(फाइल फोटो के साथ)
लखनऊ, 19 मई (भाषा) समाजवादी पार्टी (सपा) के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने सोमवार को कहा कि भविष्य में होने वाले चुनावों में सहयोगियों के साथ गठबंधन जारी रहेगा और इसका फॉर्मूला सीट का बंटवारा नहीं बल्कि ‘चुनाव में जीत’ होगा।
यहां ‘अमर उजाला संवाद उत्तर प्रदेश 2026’ कार्यक्रम में, जब अखिलेश से यह पूछा गया कि क्या कांग्रेस नेता राहुल गांधी और वह आगामी चुनावों में एक साथ प्रचार करते नजर आएंगे, उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी के पास गठबंधन चलाने का व्यापक अनुभव है और उसने हमेशा यह सुनिश्चित किया है कि उसके सहयोगियों को भी इस व्यवस्था से लाभ हो।
यादव ने कहा, ‘‘हमने कई गठबंधन किए हैं। हमारे पास गठबंधन का अनुभव है। समाजवादी पार्टी ने हमेशा अपने सहयोगियों के लिए लाभ सुनिश्चित किया है। हमने कभी किसी को धोखा नहीं दिया है। आज जो गठबंधन है वह आगे भी जारी रहेगा।’’
उन्होंने कहा कि भविष्य में गठबंधन की चर्चा सीट के लिए सौदेबाजी के इर्द-गिर्द नहीं बल्कि चुनावी सफलता सुनिश्चित करने के इर्द-गिर्द घूमेगी।
उन्होंने कहा, ‘‘गठबंधन में सीट का सवाल नहीं होगा। लोकसभा चुनाव के दौरान भी मैंने कहा था कि मुद्दा सीट का नहीं है, मुद्दा जीत का है। यही फॉर्मूला फिर काम करेगा। सवाल सीट का नहीं होगा, सवाल जीत का होगा।’’
सपा प्रमुख से जब यह पूछा गया कि ‘इंडिया’ गठबंधन कई राज्यों में समान गठबंधन व्यवस्था को बनाए रखने में विफल रहा है, तो उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी जानती है कि गठबंधन को कैसे बनाए रखा जाए।
यह पूछे जाने पर कि इस बार विपक्ष का चेहरा कौन होगा, यादव ने कहा कि इस बार महंगाई, डीजल, पेट्रोल और रसोई गैस की बढ़ती कीमत, अग्निवीर युवा, किसान, मजदूर और 69 हजार शिक्षामित्र भी मुद्दे हैं, जिन्हें स्थायी नौकरी नहीं मिली।
उन्होंने कहा, ‘‘जहां भाजपा समाप्त होती है, पीडीए – पिछड़े (पी), दलित और अल्पसंख्यक (पिछड़ों, दलितों और अल्पसंख्यकों के लिए यादव द्वारा दिया गया एक संक्षिप्त नाम) वहां से शुरू होता है।’’
विपक्ष के चेहरे के बारे में खास तौर पर पूछे जाने पर उन्होंने कहा, ‘‘विपक्ष के लिए चेहरे की क्या जरूरत है. महंगाई तो अपने आप में एक बड़ा चेहरा है।’’
नीट पेपर लीक का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा,‘‘अगर हम 22 लाख नीट प्रभावित विद्यार्थियों में से पांच सदस्यों को ध्यान में रखते हैं, तो यह 1.1 करोड़ लोग होंगे जो लीक के कारण प्रभावित हुए थे। ये 1.1 करोड़ लोग हमारे चेहरे हैं। प्रभावित लोगों में चार लाख छात्र उत्तर प्रदेश से हैं ।’
जब उनसे भाजपा से लड़ने की रणनीति के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा, ‘अपनी रणनीति का खुलासा नहीं करेंगे क्योंकि हम उन लोगों से लड़ रहे हैं जो बहुत शक्तिशाली लोग हैं।’
अमेरिका-ईरान युद्ध पर यादव ने कहा,‘‘अगर भारत ईरान के साथ खड़ा होता तो यह युद्ध नहीं होता।’’
उन्होंने कहा, ‘‘जिस तरह हमारे प्रधानमंत्री बिना किसी कार्यक्रम के पाकिस्तान में उतरे थे, उसी तरह अगर ईरान में उतरते तो यह युद्ध नहीं होता। मैं पूरी जिम्मेदारी के साथ कहता हूं।’’
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के उस बयान के संबंध में एक सवाल का जवाब देते हुए कि सड़कों पर नमाज की अनुमति नहीं दी जाएगी, यादव ने कहा,‘‘सड़क पर क्या करना है या नहीं करना है, इस पर कानून है। राजनीतिक स्कोरिंग नहीं होनी चाहिए। भाजपा सबसे बड़ी ‘अधर्मी पार्टी’ (अनैतिक) है।’’
उन्होंने कहा,‘‘जहां तक सड़कों का सवाल है, उन्हें चौड़ा किया जाना चाहिए.. वे (भाजपा) इस मुद्दे को उठा रहे हैं ताकि हमारी चर्चा अन्य मुद्दों पर दूसरी दिशा में जाए।’’
उन्होंने कहा, ‘‘सड़कों पर नमाज कौन पढ़ रहा है? अगर जगह की कमी है.. तो समस्या क्या है.. वे चाहते हैं कि हम कहीं और फंस जाएं.. हमने भाजपा से सीखा है कि हम उनकी बातों में नहीं आएंगे। हम पहले नीट और अन्य मुद्दों के बारे में पूछेंगे।’
भाषा अभिनव जफर राजकुमार
राजकुमार