मेरठ में मंडलायुक्त और डीआईजी ने गंगनहर पटरी मार्ग का निरीक्षण किया

मेरठ में मंडलायुक्त और डीआईजी ने गंगनहर पटरी मार्ग का निरीक्षण किया

मेरठ में मंडलायुक्त और डीआईजी ने गंगनहर पटरी मार्ग का निरीक्षण किया
Modified Date: August 3, 2026 / 07:14 pm IST
Published Date: August 3, 2026 7:14 pm IST

मेरठ (उप्र), तीन अगस्त (भाषा) मेरठ में श्रावण शिवरात्रि के मद्देनजर कांवड़ यात्रा की सुरक्षा एवं व्यवस्था का जायजा लेने के लिए मंडलायुक्त भानुचंद्र गोस्वामी और पुलिस उप महानिरीक्षक (डीआईजी) कलानिधि नैथानी ने सोमवार को गाजियाबाद सीमा स्थित निवाड़ी से मुजफ्फरनगर सीमा के खतौली तक गंगनहर पटरी कांवड़ मार्ग का निरीक्षण किया तथा अधिकारियों और पुलिसकर्मियों को आवश्यक निर्देश दिए।

सोमवार को यहां जारी एक आधिकारिक बयान के अनुसार दोनों अधिकारियों ने जानी पुल, भोला झाल, नानू पुल, दौराला पुल और सलावा झाल सहित प्रमुख स्थलों का निरीक्षण किया। बयान के अनुसार इस दौरान भोला झाल स्थित पुलिस सहायता केंद्र और एकीकृत कमान एवं नियंत्रण केंद्र (आईसीसीसी) की व्यवस्था की भी समीक्षा की गई।

बयान के अनुसार उन्होंने कांवड़ सेवा शिविरों और मेडिकल शिविरों का निरीक्षण करके श्रद्धालुओं से बातचीत की तथा भोजन, पेयजल, स्वच्छता, स्वास्थ्य सेवाओं और सुरक्षा प्रबंधों का जायजा लिया। अधिकारियों ने पुलिस, प्रशासन और संबंधित विभागों के बीच समन्वय बनाए रखने तथा यात्रा मार्ग पर सभी व्यवस्थाएं सुचारू रखने के निर्देश दिए।

बयान के अनुसार पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों को कांवड़ मार्ग पर सतर्कता के साथ ड्यूटी करने, गश्त बढ़ाने, संवेदनशील स्थानों पर विशेष निगरानी रखने, सीसीटीवी, ड्रोन और आईपी आधारित कैमरों को लगातार सक्रिय रखने तथा संदिग्ध गतिविधियों पर तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।

बयान के अनुसार महिला पुलिसकर्मियों को महिला श्रद्धालुओं से संवाद बनाए रखने और उनकी सुरक्षा पर विशेष ध्यान देने को कहा गया। अधिकारियों ने यातायात प्रबंधन, मार्ग परिवर्तन, बैरिकेडिंग तथा पुलिस सहायता केंद्रों पर पर्याप्त संसाधन उपलब्ध रखने के भी निर्देश दिए।

डीआईजी कलानिधि नैथानी ने कहा कि कांवड़ यात्रा को सुरक्षित, सुगम और व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराना प्रशासन और पुलिस की सर्वोच्च प्राथमिकता है तथा श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधा सुनिश्चित करने के लिए सभी अधिकारी पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य करें।

भाषा सं आनन्द अमित

अमित


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