भाजपा मौजूदा 543 सीट पर महिला आरक्षण तुरंत लागू करे, कांग्रेस का पूरा समर्थन: प्रणीति शिंदे

भाजपा मौजूदा 543 सीट पर महिला आरक्षण तुरंत लागू करे, कांग्रेस का पूरा समर्थन: प्रणीति शिंदे

भाजपा मौजूदा 543 सीट पर महिला आरक्षण तुरंत लागू करे, कांग्रेस का पूरा समर्थन: प्रणीति शिंदे
Modified Date: April 21, 2026 / 05:30 pm IST
Published Date: April 21, 2026 5:30 pm IST

लखनऊ, 21 अप्रैल (भाषा) अखिल भारतीय कांग्रेस कार्यसमिति (सीडब्लूसी) की विशेष आमंत्रित सदस्य एवं सांसद प्रणीति शिंदे ने मंगलवार को महिला आरक्षण का पूरा समर्थन करते हुए कहा कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) मौजूदा लोकसभा की 543 सीट पर महिला आरक्षण तुरंत लागू करे, कांग्रेस का पूरा सहयोग मिलेगा।

उत्तर प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय “नेहरू भवन’ में एक पत्रकार वार्ता को संबोधित करते हुए शिंदे ने भाजपा सरकार पर महिला आरक्षण के मुद्दे पर धोखा देने का आरोप लगाया।

उन्होंने भाजपा द्वारा सत्ता के लिए महिलाओं के इस्तेमाल का आरोप लगाते हुए कहा कि भाजपा की मोदी सरकार 2023 में संसद में पास महिला आरक्षण को तुरंत लागू करे।

पत्रकार वार्ता में प्रमुख रूप से कांग्रेस सांसद प्रणीति शिंदे, नेता विधानमंडल दल आराधना मिश्रा “मोना” समेत कई प्रमुख नेता मौजूद थे।

प्रणीति शिंदे ने कहा, ‘‘हम पहले दिन से महिला आरक्षण का समर्थन करते हैं, हमारे राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे जी ने लोकसभा के अंदर महिला आरक्षण पर कांग्रेस के समर्थन को स्पष्ट किया और 2023 में पारित हुए महिला आरक्षण विधेयक को तुरंत लागू करने की मांग की।”

उन्होंने कहा कि “कांग्रेस पार्टी का विधेयक को पूर्ण समर्थन है, लेकिन महिला आरक्षण विधेयक के नाम पर बिना जनगणना किए सीट बढ़ाना ग़लत है, हम इसके खिलाफ हैं, यह असंवैधानिक है।”

शिंदे ने कहा कि सच्चाई यह है कि भाजपा महिला आरक्षण विधेयक लागू ही नहीं करना चाहतीं है, इसीलिए 2023 में महिला आरक्षण विधयेक पारित होने के बावजूद लागू नहीं किया और इस आरक्षण को डिलिमिटेशन (परिसीमन) के साथ जोड़कर विवादित करके महिलाओं का हक मारने का काम किया।’’

प्रणीति शिंदे ने कहा कि आज महिला आरक्षण विधेयक के नाम पर भाजपा सिर्फ प्रोपोगंडा (दुष्प्रचार) कर रही है, सिर्फ राजनीति कर रही है, सवाल यह है कि जब विधेयक 2023 में पारित हो गया था तो उसे लागू क्यों नहीं किया। इस समय जब राज्यों में चुनाव जारी हैं, आचार संहिता लागू है ऐसे में मोदी सरकार द्वारा जो (संशोधन) विधेयक संसद में लाया गया वह आचार संहिता का भी उल्लंघन है।’’

आराधना मिश्रा मोना ने भाजपा से सवाल किया कि ‘‘क्या भाजपा किसी महिला को अपना राष्ट्रीय अध्यक्ष बना सकती है? क्या आरएसएस (राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ) में कोई महिला संघ प्रमुख बन सकती है।”

उन्होंने कहा कि भाजपा बेनकाब हो चुकी है कि वह महिला आरक्षण विधेयक को लागू नहीं करना चाहती थी, अगर करना होता तो इसको पहले लाया जा सकता था।

आराधना मिश्रा मोना ने कहा कि उत्तर प्रदेश में 2027 में विधानसभा चुनाव होने हैं, ‘‘मेरी चुनौती है कि प्रदेश की भाजपा सरकार विशेष सत्र बुलाए और प्रदेश की विधानसभा में महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण देने के लिए महिला आरक्षण विधेयक का प्रस्ताव केंद्र की मोदी सरकार को भेजा जाय, हमारा पूरा समर्थन है।”

भाषा आनन्द अमित

अमित


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