लखनऊ में एलडीए ने उस इमारत को गिराने की प्रक्रिया शुरू की, जिसमें आग लगने से 15 लोगों ने जान गंवाई

लखनऊ में एलडीए ने उस इमारत को गिराने की प्रक्रिया शुरू की, जिसमें आग लगने से 15 लोगों ने जान गंवाई

लखनऊ में एलडीए ने उस इमारत को गिराने की प्रक्रिया शुरू की, जिसमें आग लगने से 15 लोगों ने जान गंवाई
Modified Date: June 23, 2026 / 11:47 am IST
Published Date: June 23, 2026 11:47 am IST

लखनऊ, 23 जून (भाषा) लखनऊ विकास प्राधिकरण (एलडीए) ने अलीगंज की उस अवैध व्यावसायिक इमारत को गिराने का नोटिस जारी किया है, जिसमें आग लगने से 15 लोगों की मौत हो गई थी। एलडीए के उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार ने यह जानकारी दी।

एलडीए ने इस रिहायशी इमारत को व्यावसायिक तौर पर गैर-कानूनी तरीके से चलाने के मामले में अपने ही संबंधित अधिकारियों के खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी है।

अधिकारियों के मुताबिक, तीन मंजिला इस इमारत को 2016 में गैर-कानूनी निर्माण के कारण गिराने का आदेश दिया गया था, लेकिन दो महीने से भी कम समय में उस आदेश को वापस ले लिया गया था।

एलडीए के उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार ने पीटीआई-भाषा को बताया, ‘हमने अलीगंज की उस इमारत को (निर्माण संबंधी) नियमों के उल्लंघन को लेकर एक बार फिर गिराने का नोटिस जारी किया है, जहां सोमवार को आग लगी थी।’

कुमार ने कहा, ‘हमने लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों के खिलाफ भी जांच शुरू कर दी है और उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।’

उन्होंने कहा कि ऐसे अधिकारियों की पहचान करने और इतने सालों में उनकी भूमिका व जिम्मेदारियों का पता लगाने की प्रक्रिया चल रही है।

अधिकारियों के मुताबिक, सोमवार दोपहर अलीगंज की तीन मंजिला बिल्डिंग में आग लग गई, जिसमें एक एनिमेशन सेंटर भी था। हादसे में 15 लोगों की मौत हुई, जिनमें ज्यादातर छात्र थे। हादसे में नौ अन्य लोग घायल हुए।

पुलिस के अनुसार, सोमवार को इस मामले में चार लोगों को गिरफ्तार किया गया जो क्रमश: रामकृष्ण उपाध्याय (43), वीरेंद्र प्रसाद शुक्ला (62), तुषार कृष्ण जायसवाल (31) और सुरेश कुमार साहू हैं। इसके अलावा बिजली विभाग, अग्निशमन विभाग और लखनऊ विकास प्राधिकरण के चार अधिकारियों को भी निलंबित कर दिया गया है।

अलीगंज के सेक्टर-डी स्थित ऊषा मेहता मार्ग पर इमारत में आग की घटना की जांच के लिए उप्र सरकार ने अपर मुख्‍य सचिव (पर्यटन) अमृत अभिजात और अपर पुलिस महानिदेशक (एडीजी) लखनऊ जोन, प्रवीण तिवारी की दो सदस्यीय एक विशेष जांच दल (एसआईटी) का भी गठन किया है।

भाषा किशोर आनन्‍द

मनीषा

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