बताया कि उन्हें एक बेटा चाहिए था, इसलिए उन्होंने बच्चा पाने के लिए सोनू से संपर्क किया था।

पुलिस ने बताया कि छह दिन बाद बच्चे को उसकी मां से मिला दिया गया है, और आगे की कानूनी कार्रवाई चल रही है।

भाषा सं जफर वैभव

वैभव


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