फिरोजाबाद (उप्र), 17 अप्रैल (भाषा) फिरोजाबाद के टूंडला में तैनात तहसीलदार राखी शर्मा ने जिलाधिकारी रमेश रंजन पर उत्पीड़न और अनुचित दबाव डालने के गंभीर आरोप लगाए हैं, हालांकि शुक्रवार देर शाम तक इस संबंध में जिलाधिकारी की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं मिली।
तहसीलदार राखी शर्मा ने आरोप लगाया कि जिलाधिकारी रमेश रंजन और उनके कार्यालय ने उनसे कथित भ्रष्टाचार से जुड़ी एक जांच रिपोर्ट को मनचाहे ढंग से प्रस्तुत करने का दबाव डाला।
पत्रकारों से बातचीत में शर्मा ने कहा, “मुझसे रिपोर्ट को एक विशेष तरीके से पेश करने को कहा गया। जब मैंने ऐसा करने से इनकार किया, तो मुझे प्रताड़ित करना शुरू कर दिया गया।”
उन्होंने आरोप लगाया कि यह उत्पीड़न पिछले नौ महीने से जारी है।
महिला अधिकारी ने आरोप लगाया कि बिना किसी स्पष्ट कारण के उनका वेतन रोक दिया गया और सेवा अभिलेख में प्रतिकूल प्रविष्टि भी दी गई।
शर्मा ने यह भी दावा किया कि जिलाधिकारी के ओएसडी ने उनसे एक आईफोन की मांग की थी, जिसे उन्होंने उपलब्ध कराया और वह फिलहाल जिलाधिकारी द्वारा उपयोग में है।
उनके अनुसार, बाद में अदालत के आदेश पर उनका वेतन जारी किया गया, लेकिन उत्पीड़न जारी रहा और उनके खिलाफ कई जांचें शुरू कर दी गईं।
तहसीलदार ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से हस्तक्षेप की मांग करते हुए जिलाधिकारी के खिलाफ कार्रवाई और मामले की उच्चस्तरीय जांच कराने की अपील की है।
उन्होंने अपने तबादले को लेकर भी सवाल उठाए और कहा कि उनका तबादला टूंडला से शिकोहाबाद कर दिया गया है, लेकिन अब तक उन्हें कोई आधिकारिक आदेश प्राप्त नहीं हुआ है।
जिलाधिकारी से संपर्क नहीं हो सका और उनकी ओर से कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।
इस बीच, शर्मा ने एक समाचार चैनल के स्थानीय संवाददाता के खिलाफ टूंडला थाने में धमकी देने का आरोप लगाते हुए भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की संबंधित धाराओं में प्राथमिकी भी दर्ज कराई है।
भाषा सं जफर खारी
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