उत्तर प्रदेश में संपत्ति की रजिस्ट्री से पहले खतौनी और स्वामित्व दस्तावेजों की जांच अनिवार्य होगी

उत्तर प्रदेश में संपत्ति की रजिस्ट्री से पहले खतौनी और स्वामित्व दस्तावेजों की जांच अनिवार्य होगी

उत्तर प्रदेश में संपत्ति की रजिस्ट्री से पहले खतौनी और स्वामित्व दस्तावेजों की जांच अनिवार्य होगी
Modified Date: March 10, 2026 / 10:16 pm IST
Published Date: March 10, 2026 10:16 pm IST

लखनऊ, 10 मार्च (भाषा) उत्तर प्रदेश में संपत्ति की रजिस्ट्री प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और सुरक्षित बनाने के लिए एक महत्वपूर्ण प्रस्ताव को मंजूरी दी गई है।

एक आधिकारिक जानकारी के अनुसार मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में मंत्रिमंडल की बैठक में फैसला लिया गया कि रजिस्ट्री से पहले खतौनी और स्वामित्व से जुड़े दस्तावेजों की जांच अनिवार्य की जाएगी ताकि फर्जी और विवादित जमीन की रजिस्ट्री को रोका जा सके।

स्टाम्प एवं पंजीयन राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) रविन्द्र जायसवाल ने बताया कि कई मामलों में यह देखा गया है कि संपत्ति के वास्तविक स्वामी के अलावा अन्य व्यक्ति संपत्ति को बेच देता है।

उन्होंने कहा कि इन समस्याओं को देखते हुए उत्तर प्रदेश में रजिस्ट्रेशन अधिनियम एवं नियमावली में संशोधन करने का निर्णय लिया गया है।

मंत्री ने बताया कि इस व्यवस्था के लागू होने से फर्जी और विवादित संपत्तियों की रजिस्ट्री पर प्रभावी रोक लगेगी और आम लोगों को अदालतों में अनावश्यक परेशानियों से राहत मिलेगी।

भाषा आनन्द जोहेब

जोहेब


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