आरटीआई के तहत सीधे तौर पर नहीं दिया जा सकता सीसीटीवी फुटेज : उच्च न्यायालय
आरटीआई के तहत सीधे तौर पर नहीं दिया जा सकता सीसीटीवी फुटेज : उच्च न्यायालय
लखनऊ, तीन सितंबर (भाषा) इलाहाबाद उच्च न्यायालय की लखनऊ पीठ ने बृहस्पतिवार को कहा कि सूचना का अधिकार (आरटीआई) कानून के तहत मांगी गई सीसीटीवी फुटेज उसके आवेदक को सीधे नहीं दी जा सकती, क्योंकि इसमें संवेदनशील जानकारी हो सकती है और यह कानून के तहत अपवादों के दायरे में आ सकती है।
हालांकि पीठ ने स्पष्ट किया कि अगर कोई व्यक्ति शिकायत लेकर किसी उचित अदालत या सक्षम आयोग के पास जाता है तो संबंधित मंच सीसीटीवी फुटेज को सुरक्षित रखने का निर्देश दे सकता है और जरूरत पड़ने पर जांच के लिए उसे मंगा सकता है।
न्यायमूर्ति शेखर बी. सराफ और न्यायमूर्ति अबधेश कुमार चौधरी की पीठ ने शोभित कश्यप द्वारा दायर याचिका का निस्तारण करते हुए यह आदेश पारित किया।
याचिकाकर्ता ने 20 मार्च 2025 को दायर आरटीआई आवेदन के तहत जानकारी मांगी थी, जिसमें पूरी सीसीटीवी फुटेज भी शामिल थी। उसने जानकारी न देने के लिए संबंधित अधिकारी पर 25 हजार रुपये का अधिकतम जुर्माना लगाने और कथित तौर पर हुई परेशानी के लिए मुआवजे की भी मांग की थी।
सुनवाई के दौरान राज्य सूचना आयोग ने कहा कि सीसीटीवी फुटेज में संवेदनशील जानकारी थी और आरटीआई अधिनियम की धारा 8(1)(जी) के तहत इसे सीधे आवेदक को नहीं दिया जा सकता था। हालांकि अदालत या आयोग के निर्देश पर इसे उपलब्ध कराया जा सकता था।
भाषा सं. सलीम शफीक
शफीक

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