इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने नाबालिग को जेल से तत्काल रिहा करने का आदेश दिया

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इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने नाबालिग को जेल से तत्काल रिहा करने का आदेश दिया

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  • Publish Date - June 5, 2026 / 01:01 AM IST,
    Updated On - June 5, 2026 / 01:01 AM IST

लखनऊ, चार जून (भाषा) इलाहाबाद उच्च न्यायालय की लखनऊ पीठ ने बृहस्पतिवार को न्यायिक हिरासत के तहत जेल भेजे गए एक नाबालिग को तत्काल रिहा करने का आदेश दिया और साथ ही पुलिस और निचली अदालत द्वारा मामले से निपटने के तरीके पर कड़ी नाराजगी जताई।

न्यायमूर्ति आर एस चौहान और न्यायमूर्ति दिवेश चंद्र सामंत की अवकाश पीठ ने प्रथम दृष्टया माना कि याचिकाकर्ता की हिरासत अवैध थी और उसकी रिहाई का निर्देश दिया।

मामला एक प्राथमिकी से जुड़ा है, जिसमें याची के खिलाफ ऐसी धाराएं लगाई गई थीं जिनमें अधिकतम तीन और पांच वर्ष की सजा का प्रावधान है।

पीठ ने कहा कि उच्चतम न्यायालय ने सतेंद्र कुमार अंतिल बनाम सीबीआई मामले में सात वर्ष तक की सजा वाले अपराधों में गिरफ्तारी और हिरासत को लेकर स्पष्ट दिशा-निर्देश दिए हैं, लेकिन उनका पालन नहीं किया गया।

उच्चतम न्यायालय के फैसले में ऐसे मामलों में गिरफ्तारी और हिरासत को नियंत्रित करने वाले दिशानिर्देश निर्धारित किए गए हैं, जहां अपराध के लिए सात साल तक की कैद की सजा हो सकती है, जिसमें अनावश्यक गिरफ्तारी से बचने और उचित प्रक्रिया सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया है।

उच्च न्यायालय ने पाया कि कथित घटना के समय याचिकाकर्ता की उम्र 17 वर्ष से कम थी। हालांकि, पुलिस कार्रवाई करने से पहले उसकी उम्र की पुष्टि करने में विफल रही और न्यायिक मजिस्ट्रेट ने बाद में उसे जेल भेज दिया।

मामले पर गंभीरता से विचार करते हुए, पीठ ने हिरासत आदेशों को ‘यांत्रिक’ बताया।

अदालत ने संकेत दिया कि जांच एजेंसी और न्यायिक अधिकारी दोनों ने इस तथ्य को नजरअंदाज कर दिया कि आरोपी किशोर था और कानून के तहत उपलब्ध सुरक्षा का हकदार था।

पीठ ने संबंधित पुलिस अधिकारियों के साथ-साथ अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट-पंचम लखनऊ से व्यक्तिगत हलफनामे मांगे हैं, जिसमें उन परिस्थितियों का उल्लेख हो, जिनके कारण नाबालिग को कारागार भेजा गया।

अदालत ने चेतावनी दी कि यदि अधिकारियों द्वारा दिया गया स्पष्टीकरण असंतोषजनक पाया गया तो उचित कार्रवाई शुरू की जा सकती है।

मामले को तीन जुलाई को आगे की सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किया गया है।

भाषा सं जफर धीरज तान्या

धीरज