लखनऊ, एक जून (भाषा) लखनऊ में किंग जॉर्ज मेडिकल विश्वविद्यालय में ‘असाध्य योजना’ के तहत कैंसर रोगियों के लिए महंगी दवाओं और इंजेक्शनों के उपयोग में बड़े पैमाने पर अनियमितताएं सामने आने के बाद रविवार को यूरोलॉजी विभाग के दवा काउंटर पर तैनात सभी संविदा कर्मचारियों को हटा दिया गया। विश्वविद्यालय के एक अधिकारी ने सोमवार को यह जानकारी दी।
केजीएमयू के प्रवक्ता प्रोफेसर केके सिंह ने हटाए गए संविदा कर्मचारियों की संख्या नहीं बताई, लेकिन कहा कि कर्मचारियों को विभागाध्यक्ष के कार्यालय से संबद्ध कर दिया गया है।
उन्होंने कहा कि हटाए गए संविदा कर्मचारियों को मामले की जांच पूरी होने तक लखनऊ में ही रहने का आदेश दिया गया है।
सिंह ने बताया कि मामले की जांच के लिए पांच सदस्यीय समिति गठित की गयी है और यदि कोई भी कर्मचारी दोषी पाया गया तो सेवा समाप्ति, नुकसान की वसूली समेत सख्त कार्रवाई की जाएगी।
विश्वविद्यालय के अधिकारियों के अनुसार, अधिकारियों ने असाध्य योजना के तहत चिकित्सा व्यय में अक्टूबर-नवंबर 2025 में लगभग 10 लाख रुपये प्रति माह, फरवरी 2026 में लगभग 40 लाख रुपये और उसके बाद मार्च 2026 में 45 लाख रुपये तक की वृद्धि देखी, जिसके बाद 28 मई को जांच शुरू की गई थी।
भाषा अरूनव जफर पारुल जोहेब
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