उच्च न्यायालय ने निलंबित मान्यता वाले संस्थानों से संबंधित याचिका पर उप्र सरकार से जवाब मांगा

उच्च न्यायालय ने निलंबित मान्यता वाले संस्थानों से संबंधित याचिका पर उप्र सरकार से जवाब मांगा

उच्च न्यायालय ने निलंबित मान्यता वाले संस्थानों से संबंधित याचिका पर उप्र सरकार से जवाब मांगा
Modified Date: February 18, 2026 / 11:09 pm IST
Published Date: February 18, 2026 11:09 pm IST

लखनऊ, 16 फरवरी (भाषा) इलाहाबाद उच्च न्यायालय की लखनऊ पीठ ने बुधवार को उत्तर प्रदेश सरकार से पूछा कि जिन संस्थानों की मान्यता निलंबित है, उन्हें अनुदान देने के मामले में राज्य में समान नीति क्यों नहीं है।

मुख्य न्यायाधीश अरुण भंसाली और न्यायमूर्ति जसप्रीत सिंह की पीठ ने यह आदेश एजाज अहमद द्वारा दायर उस जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए पारित किया जिसमें दावा किया गया कि कुछ निलंबित मान्यता वाले संस्थानों को अनुदान दिया जा रहा है, जबकि अन्य को नहीं।

याची के अधिवक्ता अशोक पांडे ने अदालत को बताया कि उत्तर प्रदेश मदरसा शिक्षा बोर्ड के रजिस्ट्रार ने निलंबित मदरसों को अनुदान बंद करने की सिफारिश की थी, लेकिन राज्य सरकार ने इस पर कोई निर्णय नहीं लिया।

इस पर संज्ञान लेते हुए पीठ ने राज्य सरकार को अगली सुनवाई से पहले अपना जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया।

मामले की अगली सुनवाई 30 मार्च को निर्धारित है।

भाषा सं जफर खारी

खारी


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