साफ्टवेयर इंजीनियर की मौत के बाद सरकार ने नोएडा प्राधिकरण के सीईओ को हटाया

साफ्टवेयर इंजीनियर की मौत के बाद सरकार ने नोएडा प्राधिकरण के सीईओ को हटाया

साफ्टवेयर इंजीनियर की मौत के बाद सरकार ने नोएडा प्राधिकरण के सीईओ को हटाया
Modified Date: January 19, 2026 / 08:16 pm IST
Published Date: January 19, 2026 8:16 pm IST

लखनऊ, 19 जनवरी (भाषा) ग्रेटर नोएडा में एक साफ्टवेयर इंजीनियर की हादसे में मौत को लेकर उठ रहे सवालों के बीच उत्तर प्रदेश सरकार ने सोमवार को आईएएस अफसर लोकेश एम. को नोएडा प्राधिकरण के मुख्य अधिशासी अधिकारी के पद से हटा दिया और उनका फिलहाल कोई पदस्थापन नहीं किया गया है।

एक शासकीय आदेश के मुताबिक लोकेश एम. को नोएडा प्राधिकरण के मुख्य अधिशासी अधिकारी के पद से हटा दिया गया है। उनका फिलहाल कोई पदस्थापन नहीं किया गया है।

लोकेश एम. को हटाने का सरकारी आदेश मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा साफ्टवेयर इंजीनियर युवराज मेहता की गत शुक्रवार को ग्रेटर नोएडा में एक हादसे में हुई मौत की जांच के लिये एक विशेष टीम गठित करने के हुक्म के तुरंत बाद आया है।

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सॉफ्टवेयर इंजीनियर युवराज मेहता के परिवार समेत स्थानीय लोगों ने नोएडा प्राधिकरण और ‘रियल एस्टेट डेवलपर्स’ पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा है कि इसी वजह से युवराज की मौत हुई है। उन्होंने घटना के विरोध में पदयात्रा भी निकाली।

ग्रेटर नोएडा में एक साफ्टवेयर इंजीनियर की गत शुक्रवार को गड्ढे में डूबकर हुई मौत के मामले की पड़ताल के लिये मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर सोमवार को तीन सदस्यीय एक विशेष जांच दल (एसआईटी) गठित किया गया।

राज्य सरकार के एक बयान के मुताबिक मुख्यमंत्री ने ग्रेटर नोएडा के सेक्टर 150 में 20 फुट से अधिक गहरे पानी से भरे एक गड्ढे में एक कार के गिरने से 27 वर्षीय सॉफ्टवेयर इंजीनियर युवराज मेहता की हुई मौत के मामले का संज्ञान लिया है और उनके निर्देश पर मामले की तफ्तीश के लिये तीन सदस्यीय एसआईटी का गठन किया गया है।

भाषा सलीम राजकुमार

राजकुमार


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