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UP kidney Racket Case: कानपुर: उत्तर प्रदेश के कानपुर में किडनी रैकेट के खुलासे के बाद हड़कंप मच गया है। इस मामले में क्राइम ब्रांच और पुलिस की टीमें अब इसकी जड़ों तक पहुंचने के लिए लगातार कार्रवाई कर रही हैं। पुलिस ने आरोपी शिवम को हिरासत में लेकर सोमवार को कई घंटों तक गहन पूछताछ की, जिसमें इस अवैध कारोबार से जुड़े कई चौंकाने वाले खुलासे सामने आए हैं। जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि इस नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल हैं और यह गिरोह कब से सक्रिय था।
पूछताछ के दौरान आरोपी ने बताया कि इस पूरे किडनी रैकेट को बेहद चालाकी से अंजाम दिया जाता था। शक से बचने के लिए किडनी लेने वाले व्यक्ति को डोनर का रिश्तेदार बताया जाता था। इसके लिए पहले गरीब लोगों को निशाना बनाया जाता था और उन्हें परिवार का इकलौता सहारा बताकर कम कीमत में किडनी देने के लिए तैयार किया जाता था। इस तरह कागजी प्रक्रिया को भी इस तरह मैनेज किया जाता था कि सब कुछ वैध दिखे और किसी को शक न हो।
आरोपी ने यह भी खुलासा किया कि जरूरतमंद मरीजों के परिजनों को उनकी बिगड़ती सेहत का हवाला देकर जल्द किडनी का इंतजाम करने का दबाव बनाया जाता था। इसके बाद उन्हें एक डोनर के बारे में बताया जाता और उनकी आर्थिक स्थिति के हिसाब से मोटी रकम वसूली जाती थी। इस पूरे खेल में दलाल भारी मुनाफा कमाते थे और जरूरतमंद परिवारों की मजबूरी का फायदा उठाते थे। फिलहाल पुलिस इस नेटवर्क के अन्य सदस्यों की तलाश में जुटी है और उम्मीद जताई जा रही है कि जल्द ही इस रैकेट से जुड़े और बड़े नाम सामने आ सकते हैं।
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