Keshav Prasad Maurya On Vande Mataram Controversy: ‘रस्सी जल गई, पर ऐंठन नहीं गई…’ कांग्रेस के वंदे मातरम् को लेकर फैसले पर भड़के डिप्टी सीएम केशव मौर्य

Keshav Prasad Maurya On Vande Mataram Controversy: 'रस्सी जल गई, पर ऐंठन नहीं गई…' कांग्रेस के वंदे मातरम् को लेकर फैसले पर भड़के डिप्टी सीएम केशव मौर्य

Keshav Prasad Maurya On Vande Mataram Controversy: ‘रस्सी जल गई, पर ऐंठन नहीं गई…’ कांग्रेस के वंदे मातरम् को लेकर फैसले पर भड़के डिप्टी सीएम केशव मौर्य

Keshav Prasad Maurya On Vande Mataram Controversy: 'रस्सी जल गई, पर ऐंठन नहीं गई…' कांग्रेस के वंदे मातरम् को लेकर फैसले पर भड़के डिप्टी सीएम केशव मौर्य /image: Social Media

Modified Date: August 20, 2026 / 02:11 pm IST
Published Date: August 20, 2026 1:47 pm IST
HIGHLIGHTS
  • डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने वंदे मातरम् को लेकर कांग्रेस पर तीखा हमला बोला
  • सोशल मीडिया पोस्ट में उन्होंने कांग्रेस के केवल दो अंतरे गाने के फैसले पर सवाल उठाए
  • मौर्य ने कहा कि उनके अनुसार वंदे मातरम् सभी छह छंदों के साथ गूंजेगा

लखनऊ। Keshav Prasad Maurya On Vande Mataram Controversy: उत्तर प्रदेश के डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य (UP Deputy CM Keshav Prasad Maurya) ने कांग्रेस के सभी कार्यक्रमों में वंदे मातरम् के केवल दो अंतरे गाए जाने के फैसले को लेकर को कांग्रेस पार्टी पर जमकर निशाना साधा है। उन्होंने अपने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट शेयर किया है।

केशव प्रसाद मौर्य ने लिखा कि- रस्सी जल गई, पर ऐंठन नहीं गई। गांधी परिवार और उसकी जेबी कांग्रेस (Congress Vande Mataram) का आज भी यही हाल है। ‘वंदे मातरम्’ के केवल दो छंद (Vande Mataram Six Verses) गाने के अपने 90 वर्ष पुराने निर्णय पर कांग्रेस वर्किंग कमेटी ने एक बार फिर मुहर लगा दी है। कट्टरपंथियों के दबाव में राष्ट्रगीत को अधूरा रखने की यही हठधर्मिता कांग्रेस को लगातार जनभावनाओं से दूर करती जा रही है।

 

 

 

यह निर्णय तुष्टीकरण की राजनीति से प्रेरित है (Congress Working Committee)

Keshav Prasad Maurya On Vande Mataram Controversy उन्होंने आगे लिखा कि गांधी परिवार के इशारों पर चलने वाली कांग्रेस का यह निर्णय किसी वैचारिक सिद्धांत से नहीं, बल्कि वोटबैंक और तुष्टीकरण की राजनीति से प्रेरित है। धर्म के आधार पर की गई राजनीति की भयावह कीमत देश विभाजन के रूप में चुका चुका है, लेकिन कांग्रेस आज भी राष्ट्रीय एकता के प्रतीक को धार्मिक वोटों के तराजू पर तौल रही है।

मां दुर्गा, मां लक्ष्मी और मां सरस्वती के उल्लेख से परहेज क्यों? (Vande Mataram Controversy)

कांग्रेस को साफ़ करना चाहिए कि उसे मां दुर्गा, मां लक्ष्मी और मां सरस्वती के उल्लेख से परहेज क्यों है? वह किसे ख़ुश करने के लिए राष्ट्रगीत के चार छंदों को छोड़ने पर अड़ी है? उसकी यह जिद ‘एक्सीडेंटल हिंदू’ वाली मानसिकता और छद्म धर्मनिरपेक्षता का असली चेहरा उजागर करती है।

‘वंदे मातरम्’ अधूरा नहीं, अपने सभी छह छंदों के साथ गूंजेगा… (Congress Vande Mataram)

कांग्रेस को समझ लेना चाहिए कि देश अब तुष्टिकरण और वोटबैंक की संकीर्ण राजनीति से बहुत आगे बढ़ चुका है। पूरे देश में ‘वंदे मातरम्’ अधूरा नहीं, अपने सभी छह छंदों के साथ गूंजेगा और इसकी प्रचंड ध्वनि गांधी परिवार की चौखट से लेकर कांग्रेस मुख्यालय तक सुनाई देगी।

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लेखक के बारे में

सवाल आपका है... 9 सालों से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं. पिछले 7 सालों से डिजिटल मीडिया से जुड़े हुए हैं और कई मीडिया संस्थानों में अपना योगदान दिया है. इन्होंने कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय से इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में मास्टर की डिग्री ली है.