शाहजहांपुर में पुलिस मामलों में पीड़ितों को बिना भाग-दौड़ के जल्द न्याय दिलाने की पहल

शाहजहांपुर में पुलिस मामलों में पीड़ितों को बिना भाग-दौड़ के जल्द न्याय दिलाने की पहल

शाहजहांपुर में पुलिस मामलों में पीड़ितों को बिना भाग-दौड़ के जल्द न्याय दिलाने की पहल
Modified Date: May 12, 2026 / 02:10 pm IST
Published Date: May 12, 2026 2:10 pm IST

शाहजहांपुर (उप्र), 12 मई (भाषा) शाहजहांपुर जिले में अपराधों पर अंकुश लगाने एवं पीड़ित को बिना भाग-दौड़ किये त्वरित न्याय दिलाने के लिए एक अनोखी पहल की गयी है।

पुलिस अधीक्षक सौरभ दीक्षित का कहना है कि किसी भी मामले में अब ‘पुलिस रिस्पांस व्हीकल’ (पीआरवी) सेवा के कर्मचारी सीधे शिकायतकर्ताओं से तहरीर लेकर उसे सम्बन्धित थाने तक पहुंचाएंगे, फलस्वरूप शिकायत पर त्वरित कार्रवाई होने के साथ-साथ लोगों को बार-बार थाने जाने की जहमत नहीं करनी होगी।

दीक्षित ने मंगलवार को ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया कि अक्सर यह देखा जाता है कि बड़ी संख्या में लोग अपनी समस्याएं लेकर जिले के दूर-दराज इलाकों से मुख्यालय आते हैं जिससे उनके पैसे और समय दोनों ही बर्बाद होते हैं, मगर इन सब मामलों में ज्यादातर यह पाया गया कि शिकायत अक्सर थाने पर घटना के काफी देर बात की जाती है और पूरे घटनाक्रम को तोड़-मरोड़ कर पेश किया जाता है।

उन्होंने बताया कि इस पहल में पीआरबी शाखा को निर्देश दिए गए हैं कि पुलिसकर्मी मौके पर पहुंचकर पीड़ित से प्रार्थना पत्र लेंगे और उसे तत्काल सम्बन्धित थाने में भेजेंगे एवं थाना प्रभारी की जिम्मेदारी होगी कि वह उस पर तत्काल कार्रवाई करे।

दीक्षित ने कहा कि इसके लिये पीड़ित पक्ष डायल 112 पर फोन करके सूचना देगा, जिसके बाद पीआरबी टीम मौके पर पहुंचेगी और खुद प्रार्थनापत्र लेकर उसे सम्बन्धित थाने में भेजेगी।

उन्होंने बताया कि इससे पहले तक पीआरबी टीम मौके पर पहुंचकर पीड़ितों को थाने भेजती थी, ऐसे में उनका समय और पैसे दोनों बर्बाद होते थे लेकिन अब उन्हें थाने जाने की जरूरत नहीं होगी और पुलिस उनसे स्वयं संपर्क करेगी।

पुलिस अधीक्षक ने बताया कि रविवार को शुरू की गयी इस पहल के अच्छे नतीजे भी मिल रहे हैं।

उन्होंने बताया कि पिछले 24 घंटे के दौरान पीआरबी टीम ने 66 शिकायतों को सम्बन्धित थाने पहुंचाया जिनमें से आधी से ज्यादा को निस्तारित किया जा चुका है।

पुलिस अधीक्षक ने कहा कि इस पहल की प्रगति की वह समय-समय पर समीक्षा करेंगे।

भाषा सं. सलीम मनीषा राजकुमार

राजकुमार


लेखक के बारे में