धर्म और दान के नाम पर भ्रष्टाचार को संस्थागत रूप दे रही भाजपा: अखिलेश यादव

धर्म और दान के नाम पर भ्रष्टाचार को संस्थागत रूप दे रही भाजपा: अखिलेश यादव

धर्म और दान के नाम पर भ्रष्टाचार को संस्थागत रूप दे रही भाजपा: अखिलेश यादव
Modified Date: July 14, 2026 / 05:16 pm IST
Published Date: July 14, 2026 5:16 pm IST

लखनऊ, 14 जुलाई (भाषा) समाजवादी पार्टी (सपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने मंगलवार को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि सत्तारूढ़ दल ने धर्म और दान के नाम पर भ्रष्टाचार को संस्थागत रूप दे दिया है।

उन्होंने यह भी दावा किया कि ‘‘सच्चे देशप्रेमी’’ भाजपा और उसके सहयोगियों की कथित ‘‘आपराधिक कार्यप्रणाली’’ का भंडाफोड़ करेंगे।

यादव ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘‘चंदा-दान चोरी’ की क्रोनोलॉजी नहीं, भाजपाई ‘क्रिमिनोलॉजी’ (आपराधिक कार्यप्रणाली) का कुचक्र समझिए।’’

उन्होंने पोस्ट में आरोप लगाया कि भाजपा से जुड़े लोग आस्थावानों से संपर्क कर उनकी धार्मिक भावनाओं का दोहन करते हैं और चंदे, दान, बहुमूल्य धातुओं, रत्नों तथा नकदी के रूप में धन एकत्र करते हैं।

पूर्व मुख्यमंत्री ने यह भी दावा किया कि रसीद मांगने पर विभिन्न बहाने बनाकर लोगों को टाल दिया जाता है।

सपा प्रमुख ने आरोप लगाया कि लोगों को संगठित रूप से मंदिरों में ले जाकर ‘चढ़ावा’, ‘चंदा’ और ‘दान’ के नाम पर धन जुटाया जाता है।

उन्होंने यह भी दावा किया कि विभिन्न धार्मिक अवसरों के नाम पर कथित फर्जी रसीदें छपवाकर वित्तीय अनियमितताएं की जाती हैं।

यादव ने किसी का नाम लिए बिना आरोप लगाया कि ट्रस्टों के माध्यम से अपने लोगों को जिम्मेदार पदों पर बैठाकर वित्तीय अनियमितताओं को कथित तौर पर अंजाम दिया जाता है और दान की राशि में गड़बड़ी की जाती है।

उन्होंने आरोप लगाया कि इस कथित कार्यप्रणाली के तहत सीसीटीवी और अन्य सबूत गायब किए जाते हैं।

पूर्व मुख्यमंत्री ने यह भी दावा किया कि अपने लोगों से पहले सस्ती दरों पर जमीन खरीदी जाती है और बाद में ट्रस्ट के माध्यम से उसी जमीन को कई गुना अधिक कीमत पर खरीदकर अनुचित लाभ कमाया जाता है।

यादव ने आरोप लगाया कि इस धन से कथित तौर पर गैर-पंजीकृत कार्यालय बनाए जाते हैं और उनके माध्यम से गतिविधियों का विस्तार किया जाता है।

उन्होंने यह भी दावा किया कि कथित तौर पर धन को बहुमूल्य धातुओं के रूप में दूसरे राज्यों में भेजा जाता है और इसका इस्तेमाल चुनावी गतिविधियों में किया जाता है।

सपा प्रमुख ने आरोप लगाया कि जब ऐसे मामलों का खुलासा होता है, तो जिम्मेदारी छोटे कर्मचारियों पर डाल दी जाती है, जबकि बड़े जिम्मेदार लोग जवाबदेही से बच जाते हैं।

उन्होंने यह भी दावा किया कि बाद में धन लौटाने की कोशिश की जाती है और यह तर्क दिया जाता है कि धार्मिक उद्देश्यों के लिए दिए गए दान का हिसाब नहीं मांगा जाना चाहिए।

यादव ने भाजपा पर यह भी आरोप लगाया कि जब कानूनी कार्रवाई की आशंका होती है तो जनता का ध्यान भटकाने के लिए ‘‘झूठी खबरों और आरोपों’’ का सहारा लिया जाता है और दबाव बढ़ने पर अनिच्छा से माफी मांगी जाती है।

उन्होंने दावा किया कि ‘‘सच्चे देशप्रेमी’’ भाजपा और उसके सहयोगियों की कथित ‘‘आपराधिक कार्यप्रणाली’’ को देशभर के गांवों, कस्बों और शहरों तक पहुंचाएंगे तथा उसका भंडाफोड़ करेंगे।

भाषा आनन्द जितेंद्र

जितेंद्र


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