एआई का इस्तेमाल अच्छाई के लिये हो, नकारात्मक राजनीति के लिये नहीं : अखिलेश

एआई का इस्तेमाल अच्छाई के लिये हो, नकारात्मक राजनीति के लिये नहीं : अखिलेश

एआई का इस्तेमाल अच्छाई के लिये हो, नकारात्मक राजनीति के लिये नहीं : अखिलेश
Modified Date: September 7, 2026 / 07:06 pm IST
Published Date: September 7, 2026 7:06 pm IST

लखनऊ, सात सितंबर (भाषा) समाजवादी पार्टी (सपा) के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने सोमवार को कहा कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) का इस्तेमाल नकारात्मक राजनीति के लिये नहीं बल्कि अच्छाई के लिये किया जाना चाहिए।

उन्होंने कहा कि एआई का इस्तेमाल समाज के हित में किया जाना चाहिए और इसका उपयोग चिकित्सा, कृषि तथा मौसम पूर्वानुमान जैसे क्षेत्रों में किया जा सकता है।

अखिलेश ने यहां संवाददाताओं से कहा, ‘‘जो समाज में लाए अच्छाई, वह है एआई है। एआई से अच्छाई आए।’’

उन्होंने कहा कि एआई की मदद से किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य दिलाने में सहायता मिल सकती है और मौसम की सटीक जानकारी देकर फसलों को नुकसान से बचाया जा सकता है।

पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘एआई का इस्तेमाल अच्छे कामों के लिए होना चाहिए, न कि नकारात्मक राजनीति के लिए। इस समय सत्ता में मौजूद हमारे विरोधी सरकारी धन, अनाज तथा बजट का इस्तेमाल विभिन्न गतिविधियों में कर रहे हैं, एआई के जरिए षड्यंत्र कर रहे हैं और वीडियो तैयार कर रहे हैं। अगर वे ऐसे वीडियो बनाएंगे तो हम भी बनाएंगे। हम उनसे बेहतर गीत भी बनाएंगे।’’

अखिलेश का इशारा पिछले दिनों भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) समर्थकों द्वारा कथित तौर पर एआई से बनाये गये वीडियो की तरफ और उसके जवाब में पिछले हफ्ते सपा द्वारा जारी किये गये एक एआई-निर्मित वीडियो की तरफ था।

उत्तर प्रदेश में वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले एआई से बने वीडियो को लेकर भाजपा और सपा के बीच एक नया राजनीतिक विवाद छिड़ गया है।

विवाद की शुरुआत तब हुई जब हाल ही में सोशल मीडिया पर कथित तौर पर भाजपा समर्थित हैंडल से अखिलेश यादव को निशाना बनाते हुए एआई से बनाया गया एक वीडियो प्रसारित किया गया था। इसके जवाब में सपा प्रमुख ने गत एक सितंबर को लखनऊ में अपने एक संवाददाता सम्मेलन के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से जुड़ा एआई से निर्मित एक वीडियो जारी किया था।

सहारनपुर में जिला कलेक्ट्रेट परिसर में बनी मस्जिद को गिराए जाने का जिक्र करते हुए अखिलेश ने सवाल उठाया कि जब उच्च न्यायालय और उच्चतम न्यायालय मौजूद हैं तो 12 घंटे के भीतर ढांचा गिराने की क्या जरूरत थी।

उन्होंने आरोप लगाया, ‘‘यह एक सोची-समझी रणनीति और साजिश थी।’’

अखिलेश ने आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की सरकार अपने अधिकारियों के जरिए पूरे प्रदेश को सांप्रदायिक दिशा में ले जाना चाहती है, क्योंकि उसके पास महंगाई का कोई जवाब नहीं है, रोजगार देने की कोई योजना नहीं है, निवेश आकर्षित करने में वह विफल रही है और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी कोई महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल नहीं कर पाई है।

उन्होंने जातीय जनगणना की भी वकालत की।

अखिलेश ने भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए कहा, ‘‘यह सरकार इतनी दिवालिया हो चुकी है कि अपने लोगों को फायदा पहुंचाने के लिए संपत्तियां बेच रही है। कोई बड़ी संपत्तियां बेच रहा है तो कोई छोटी चीजें बेच रहा है। कुछ लोग दिल्ली से बेच रहे हैं और कुछ लखनऊ से। अब जनता इन बेचने वालों का इलाज करने जा रही है।’’

भाषा

सलीम रवि कांत


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