अगर महिलाओं को सशक्त बनाना है गैस सिलेंडर वाली प्रथा बंद होनी चाहिए : प्रियंका गांधी वाद्रा |

अगर महिलाओं को सशक्त बनाना है गैस सिलेंडर वाली प्रथा बंद होनी चाहिए : प्रियंका गांधी वाद्रा

अगर महिलाओं को सशक्त बनाना है गैस सिलेंडर वाली प्रथा बंद होनी चाहिए : प्रियंका गांधी वाद्रा

:   November 29, 2022 / 08:47 PM IST

लखनऊ, आठ जनवरी (भाषा) कांग्रेस महासचिव और उत्‍तर प्रदेश मामलों की प्रभारी प्रियंका गांधी वाद्रा ने शनिवार को विधानसभा चुनाव के लिए डिजिटल चुनाव अभियान की शुरुआत करते हुए सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी पर निशाना साधा और केंद्र सरकार की उज्‍ज्‍वला योजना का नाम लिए बिना तंज कसा, ”मैं बार बार कहती हूं कि अगर आपको महिलाओं को सशक्त बनाना है तो ये एक गैस सिलेंडर वाली प्रथा बंद होनी चाहिए।”

वाद्रा ने फेसबुक लाइव के जरिये अपने संवाद में कहा, ” उन्हें (महिलाओं को) रोजगार, शिक्षा, सेहत, सुरक्षा कैसी मिल रही है, ये महत्वपूर्ण है, हमने अपने शक्ति विधान में महिलाओं के लिए काफी कुछ लिखा है कि हम उनके लिए क्या करना चाहते हैं।” उन्होंने कहा,” दूसरा यह है कि हमारा सशक्तिकरण कैसे होगा? हमसे कहा जाता है कि सहने की आदत डाल लो। यह सही है कि हम महिलाओं में सहने की शक्ति है, लेकिन महिलाओं को अपनी शक्ति पहचाननी होगी, महिलाओं को अपने हक के लिए लड़ना होगा।”

उल्‍लेखनीय है कि केंद्र सरकार ने महिलाओं को नि:शुल्‍क गैस कनेक्‍शन की योजना शुरू की है।

वाद्रा ने दावा किया, ‘‘हम महिलाओं की उपेक्षा नहीं होने देंगे।’’ उन्होंने कहा कि वह अपनी पार्टी के ‘लड़की हूं, लड़ सकती हूं’ अभियान को सभी राज्यों में ले जाना चाहती हैं। उन्होंने कहा, ‘पिछले एक महीने में, उत्तर प्रदेश में सभी राजनीतिक दलों ने महिला मुद्दों पर बात करना शुरू कर दिया है, चाहे वह सपा हो, भाजपा हो, यह सभी महिलाओं की एक बड़ी उपलब्धि है।’

न्यूजीलैंड की प्रधानमंत्री जैसिंडा अर्डर्न और अपनी दादी पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी को अपनी प्रेरणा बताते हुए उन्होंने निडरता को पूर्व प्रधानमंत्री का सबसे बड़ा गुण बताया और एक घटना को याद करते हुए कहा कि उन्हें (इंदिरा गांधी को) एक आयरन लेडी ( लौह महिला) क्यों कहा जाता था।

वाद्रा ने कहा, ” मेरी दादी इंदिरा गांधी जी भी मेरी प्रेरणा हैं। मैं उनसे भी प्रभावित हूं, इंदिरा गांधी जी एक सभा में भाषण दे रही थी तभी पथराव हो गया। उन्हें एक पत्थर आकर नाक पर लगा। खास बात ये है कि वे पीछे नहीं हटीं। फिर से खड़ी हुईं, भाषण पूरा किया। इंदिरा गांधी जी साहस की मिसाल थीं। उन्होंने हमेशा सही निर्णय लिया। वह आयरन लेडी थीं साथ ही उनमें धैर्य, निडरता, वीरता थी। वह महिला सशक्तिकरण की भी मिसाल हैं।”

विधानसभा चुनाव में महिलाओं को 40 प्रतिशत टिकट देने के कांग्रेस के वादे पर उन्‍होंने कहा, ”मैंने व्यक्तिगत रूप से 50 प्रतिशत का समर्थन किया, दरअसल महिलाओं के लिए 40 प्रतिशत आरक्षण सही भागीदारी नहीं है, सही है कि ये हिस्सेदारी 50 प्रतिशत होनी चाहिए।”

यह पूछे जाने पर कि वह भाजपा की चुनौती का सामना कैसे करेंगी, जिसकी सबसे बड़ी ताकत कथित रूप से नफरत है, उन्होंने कहा, ‘‘नकारात्मकता से केवल सकारात्मकता से ही निपटा जा सकता है।”

उन्‍होंने कहा कि ”नफरत और हिंसा की राजनीति इसलिए की जाती है ताकि उनसे सवाल न पूछा जाए और लोग इसी में फंसे रहें, लेकिन इसका समाधान यही है कि सकारात्मकता और प्रेम से सही विकास की ओर कदम बढ़ाया जाए।”

कांग्रेस महासचिव ने फेसबुक लाइव के माध्यम से डिजिटल संवाद किया। इस संवाद में उन्होंने कहा, ”कांग्रेस ने कोविड की वजह से अपनी रैलियां रद्द कर दी हैं, मैंने तय किया कि हम फेसबुक लाइव के जरिये बात करें। मेरी कोशिश रहेगी कि हम लगातार आपसे जुड़ें और अनौपचारिक रूप से बातचीत करें।”

भाषा आनन्द

राजकुमार

राजकुमार

 

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