अमरोहा (उप्र), दो जनवरी (भाषा) उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम (यूपीएसआरटीसी) के चांदपुर डिपो के एक चालक ने ईमानदारी का दुर्लभ उदाहरण पेश करते हुए खो गये 40,000 रुपये नकद, गहने, एक मोबाइल फोन और व्यक्तिगत दस्तावेज असली मालिक को लौटा दिए।
सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक (एआरएम) पन्ना लाल पथारिया और स्टेशन अधीक्षक राजकुमार ने बताया कि निगम के एक चालक को खोई हुई कीमती वस्तुएं मिलीं और ये चीजें संबंधित व्यक्ति को लौटा दी गयीं।
उन्होंने बताया कि यह घटना बृहस्पतिवार शाम को दिल्ली से नूरपुर जाने वाली चांदपुर डिपो की एक बस में हुई।
अधिकारियों के अनुसार, दिल्ली से नूपुर जा रही बस कम यात्रियों के साथ चुचैला पहुंची, जिसके चलते शेष यात्रियों को दूसरे वाहन में बिठाने का निर्णय लिया गया। इस दौरान, अमरोहा जिले के जमना खास के अनमोल त्यागी अनजाने में अपना बैग सीट पर छोड़कर उतर गये।
अधिकारियों के मुताबिक चांदपुर बस डिपो में तैनात चुचैला गांव के चालक तस्लीम अहमद ने खाली वाहन का निरीक्षण करते समय बैग पाया। प्रोटोकॉल का पालन करते हुए, अहमद ने गवाहों की मौजूदगी में बैग की जांच की।
राजकुमार ने बताया कि बैग में 40,000 रुपये नकद, एक सोने की चेन, एक मोबाइल फोन और विभिन्न व्यक्तिगत दस्तावेज थे जिन्हें त्यागी को लौटा दिये गये।
पिछले दो वर्षों से यूपीएसआरटीसी से जुड़े तसलीम अहमद ने संपर्क करने पर ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया, ‘‘बस दिल्ली से नूरपुर जा रही थी। शाम के लगभग 6:30 बजे थे, जब मेरी बस में मुश्किल से 6-7 यात्री थे। बस में भी कुछ खराबी थी, इसलिए, मैंने उन्हें उसी गंतव्य की ओर जाने वाली दूसरी बस में बिठा दिया।’
अहमद के अनुसवार बैग मिलने पर उन्होंने उसके मालिक का पता लगाने के लिए परिचालक (जो यात्रियों के साथ ही यात्रा कर रहा था) से संपर्क किया। एक संपर्क नंबर मिलने के बाद, उन्होंने अनमोल त्यागी से संपर्क किया।
अहमद ने बताया कि जब त्यागी ने सामान लेने के लिए एक प्रतिनिधि भेजने का प्रस्ताव रखा, तो चालक ने यह कहते हुए मना कर दिया कि वह केवल (बैग) मालिक के बस टिकटों के सत्यापन के बाद ही बैग उसे सौंपेगा।
यूपीएसआरटीसी चालक ने कहा, ‘बैग को उसके असली मालिक को लौटाना मेरा कर्तव्य था। मैं यह सुनिश्चित करना चाहता था कि मैं बैग असली मालिक को ही दूं, इसलिए सत्यापन के लिए मैंने अनमोल त्यागी को खुद आकर बैग लेने और सबूत के तौर पर बस टिकट दिखाने के लिए कहा।’
इस बीच, बेंगलुरु के सॉफ्टवेयर इंजीनियर अनमोल त्यागी ने बताया कि घटना के समय वह बेंगलुरु से अमरोहा जिले में अपने गांव लौट रहे थे।
उन्होंने यह भी पुष्टि की कि नकदी समेत उनका सारा सामान, जो उन्होंने अन्य यात्रियों के साथ बस में छोड़ दिया था, सुरक्षित उनके पास वापस आ गया है।
भाषा सं आनन्द राजकुमार
राजकुमार