उप्र: बसपा विधायक उमा शंकर सिंह के लखनऊ और बलिया स्थित परिसर पर आयकर की छापेमारी

उप्र: बसपा विधायक उमा शंकर सिंह के लखनऊ और बलिया स्थित परिसर पर आयकर की छापेमारी

उप्र: बसपा विधायक उमा शंकर सिंह के लखनऊ और बलिया स्थित परिसर पर आयकर की छापेमारी
Modified Date: February 25, 2026 / 06:30 pm IST
Published Date: February 25, 2026 6:30 pm IST

लखनऊ, 25 फरवरी (भाषा) आयकर विभाग ने उत्तर प्रदेश विधानसभा में बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के एकमात्र विधायक उमा शंकर सिंह के लखनऊ और बलिया स्थित आवासों पर बुधवार को छापेमारी की। एक अधिकारी ने इसकी जानकारी दी।

अधिकारी ने, हालांकि, बुधवार की दोपहर तक छापेमारी के कारणों या उसके परिणाम के बारे में कोई जानकारी नहीं दी।

सिंह (55) बलिया जिले के रसड़ा विधानसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करते हैं। वह तीन बार के विधायक हैं और इससे पहले निर्माण व्यवसाय से जुड़े थे।

इस बीच, बसपा विधायक के रिश्तेदार तथा भाजपा नेता और प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार में मंत्री दिनेश सिंह ने सोशल मीडिया पर पोस्ट के जरिए इस छापेमारी का विरोध किया है।

मंत्री ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘आज आयकर विभाग बलिया जिले के रसड़ा से विधायक उमा शंकर सिंह के घर पर छापेमारी कर रहा है, जिनके परिवार में हमारी रिश्तेदारी है।’’

उन्होंने कहा कि राज्य और देश के नेताओं के साथ-साथ आयकर विभाग सहित सभी अधिकारियों को इस बात की जानकारी है कि विधायक पिछले दो वर्षों से गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रहे हैं।

भाजपा नेता ने कहा, ‘‘दो साल से अधिक समय से वह जीवन और मौत के बीच जूझ रहे हैं। मौजूदा परिस्थितियों में उनका सारा समय और धन उन्हें बचाने में खर्च हो रहा है न कि कुछ अर्जित करने में। उनके सभी कारोबार लगभग बंद हो गये हैं।’’

उन्होंने कहा, ‘‘आज वह अपने ही आवास में पृथक-वास में रह रहे हैं और वह विधानसभा सत्र में भी भाग नहीं ले सके हैं।

दिनेश सिंह ने कहा, ‘‘विधानसभा का सत्र एक विधायक के लिए महत्वपूर्ण होता है लेकिन एक घंटे के लिए भी सदन में जाने की स्थिति में नहीं हैं।’’

उन्होंने आरोप लगाया कि छापेमारी के दौरान उनके घर पर नर्स या डॉक्टर को भी जाने की अनुमति नहीं है। उन्होंने कहा, ‘‘इस समय तो नर्स या डॉक्टर को भी उनके घर जाने की अनुमति नहीं दी जा रही है। यदि उनके जीवन को कोई हानि होती हैं तो ये संवेदनहीन संस्थायें ही जिम्मेदार होंगी।”

सिंह ने कहा कि इस प्रकार की परिस्थितियों में दुर्लभतम अपराधों में भी माननीय न्यायालय दया के आधार पर याचिका स्वीकार कर दोष मुक्त कर देते हैं।

मंत्री ने कहा, ”लेकिन इस कठिन दौर में भी कौन संवदेनहीन राजनेता या संस्था हो सकती है, जो ऐसी परिस्थितियों में भी पीड़ा देने की सोच सकता है, प्रभु ऐसे लोगों और संस्थाओं को सदबुद्धि दें।”

बसपा विधायक उमाशंकर काफी समय से बीमार हैं। कई महीने पहले बसपा प्रमुख मायावती भी राजधानी स्थित उनके घर पर उनका हाल चाल लेने गयी थीं।

भाषा जफर राजकुमार रंजन संतोष

संतोष


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