लोजपा (रामविलास) ने की पासवान और कांशीराम को ‘भारत रत्न’ देने की मांग

लोजपा (रामविलास) ने की पासवान और कांशीराम को ‘भारत रत्न’ देने की मांग

लोजपा (रामविलास) ने की पासवान और कांशीराम को ‘भारत रत्न’ देने की मांग
Modified Date: July 15, 2026 / 11:38 pm IST
Published Date: July 15, 2026 11:38 pm IST

लखनऊ, 15 जुलाई (भाषा) लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) ने बुधवार को अपनी प्रदेश कार्यकारिणी की बैठक में पार्टी के संस्थापक रामविलास पासवान और बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के संस्थापक कांशीराम को देश का सर्वोच्च नागरिक सम्मान ‘भारत रत्न’ देने की मांग संबंधी प्रस्ताव पारित किया।

केंद्रीय मंत्री एवं लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के राष्ट्रीय अध्यक्ष चिराग पासवान ने बैठक के बाद संवाददाताओं से कहा कि पार्टी ने रामविलास पासवान और कांशीराम को ‘भारत रत्न’ प्रदान किए जाने की मांग वाला प्रस्ताव पारित किया है।

उन्होंने बताया कि इस प्रस्ताव को औपचारिक रूप से केंद्र सरकार के पास भेजा जाएगा।

चिराग पासवान ने कहा, ‘‘हमने लगभग 14 प्रस्ताव पारित किए हैं। इनमें सबसे महत्वपूर्ण प्रस्ताव हमारे नेता और पार्टी के संस्थापक रामविलास पासवान को ‘भारत रत्न’ दिए जाने का है। हमने यह भी मांग की है कि समाज के वंचित वर्गों के उत्थान में उनके योगदान को देखते हुए कांशीराम को भी ‘भारत रत्न’ प्रदान किया जाए।’

बैठक में वर्ष 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव की रणनीति और राज्य में संगठन के विस्तार पर भी चर्चा की गई।

उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के साथ गठबंधन में लड़ने की संभावनाओं के संबंध में पूछे गए सवाल पर पासवान ने कहा कि अभी गठबंधन के स्वरूप या सीट के बंटवारे पर चर्चा करना जल्दबाजी होगी।

उन्होंने कहा, ‘‘फिलहाल हमारी पार्टी उत्तर प्रदेश की सभी 403 विधानसभा सीट पर संगठनात्मक तैयारी कर रही है। हमारा लक्ष्य प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में संगठन को मजबूत करना और जनाधार का विस्तार करना है।’’

पासवान ने बताया कि गठबंधन और सीट-बंटवारे से जुड़े प्रस्ताव राज्य इकाई की ओर से पार्टी के केंद्रीय संसदीय बोर्ड को भेजे जाएंगे, जो इस संबंध में अंतिम निर्णय लेगा।

उन्होंने कहा, ‘‘उसके बाद ही कोई औपचारिक फैसला होगा। अभी हमारा पूरा ध्यान संगठन को मजबूत करने और जनता के बीच अपनी पकड़ बढ़ाने पर है।’’

बिहार में पार्टी के प्रदर्शन का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि किसी भी गठबंधन पर बातचीत से पहले संगठनात्मक मजबूती आवश्यक है।

उन्होंने कहा, ‘‘यदि संगठन मजबूत नहीं होगा और जनता का समर्थन नहीं होगा, तो बातचीत की मेज पर हमारे पास कुछ भी नहीं होगा। इसलिए हमारा पहला लक्ष्य संगठन को सशक्त बनाना है। आने वाले दिनों में उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों में कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे और पार्टी के राष्ट्रीय नेता समय-समय पर संगठन की समीक्षा करेंगे।’’

लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) की प्रदेश कार्यकारिणी की यह बैठक ऐसे समय हुई है, जब पार्टी 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव से पहले राज्य में अपनी राजनीतिक उपस्थिति मजबूत करने के प्रयास में जुटी है।

चिराग पासवान इस महीने की शुरुआत में भी कह चुके हैं कि उनकी पार्टी उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव लड़ने की इच्छुक है। उन्होंने कहा था कि राज्य इकाई गठबंधन की रणनीति और सीट-बंटवारे संबंधी प्रस्ताव केंद्रीय संसदीय बोर्ड को भेजेगी, जिसके बाद अंतिम निर्णय लिया जाएगा।

भाषा चंदन जफर सलीम खारी

खारी


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