उप्र में किन्‍नरों के अधिकारों के संरक्षण के लिए नियमावली बनाने की कार्यवाही प्रक्रियाधीन:असीम अरुण

उप्र में किन्‍नरों के अधिकारों के संरक्षण के लिए नियमावली बनाने की कार्यवाही प्रक्रियाधीन:असीम अरुण

उप्र में किन्‍नरों के अधिकारों के संरक्षण के लिए नियमावली बनाने की कार्यवाही प्रक्रियाधीन:असीम अरुण
Modified Date: February 12, 2026 / 04:04 pm IST
Published Date: February 12, 2026 4:04 pm IST

लखनऊ, 12 फरवरी (भाषा) उत्तर प्रदेश विधानसभा में बजट सत्र के चौथे दिन बृहस्पतिवार को समाज कल्‍याण राज्‍य मंत्री (स्‍वतंत्र प्रभार) असीम अरुण ने कहा कि

किन्नरों के अधिकारों के संरक्षण के लिए नियमावली बनाने की कार्यवाही प्रक्रियाधीन है।

विधानसभा में प्रश्नकाल के दौरान असीम अरुण ने समाजवादी पार्टी के जसराना विधानसभा क्षेत्र के सदस्य इंजीनियर सचिन यादव के प्रश्‍न का जवाब देते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार किन्नरों के अधिकारों के संरक्षण और उन्हें मुख्य धारा से जोड़कर आत्मनिर्भर बनाने के लिए पूरी तरह संवेदनशील और प्रतिबद्ध है।

मंत्री ने कहा कि मौजूदा समय में ट्रांसजेंडर व्यक्ति (अधिकारों का संरक्षण) अधिनियम 2019 के क्रम में उत्तर प्रदेश ट्रांसजेंडर व्यक्ति (अधिकारों का संरक्षण) नियमावली 2026 बनाए जाने की कार्यवाही प्रक्रियाधीन है।

उन्होंने कहा कि पहला विषय इनको (किन्‍नर) चिह्नित करने का है, सरकार ने इनका पहचान पत्र बनाने के लिए पहल की है और इनका आयुष्मान कार्ड बनाने के वास्ते भी सरकार ने प्रयास किया है।

सचिन यादव ने प्रश्न किया था कि प्रदेश में ट्रांसजेंडर को आत्मनिर्भर बनाने के लिए विशेष नीति बनाने पर सरकार क्या विचार कर रही है। उन्होंने किन्‍नरों की व्यथा उकेरते हुए कहा कि प्रदेश में इनकी संख्‍या एक लाख 37 हजार है और इनमें 96 प्रतिशत के साथ भेदभाव होता है।

उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार इनकी सुधि नहीं ले रही है।

मंत्री असीम अरुण ने कहा, ‘‘मेरे ख्याल से पहली बार विधानसभा में ऐसा मुद्दा उठा है, हालांकि वह (सचिन) जो कह रहे हैं वो पूरी तरह सत्य नहीं है, सरकार किन्नर समाज के लिए बहुत कुछ कर रही है।’’

भाषा आनन्द अमित शफीक

शफीक


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