अगर और दो दिन ऑपरेशन सिंदूर जारी रहता तो पीओके भारत में मिल गया होता : रामभद्राचार्य
अगर और दो दिन ऑपरेशन सिंदूर जारी रहता तो पीओके भारत में मिल गया होता : रामभद्राचार्य
लखनऊ, पांच जून (भाषा) संस्कृत भाषा के विद्वान और आध्यात्मिक गुरु जगद्गुरु रामभद्राचार्य ने शुक्रवार को दावा किया कि यदि ऑपरेशन सिंदूर दो दिन और जारी रहता तो ‘‘पाकिस्तान के कब्जे वाला कश्मीर भारत में मिल गया होता।’’
सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की लखनऊ इकाई द्वारा जारी बयान के मुताबिक जगद्गुरु रामभद्राचार्य ने यह विचार लखनऊ में आयोजित श्रीराम कथा में व्यक्त किया, जिसमें रक्षामंत्री राजनाथ सिंह भी शामिल हुए।
चित्रकूट स्थित तुलसी पीठ के संस्थापक और प्रमुख रामभद्राचार्य ने 100 से अधिक पुस्तकें लिखी हैं और हिंदू धर्मशास्त्रों का ज्ञाता माना जाता है।
रामभद्राचार्य ने अपने संबोधन में कहा, ‘‘रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के कार्यकाल के दौरान ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के तहत पाकिस्तान में नौ आतंकवादी ठिकानों को नष्ट कर दिया गया था। अगर यह ऑपरेशन दो दिन और जारी रहता, तो पाकिस्तान के कब्जे वाला कश्मीर भारत में मिल गया होता।’’
दक्षिण कश्मीर के पहलगाम में 22 अप्रैल को हुए आतंकवादी हमले और 26 लोगों की हत्या किये जाने के जवाब में भारत ने मई 2025 में पाकिस्तान में आतंकी ढांचे को नष्ट करने के लिए ऑपरेशन सिंदूर शुरू किया।
बयान के मुताबिक जगद्गुरु रामभद्राचार्य ने उल्लेख किया कि जब भारतीय सेना के प्रमुख जनरल उपेन्द्र द्विवेदी ने अपनी ‘दीक्षा’ के समय ‘गुरु दक्षिणा’ (एक शिक्षक को एक पारंपरिक भेंट) देने की इच्छा व्यक्त की, तो उन्होंने कहा था कि वह पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर को भारत में वापस चाहते हैं।त
रामभद्राचार्य ने रक्षामंत्री की ओर इशारा करते हुए कहा, ‘‘आप क्षत्रिय हैं और देश की रक्षा की जिम्मेदारी आपके कंधों पर है।’’
उन्होंने विश्वास जताया कि 2029 में फिर से प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में सरकार बनेगी और राजनाथ सिंह एक बार फिर रक्षा मंत्री के रूप में देश की सेवा करेंगे।
उन्होंने यह भी मांग की कि जगद्गुरु रामभद्राचार्य दिव्यांग राज्य विश्वविद्यालय को केंद्रीय विश्वविद्यालय का दर्जा दिया जाए और रामचरितमानस को राष्ट्रीय ग्रंथ घोषित किया जाए।
उन्होंने कहा, ‘‘राम राष्ट्र के कल्याण के प्रतीक हैं।’’
अपने संबोधन में राजनाथ सिंह ने कहा कि जगद्गुरु रामभद्राचार्य को पिछले 30-32 साल से जानता हूं।
उन्होंने कहा कि ऐसी अद्भुत स्मृति और असाधारण प्रतिभा उन्होंने दुनिया में कहीं और नहीं देखी।
रक्षामंत्री ने कहा कि यह केवल सामान्य आध्यात्मिक अभ्यास का परिणाम नहीं है, बल्कि सर्वशक्तिमान की विशेष कृपा का फल है।
उन्होंने उल्लेख किया कि उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री के रूप में अपने कार्यकाल के दौरान, उन्होंने जगद्गुरु रामभद्राचार्य दिव्यांग राज्य विश्वविद्यालय के लिए कानून बनाने की सुविधा प्रदान की थी, जिसके तहत जगद्गुरु रामभद्राचार्य को जीवन भर के लिए कुलाधिपति नियुक्त किया गया था। यह देश में अपनी तरह का पहला फैसला था।
राजनाथ सिंह ने कहा कि आध्यात्मिक व्यक्ति वह होता है जिसका हृदय बड़ा होता है।
उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की पंक्तियां भी उद्धृत कीं।
भाषा अरूनव जफर
धीरज
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