लखनऊ, 21 मई (भाषा) कांग्रेस की उत्तर प्रदेश इकाई के प्रभारी अविनाश पांडेय ने पार्टी आलाकमान की अनुमति के बगैर बहुजन समाज पार्टी (बसपा) प्रमुख मायावती से बुधवार को मुलाकात करने गए अपने दो दलित नेताओं के इस सिलसिले में दिए गए स्पष्टीकरण पर संतोष जाहिर किया है।
कांग्रेस के अनुसूचित जाति विभाग के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजेंद्र पाल गौतम और विभाग के उत्तर प्रदेश इकाई के अध्यक्ष व सांसद तनुज पुनिया कुछ अन्य नेताओं के साथ मंगलवार शाम को मायावती के आवास पर गए थे लेकिन उनकी मायावती से मुलाकात नहीं हो पायी थी।
कांग्रेस प्रदेश नेतृत्व ने पार्टी के आलाकमान की अनुमति के बगैर मायावती से मुलाकात करने जाने पर संबंधित नेताओं को नोटिस जारी करके स्पष्टीकरण मांगा था।
पांडेय ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया कि पार्टी ने इन नेताओं को अपनी बात रखने का मौका दिया था और उनका जवाब संतोषजनक रहा।
उन्होंने कहा, ‘‘बसपा प्रमुख से मुलाकात करने गए कांग्रेस नेताओं ने अपने स्पष्टीकरण में कहा कि वे बसपा प्रमुख के आवास पर सद्भावना के तौर पर गए थे। उन्होंने यह भी भरोसा दिलाया है कि भविष्य में ऐसी किसी भी पहल को लेकर वे ज्यादा सावधानी बरतेंगे। पार्टी उनकी सफाई से संतुष्ट है।’’
पांडेय ने इससे पहले बताया था कि हालांकि कांग्रेस मायावती का ‘बहुत सम्मान’ करती है लेकिन उनसे मिलने गए कांग्रेस नेताओं का दल पार्टी की ओर से कोई अधिकृत प्रतिनिधिमंडल नहीं था।
उत्तर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय ने भी कहा था कि पार्टी नेतृत्व ने इस मुलाकात को मंजूरी नहीं दी थी और ऐसी मुलाकातों को आम तौर पर काफी पहले ही मंजूरी दे दी जाती है।
यह घटनाक्रम तब सामने आया है जब कुछ समय पहले समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने उत्तर प्रदेश का आगामी विधानसभा चुनाव कांग्रेस के साथ मिलकर लड़ने का संकेत दिया था। दोनों दलों ने इंडियन नेशनल डेवलपमेंटल इंक्लूसिव अलायंस (इंडिया) के तहत गठबंधन कर 2024 के लोकसभा चुनाव में उत्तर प्रदेश में खासी सफलता हासिल की थी।
भाषा सलीम गोला
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