बरेली पुलिस ने हवाला कारोबार और जीएसटी धोखाधड़ी से जुड़े गिरोह का भंडाफोड़ किया
बरेली पुलिस ने हवाला कारोबार और जीएसटी धोखाधड़ी से जुड़े गिरोह का भंडाफोड़ किया
बरेली (उत्तर प्रदेश), छह जनवरी (भाषा) बरेली जिले की पुलिस ने लगभग 24 करोड़ रुपये के संदिग्ध हवाला कारोबार और जीएसटी (वस्तु एवं सेवा कर) धोखाधड़ी से जुड़े एक बड़े नेटवर्क का पर्दाफाश कर दो लोगों को गिरफ्तार किया है। अधिकारियों ने मंगलवार को यह जानकारी दी।
अधिकारियों ने बताया कि आरोपियों की पहचान शाहिद अहमद (38) और अमित गुप्ता (38) के रूप में हुई है जिन पर फर्जी कंपनी और ‘म्यूल अकाउंट’ के जरिए धन का लेन-देन में शामिल होने का आरोप है।
बरेली की पुलिस अधीक्षक (दक्षिण) अंशिका वर्मा ने बताया कि एक मामूली जरी कारीगर को उसके खाते से हुए संदिग्ध लेन-देन के संबंध में लगभग 1.5 करोड़ रुपये का आयकर नोटिस मिला जिसकी उसे कोई जानकारी नहीं थी। इसके बाद ही गिरोह का खुलासा हुआ।
पुलिस के अनुसार, आरोपियों ने छोटे व्यापारियों व दिहाड़ी मजदूरों को निशाना बनाया और उन्हें व्यापार बढ़ाने या निर्यात बाजार में हाथ आजमाने का लालच दिया। आरोप है कि उन्होंने आधार और पैन कार्ड जैसे पहचान पत्र हासिल कर व्यापारियों व मजदूरों के नाम पर बैंक खाते खोले व फर्जी कंपनियां बनाईं, जिनका इस्तेमाल बड़े पैमाने पर अनधिकृत लेन-देन के लिए किया गया।
वर्मा ने बताया कि जांच में पता चला कि कारीगर के नाम पर ‘सत्य साहब ट्रेडर्स’ नामक एक फर्जी फर्म बनाई गई थी और निजी व सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों में खाते खोले गए।
उन्होंने कहा, “एक वर्ष के भीतर इस फर्म के माध्यम से लगभग 24 करोड़ रुपये के संदिग्ध लेन-देन किए गए।”
पुलिस को यह भी जानकारी मिली कि महावीर ट्रेडिंग कंपनी, महाकाल ट्रेडर्स और सुमित ट्रेडर्स सहित कई अन्य फर्में केवल कागजों पर मौजूद थीं और इनका इस्तेमाल जीएसटी से बचने के लिए फर्जी बिल और ‘इनवॉयस’ तैयार करने में किया जाता था।
पुलिस अधीक्षक ने कहा, “पहली नजर में यह मामला जीएसटी धोखाधड़ी का प्रतीत होता है, लेकिन जिस तरह से धन का लेन-देन किया गया, उससे हवाला नेटवर्क की संलिप्तता का संकेत मिलता है।”
उन्होंने बताया कि पड़ोसी जिले शाहजहांपुर के एक व्यक्ति की भूमिका की भी जांच की जा रही है।
पुलिस ने बताया कि भारतीय न्याय संहिता और अन्य प्रासंगिक कानूनों की धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है तथा नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की पहचान के लिए जांच जारी है।
भाषा सं जफर
मनीषा खारी
खारी

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