Deoria mazar : इस फेमस मजार पर चला योगी सरकार का बुलडोजर, मौके पर भारी संख्या में पुलिस फोर्स तैनात

Abdul Ghani Shah Baba Mazar Deoria : कार्रवाई के दौरान मजार परिसर में रखा गया सामान हटाया गया और फिर मजार को ध्वस्त कर दिया गया। वहीं किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए मौके पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया है।

Deoria mazar : इस फेमस मजार पर चला योगी सरकार का बुलडोजर, मौके पर भारी संख्या में पुलिस फोर्स तैनात

Deoria illegal shrine bulldozer runs, image source: ibc24

Modified Date: January 11, 2026 / 08:29 pm IST
Published Date: January 11, 2026 8:25 pm IST
HIGHLIGHTS
  • हजरत शहीद सैयद अब्दुल गनी शाह बाबा मजार को प्रशासन ने खाली कराया
  • विधायक डॉ. शलभ मणि त्रिपाठी द्वारा की गई थी शिकायत 
  • 1993 में बंजर भूमि पर बनाई मजार

Deoria News: देवरिया जिले में प्रशासन ने अवैध मजार के खिलाफ सख्त कार्रवाई शुरू कर दी है। इस कड़ी में योगी सरकार का बुलडोज़र देवरिया स्थित अब्दुल गनी शाह बाबा की मजार पर चला। ( Syed Abdul Ghani Shah Baba Mazar Deoria)  बताया जा रहा है कि फाइलों में ये मज़ार सरकारी बंजर भूमि पर अवैध अतिक्रमण करके बनाई गई थी। कार्रवाई के दौरान भारी संख्या में पुलिस फोर्स मौके पर तैनात रही।

बता दें कि देवरिया में गोरखपुर ओवरब्रिज के पास स्थित हजरत शहीद सैयद अब्दुल गनी शाह बाबा मजार को प्रशासन द्वारा खाली कराया जा रहा है। ( Syed Abdul Ghani Shah Baba Mazar Deoria)  कार्रवाई के दौरान मजार परिसर में रखा गया सामान हटाया गया और फिर मजार को ध्वस्त कर दिया गया। वहीं किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए मौके पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया है।

विधायक डॉ. शलभ मणि त्रिपाठी द्वारा की गई थी शिकायत

बताया जा रहा है कि कुछ माह पूर्व सदर विधायक डॉ. शलभ मणि त्रिपाठी द्वारा इस मामले की शिकायत की गई थी। ( Syed Abdul Ghani Shah Baba Mazar Deoria) शिकायत पर सुनवाई करते हुए एएसडीएम कोर्ट ने संबंधित भूमि को सरकारी/बंजर भूमि घोषित किया था और मजार को मान्यता योग्य नहीं माना था। कोर्ट के आदेश के अनुपालन में यह कार्रवाई की जा रही है। प्रशासन का कहना है कि पूरी प्रक्रिया कानूनी दायरे में और शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न कराई जा रही है। फिलहाल क्षेत्र में स्थिति सामान्य बनी हुई है।

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1993 में बंजर भूमि पर बनाई मजार

इस मामले में तहसीलदार द्वारा की गई जांच में सामने आया कि साल 1993 में इस बंजर भूमि को मजार और कब्रिस्तान के रूप में दर्ज किया गया था। ( Syed Abdul Ghani Shah Baba Mazar Deoria) अपर जिला शासकीय अधिवक्ता ने राजस्व संहिता के तहत अभिलेख दुरुस्ती के लिए एसडीएम कोर्ट में वाद दायर किया।

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लेखक के बारे में

डॉ.अनिल शुक्ला, 2019 से CG-MP के प्रतिष्ठित न्यूज चैनल IBC24 के डिजिटल ​डिपार्टमेंट में Senior Associate Producer हैं। 2024 में महात्मा गांधी ग्रामोदय विश्वविद्यालय से Journalism and Mass Communication विषय में Ph.D अवॉर्ड हो चुके हैं। महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय वर्धा से M.Phil और कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय, रायपुर से M.sc (EM) में पोस्ट ग्रेजुएशन किया। जहां प्रावीण्य सूची में प्रथम आने के लिए तिब्बती धर्मगुरू दलाई लामा के हाथों गोल्ड मेडल प्राप्त किया। इन्होंने गुरूघासीदास विश्वविद्यालय बिलासपुर से हिंदी साहित्य में एम.ए किया। इनके अलावा PGDJMC और PGDRD एक वर्षीय डिप्लोमा कोर्स भी किया। डॉ.अनिल शुक्ला ने मीडिया एवं जनसंचार से संबंधित दर्जन भर से अधिक कार्यशाला, सेमीनार, मीडिया संगो​ष्ठी में सहभागिता की। इनके तमाम प्रतिष्ठित पत्र पत्रिकाओं में लेख और शोध पत्र प्रकाशित हैं। डॉ.अनिल शुक्ला को रिपोर्टर, एंकर और कंटेट राइटर के बतौर मीडिया के क्षेत्र में काम करने का 15 वर्ष से अधिक का अनुभव है। इस पर मेल आईडी पर संपर्क करें anilshuklamedia@gmail.com