कांग्रेस और उसके सहयोगी दलों को अपने कृत्य के लिए जनता से माफी मांगनी चाहिए: योगी आदित्‍यनाथ

कांग्रेस और उसके सहयोगी दलों को अपने कृत्य के लिए जनता से माफी मांगनी चाहिए: योगी आदित्‍यनाथ

कांग्रेस और उसके सहयोगी दलों को अपने कृत्य के लिए जनता से माफी मांगनी चाहिए: योगी आदित्‍यनाथ
Modified Date: September 27, 2026 / 01:58 pm IST
Published Date: September 27, 2026 1:58 pm IST

लखनऊ, 27 सितंबर (भाषा) देश के मुख्य निर्वाचन आयुक्त (सीईसी) और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को लेकर विपक्षी दलों के तीखे विरोध प्रदर्शन के बीच रविवार को उप्र के मुख्‍यमंत्री योगी आदित्‍यनाथ ने कहा कि कांग्रेस और उसके सहयोगी दलों को अपने कृत्य के लिए देश की संवैधानिक संस्थाओं और देश की जनता जनार्दन से माफी मांगनी चाहिए।

योगी आदित्‍यनाथ ने रविवार सुबह एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए निर्वाचन आयोग और मुख्‍य निर्वाचन आयुक्‍त के विरोध में कांग्रेस, समाजवादी पार्टी (सपा) और राष्‍ट्रीय जनता दल (राजद) समेत अन्य विपक्षी दलों के आंदोलन की आलोचना करते हुए कहा कि कांग्रेस और उसके सहयोगी दल लोकतंत्र को कमजोर करने की साजिश कर रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि तीनों निर्वाचन आयुक्तों ने मीडिया के सामने आकर निर्वाचन आयोग की पूरी कार्यप्रणाली की स्थिति स्‍पष्‍ट की है और अब कोई प्रश्‍न कहीं खड़े नहीं होते, लेकिन केवल बाल की खाल निकालने का कांग्रेस, सपा और अन्‍य दलों का जो प्रयास हो रहा है, वह अत्‍यंत दुर्भाग्‍यपूर्ण है।

योगी आदित्‍यनाथ ने जोर देकर कहा, ‘‘कांग्रेस और उसके सहयोगी दलों को अपने कृत्‍य के लिए देश की संवैधानिक संस्थाओं और देश की जनता जनार्दन से माफी मांगनी चाहिए। क्योंकि भारत दुनिया के अंदर एकमात्र लोकतंत्र हैं, जिसने पहले दिन से हर वयस्‍क मतदाता को बिना भेदभाव के मतदान करने की पूरी स्वतंत्रता दी है। चुनाव के एक दिन पहले तक मतदाता सूची में अपना नाम बढ़ाने का अधिकार दे रखा है।’’

उप्र के मुख्यमंत्री ने विपक्षी दलों को कठघरे में खड़ा करते हुए कहा कि ये भारत के संवैधानिक संस्थाओं को नुकसान पहुंचाने और अपने राजनीतिक स्वार्थ के लिए लोकतांत्रिक मूल्यों को कमजोर करने की हर उस साजिश का हिस्सा रहे हैं, जिसके कारण दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र को नुकसान पहुंच सके।

मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि एसअईआर को लेकर इन्‍होंने लगातार भ्रम फैलाया है, लेकिन ऐसा नहीं है कि एसआईआर पहली बार किया गया है, इससे पहले भी इस देश के अंदर अलग-अलग समय में, ज्यादातर समय में कांग्रेस के नेतृत्व वाली सरकारों में 1952, 1957, 1961, 1965-66 और 2003 में भी एसआईआर की कार्रवाई संपन्‍न हो चुकी है।

आदित्यनाथ ने कहा कि इस सबके बावजूद इस बार की एसआईआार की कार्रवाई को लेकर जिस प्रकार की हाय तौबा, कांग्रेस, समाजवादी पार्टी, राष्ट्रीय जनता दल और अन्य दलों ने मचाई है, वह दुर्भाग्यपूर्ण है।

आदित्यनाथ ने कांग्रेस और सहयोगी दलों पर कई गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने खासतौर से लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी का जिक्र करते हुए कहा, ‘‘लगातार इनके द्वारा भारत की हर संवैधानिक संस्था को कठघरे में खड़ा करने का प्रयास किया जाता है। निर्वाचन आयोग पर लगातार हमलावर हैं। कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष और नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने कैब्रिज में भारत की न्यायपालिका की निष्पक्षता पर प्रश्‍न चिह्न खड़ा किया।’’

आदित्यनाथ ने कहा कि ईवीएम मशीन के चलते कांग्रेस की भी केन्‍द्र और कई राज्‍यों में सरकार बनीं, लेकिन उसी ईवीएम को ‘ब्‍लैक बॉक्‍स’ कहकर भारत की चुनाव प्रक्रिया और देश के सबसे बड़े लोकतंत्र पर सवाल खड़ा करना अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है।

मुख्यमंत्री ने 1975 में लगाए गए आपातकाल का भी जिक्र किया और आरोप लगाया कि अतीत में कांग्रेस सरकारों ने विपक्षी दलों की निर्वाचित सरकारों को ‘अनैतिक और अवैध तरीके से’ गिराया था।

भाषा आनन्द रंजन संतोष

संतोष


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