सपा की सरकार बनने पर सांप्रदायिक माहौल को हमेशा के लिए खत्म किया जाएगा : अखिलेश
सपा की सरकार बनने पर सांप्रदायिक माहौल को हमेशा के लिए खत्म किया जाएगा : अखिलेश
लखनऊ, सात सितंबर (भाषा) समाजवादी पार्टी (सपा) के अध्यक्ष एवं उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने सत्ताधारी भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर भाषा के साथ-साथ कर्म से भी साम्प्रदायिक होने का आरोप लगाते हुए सोमवार को कहा कि राज्य विधानसभा चुनाव के बाद सपा की सरकार बनने पर सांप्रदायिक माहौल को ‘हमेशा-हमेशा’ के लिए खत्म किया जाएगा।
यादव ने पार्टी प्रदेश मुख्यालय पर आयोजित संवाददाता सम्मेलन में कहा कि भाजपा न तो संविधान को मानती है और न ही कानून को। उन्होंने कहा कि हर मोर्चे पर नाकाम साबित हो चुकी भाजपा सरकार बुनियादी सवालों और सामाजिक न्याय के सवाल पर काम नहीं करना चाहती। उन्होंने यह भी कहा कि अब, जबकि भाजपा के पास कोई रास्ता नहीं बचा है, तो वह भाषण के साथ-साथ अपने कर्म में भी सांप्रदायिक हो गयी है।
सहारनपुर में हाल ही में 100 साल से भी अधिक पुरानी मस्जिद ढहाये जाने से संबंधित एक सवाल पर सपा प्रमुख ने कहा, ‘‘जब न्याय मिल सकता था और न्याय के लिए जब उच्च न्यायालय तथा उच्चतम न्यायालय है तो 13 घंटे में मस्जिद गिराने की क्या जरूरत थी। यह एक सोची-समझी रणनीति और साजिश है, जिसके तहत सरकार के लोग पूरे प्रदेश को अपने अधिकारियों के माध्यम से सांप्रदायिक रास्ते पर ले जाना चाहते हैं।’’
उन्होंने किसी का नाम लिये बगैर कहा कि जो लोग आज कानून को नहीं मान रहे हैं, वे कल मानेंगे।
यादव ने कहा, ‘‘जो सांप्रदायिक माहौल बनाया जा रहा है, उसे हमेशा-हमेशा के लिए खत्म किया जाएगा। हमलोग बंधु राष्ट्र बनाने के लिए काम करेंगे। भाईचारा कैसे बढ़े उसके लिए काम करेंगे और सभी धर्म का सम्मान करने का काम आने वाले समय में होगा।’’
पूर्व मुख्यमंत्री ने पार्टी कार्यकर्ताओं का आह्वान किया कि चुनावी लाभ लेने के लिए पहले भाषा से और अब कर्म से साम्प्रदायिकता फैला रही भाजपा से सावधान रहना है तथा आने वाले समय में ऐसी सांप्रदायिक ताकत को हराने का काम करना है। उन्होंने कहा कि विधानसभा चुनाव में अब 100 दिन भी नहीं बचे हैं।
सपा प्रमुख ने जातिवार गणना करके सभी वर्गों को उनकी संख्या के हिसाब से हिस्सेदारी देने की एक बार फिर मांग करते हुए आरक्षण की भी वकालत की। उन्होंने कहा, ‘‘आरक्षण था, आरक्षण है और आरक्षण बना रहेगा। जो लोग साजिश करके सुरंग में रहकर काम कर रहे हैं उनकी सुरंगवादी सोच को चुनौती दी जाएगी।’’
यादव ने ‘पीडीए’ (मूल रूप से पिछड़े, दलित और अल्पसंख्यक समाज को लेकर सपा प्रमुख द्वारा गढ़े गये चुनावी फार्मूले) पर सबसे ज्यादा अन्याय किये जाने का आरोप लगाते हुए कहा कि पीडीए ‘पीड़ा’ के सूत्र से बंधे हुए लोग हैं और पीडीए के लोग मिलकर सपा की सरकार बनाकर सामाजिक न्याय के राज्य की स्थापना करेंगे, इसीलिए विरोधियों को ‘पेट दर्द’ हो रहा है।
यादव ने विधानसभा चुनाव के बाद प्रदेश में सपा की सरकार बनने पर सम्राट अशोक की जयंती पर छुट्टी घोषित करने और रिवर फ्रंट पर बाबू जगदेश कुशवाहा का स्मारक बनवाने की घोषणा की।
सपा प्रमुख ने अयोध्या में राम वनगमन मार्ग की कथित खराब गुणवत्ता से संबंधित एक सवाल पर कहा, ‘‘जितने भी हाईवे बने हैं, उन्हें इसीलिए बनाया गया है, ताकि भाजपा के लोगों की जेबें भर जाएं।’’
उन्होंने प्रधानमंत्री के संसदीय निर्वाचन क्षेत्र वाराणसी और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की कर्मभूमि गोरखपुर को क्रमश: क्योटो और स्पेन बनाये जाने के दावों पर तंज करते हुए आरोप लगाया कि वाराणसी, गोरखपुर और प्रयागराज में विकास कार्यों के नाम पर पिछले 10 वर्षों में सरकार ने तीन लाख करोड़ रुपये खर्च किये हैं, लेकिन वहां के हालात बदतर हैं।
भाषा सलीम रवि कांत सुरेश
सुरेश

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