एलआईसी चेक धोखाधड़ी मामले में अदालत ने धन शोधन के आरोपी को दोषी ठहराया
एलआईसी चेक धोखाधड़ी मामले में अदालत ने धन शोधन के आरोपी को दोषी ठहराया
लखनऊ, 15 सितंबर (भाषा) लखनऊ की एक विशेष पीएमएलए अदालत ने मंगलवार को एक व्यक्ति को धन शोधन के मामले में दोषी करार देते हुए साढ़े तीन साल के सश्रम कारावास की सजा सुनाई। अधिकारियों ने बताया कि अदालत ने दोषी पर 20,000 रुपये का जुर्माना भी लगाया है।
यह मामला भारतीय जीवन बीमा निगम (एलआईसी) के दो दर्जन से अधिक चेक को धोखाधड़ी से भुनाने से जुड़ा है।
अधिकारियों ने बताया कि विशेष अदालत ने समीर जोशी को धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) की धाराओं के तहत दोषी ठहराया है।
अदालत ने अपने आदेश में कहा कि यदि दोषी जुर्माने की राशि जमा नहीं करता है, तो उसके कारावास की अवधि छह महीने और बढ़ा दी जाएगी।
अधिकारियों के अनुसार, धन शोधन का यह मामला जोशी और कुछ अन्य लोगों के खिलाफ केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) द्वारा दर्ज की गई प्राथमिकी पर आधारित है।
सीबीआई ने आरोपियों पर 54,23,775 रुपये मूल्य के एलआईसी के 29 फर्जी चेक तैयार करने और उन्हें धोखाधड़ी से भुनाने का आरोप लगाया था।
भाषा प्रचेता पारुल
पारुल

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