राम मंदिर के चढ़ावा चोरी मामले में एसआईटी की अंतिम रिपोर्ट ट्रस्ट को सौंपी गई

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राम मंदिर के चढ़ावा चोरी मामले में एसआईटी की अंतिम रिपोर्ट ट्रस्ट को सौंपी गई

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  • Publish Date - August 17, 2026 / 11:05 PM IST,
    Updated On - August 17, 2026 / 11:05 PM IST

लखनऊ, 17 अगस्त (भाषा) उत्तर प्रदेश के गृह विभाग ने अयोध्या स्थित राम मंदिर के चढ़ावे की चोरी के मामले में विशेष जांच दल (एसआईटी) की अंतिम रिपोर्ट आगे की कार्रवाई के लिए श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को सौंप दी है। एक आधिकारिक बयान में सोमवार को यह जानकारी दी गई।

उच्चतम न्यायालय द्वारा मामले में हस्तक्षेप करने से पहले, ट्रस्ट के अनुरोध पर राज्य सरकार ने 13 जून को तीन सदस्यीय एसआईटी का गठन किया था। इसी एसआईटी ने अपनी अंतिम रिपोर्ट तैयार की है।

एसआईटी का नेतृत्व लखनऊ के मंडलायुक्त विजय विश्वास पंत ने किया। पुलिस महानिरीक्षक (परिक्षेत्र) किरण एस. और विशेष सचिव (वित्त) नील रतन कुमार इसके अन्य सदस्य थे।

एसआईटी ने 23 जून को अपनी प्रारंभिक रिपोर्ट राज्य सरकार को सौंपी थी, जिसमें कई कड़ी सिफारिशें की गई थीं।

प्रारंभिक रिपोर्ट के आधार पर मामले में 25 जून को आठ नामजद आरोपियों और अन्य अज्ञात लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई थी।

श्री राम जन्मभूमि थाने में ट्रस्ट के सदस्य कृष्णमोहन की लिखित शिकायत के आधार पर दर्ज प्राथमिकी में अविनाश शुक्ला, अनुकल्प मिश्रा, लवकुश मिश्रा, मनीष कुमार यादव, करुणेश पांडे, रमाशंकर मिश्रा, सुभाष श्रीवास्तव और राम शंकर यादव उर्फ टीनू को नामजद किया गया है।

आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 13(1)(ए) के तहत मामला दर्ज किया गया था।

अधिकारियों के अनुसार, एसआईटी की प्रारंभिक रिपोर्ट ही बाद में दर्ज की गई प्राथमिकी और आरोपियों की गिरफ्तारी संबंधी कार्रवाई का आधार बनी थी।

भाषा अभिनव जफर खारी

खारी