शह मात The Big Debate: निशाने पर हैं शिक्षक भर्ती.. अड़े हुए हैं अभ्यर्थी! पदवृद्धि से शिक्षा विभाग ने किया इनकार, क्या सरकार की साफगोई से और तेज होगी लड़ाई?

निशाने पर हैं शिक्षक भर्ती.. अड़े हुए हैं अभ्यर्थी! पदवृद्धि से शिक्षा विभाग ने किया इनकार, Madhya Pradesh Teacher Recruitment Latest Update

शह मात The Big Debate: निशाने पर हैं शिक्षक भर्ती.. अड़े हुए हैं अभ्यर्थी! पदवृद्धि से शिक्षा विभाग ने किया इनकार, क्या सरकार की साफगोई से और तेज होगी लड़ाई?
Modified Date: September 4, 2026 / 12:12 am IST
Published Date: September 4, 2026 12:08 am IST

भोपालः Madhya Pradesh Teacher Recruitment मध्य प्रदेश में शिक्षक भर्ती को लेकर सियासत और आंदोलन दोनों तेज है। पिछले 15 दिन से चयनित शिक्षक अभ्यर्थी भोपाल में धरने पर बैठे हैं और पदवृद्धि की मांग कर रहे हैं, लेकिन शिक्षा विभाग ने उन्हें दो टूक जवाब दे दिया है कि मध्य प्रदेश के किसी भी भर्ती नियम में पदवृद्धि का प्रावधान नहीं है, इसलिए कोई पद नहीं बढ़ाए जाएंगे,इसके बाद अब इस मामले पर सियासत गरमा गई है।

Madhya Pradesh Teacher Recruitment मध्य प्रदेश में एक तरफ चयनित शिक्षक बीते 15 दिनो से पदवृद्धि को लेकर धरने पर बैठे हैं तो दूसरी तरफ शिक्षा विभाग ने साफ कर दिया है अगले 2 साल में सिर्फ 18 हजार पदों पर ही भर्ती संभव है। इसके पीछे सरकार ने तर्क दिया कि फिलहाल 70 हजार अतिथि शिक्षक काम कर रहे हैं जिसे लोग रिक्त मान लेते हैं, तकनीकी तौर पर रिजर्वेशन, बैकलॉग और 13 फीसदी OBC के पदों को बचाकर रखना पड़ता है। इसलिए एक साथ सभी पदों पर भर्ती संभव नहीं है। सरकार ने नियमों का हवाला देकर शिक्षकों की मांग से अपना पल्ला झाड़ा तो कांग्रेस ने मौके पर चौका मारते हुए सरकार को युवा विरोधी बता दिया, जबकि बीजेपी सफाई देती नजर आई

कुल मिलाकर शिक्षक पद बढ़ाने को धरने पर बैठे हैं, जबकि सरकार साफ कर चुकी है कि एमपी के किसी भी भर्ती नियम में पदवृद्धि का प्रावधान नहीं है। खैर अब सरकार के सामने बड़ी चुनौती चयनित शिक्षक अभ्यर्थियों के आंदोलन को खत्म करने की है तो हर गुजरते दिन के साथ बड़ा होता जा रहा है।


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सवाल आपका है.. पत्रकारिता के माध्यम से जनसरोकारों और आप से जुड़े मुद्दों को सीधे सरकार के संज्ञान में लाना मेरा ध्येय है। विभिन्न मीडिया संस्थानों में 10 साल का अनुभव मुझे इस काम के लिए और प्रेरित करता है। कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय से इलेक्ट्रानिक मीडिया और भाषा विज्ञान में ली हुई स्नातकोत्तर की दोनों डिग्रियां अपने कर्तव्य पथ पर आगे बढ़ने के लिए गति देती है।