वेनेजुएला से लाए गए भारतीय नाविक के अंग गायब पाए जाने के बाद परिवार ने जांच की मांग की

वेनेजुएला से लाए गए भारतीय नाविक के अंग गायब पाए जाने के बाद परिवार ने जांच की मांग की

वेनेजुएला से लाए गए भारतीय नाविक के अंग गायब पाए जाने के बाद परिवार ने जांच की मांग की
Modified Date: July 2, 2026 / 07:47 pm IST
Published Date: July 2, 2026 7:47 pm IST

देवरिया (उप्र), दो जुलाई (भाषा) वेनेजुएला से भारत लाए गए देवरिया जिले के 33 वर्षीय नाविक के शव के पोस्टमार्टम में उसके कई आंतरिक अंग कथित तौर पर गायब पाए जाने के बाद परिजनों ने मामले की उच्चस्तरीय जांच कराए जाने की मांग की है।

देवरिया जिले के लंगड़ा बाजार टोला निवासी राकेश चौहान (33) वेनेजुएला में एक वाणिज्यिक पोत पर कार्यरत थे।

‘फेडरेशन ऑफ सीफेरर्स यूनियन ऑफ इंडिया’ (एफएसयूआई) ने भी मामले को गंभीर करार देते हुए वेनेजुएला के अधिकारियों की जवाबदेही तय करने और भारतीय दूतावास के तत्काल हस्तक्षेप की मांग की।

नाविक के परिवार ने बताया कि चौहान नवंबर 2025 में एक निजी कंपनी के माध्यम से एक वाणिज्यिक पोत पर चालक दल के सदस्य के रूप में वेनेजुएला गए थे।

चौहान के परिजनों के अनुसार, कंपनी ने इस साल मई में उन्हें बताया कि पोत पर गिरने से चौहान गंभीर रूप से घायल हो गए हैं और उनका इलाज किया जा रहा है।

परिजन के अनुसार, इसके अगले ही दिन परिवार को बताया गया कि चौहान के बचने की संभावना केवल पांच प्रतिशत है और उसी दिन बाद में उन्हें चौहान की मौत की सूचना दी गई थी।

कंपनी ने मौत का कारण गिरने से लगी चोट बताया और परिवार को आश्वासन दिया कि शव एक सप्ताह के भीतर भारत भिजवा दिया जाएगा लेकिन उसे करीब एक महीने बाद जून में देवरिया पहुंचाया गया।

परिवार के सदस्यों ने बताया कि शुरुआत में शव की जांच करने वाले चिकित्सकों ने उन्हें बताया कि पोस्टमार्टम पहले ही किया जा चुका है और सक्षम प्राधिकारी की अनुमति के बिना दोबारा पोस्टमार्टम नहीं किया जा सकता। इसके बाद जिलाधिकारी के आदेश पर दो दिन पहले शव का दूसरा पोस्टमार्टम किया गया।

मेडिकल कॉलेज के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. एच. के. मिश्रा ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट के मुताबिक, मस्तिष्क, हृदय, दोनों फेफड़े, यकृत, दोनों गुर्दे, तिल्ली और आंत सहित कई प्रमुख आंतरिक अंग गायब थे।

रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि थायरॉयड, हायोइड हड्डी (गर्दन के अग्र भाग में निचले जबड़े के नीचे स्थित एक छोटी ‘यू’ आकार की हड्डी) और श्वासनली भी गायब थीं।

रिपोर्ट में गर्दन से जघन क्षेत्र तक करीब 60 सेंटीमीटर लंबा चीरा और सिर के पीछे करीब 20 सेंटीमीटर लंबा एक अन्य चीरा होने का उल्लेख किया गया है तथा इन दोनों चीरों पर टांके लगे थे। रिपोर्ट में कहा गया कि आंतरिक अंग गायब होने के कारण मौत के सही कारण का पता नहीं लगाया जा सका।

राकेश के पिता रामदेव चौहान ने आरोप लगाया कि उनके बेटे की मौत किन परिस्थितियों में हुई, इस बारे में परिवार को अंधेरे में रखा गया।

उन्होंने दावा किया कि विदेश में हुई जांच से संबंधित पोस्टमार्टम रिपोर्ट या कोई अन्य आधिकारिक दस्तावेज उन्हें उपलब्ध नहीं कराया गया।

उन्होंने केंद्र और उत्तर प्रदेश सरकार से मामले की निष्पक्ष जांच कराने, संबंधित कंपनी के खिलाफ कार्रवाई करने और जिम्मेदार लोगों को कड़ी सजा देने की मांग की।

एफएसयूआई ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर जारी एक बयान में कहा कि शव को पोस्टमार्टम रिपोर्ट और अन्य अनिवार्य दस्तावेजों के बिना भारत भेजा गया।

संगठन ने वेनेजुएला के अधिकारियों की जवाबदेही तय करने, भारतीय दूतावास से तत्काल हस्तक्षेप करने, पूरी पोस्टमार्टम रिपोर्ट सार्वजनिक करने, नाविक की मौत की परिस्थितियों की गहन जांच कराने और शोकसंतप्त परिवार को न्याय तथा पर्याप्त मुआवजा देने की मांग की।

भाषा सं जफर शफीक

शफीक


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