लखनऊ अग्निकांड: अनामिका की मां से सुबह की बात आखिरी साबित हुई, टूट गया रोज का सिलसिला
लखनऊ अग्निकांड: अनामिका की मां से सुबह की बात आखिरी साबित हुई, टूट गया रोज का सिलसिला
(अरुणव सिन्हा)
लखनऊ, 23 जून (भाषा) कोलकाता के बेहाला में रहने वाले सामंत परिवार के लिए सोमवार की शुरुआत माँ और बेटी के बीच रोजाना होने वाली फोन कॉल के साथ हुई थी, लेकिन शाम तक, यह रोज का सिलसिला हमेशा के लिए टूट गया।
हावड़ा (कोलकाता) जिले की, एक गांव की 30 साल की अनामिका सामंत सोमवार को लखनऊ के अलीगंज इलाके में एक व्यावसायिक इमारत में लगी भीषण आग में मारे गए लोगों में शामिल थीं। वह पिछले तीन सालों से लखनऊ में काम कर रही थीं।
उनकी माँ, सुलेखा सामंत, अपनी आखिरी बातचीत को याद करते हुए आंसू रोकने की कोशिश कर रही थीं। उन्होंने कहा, ‘उसने सोमवार सुबह मुझसे बात की थी। हम रोज बात करते थे। मैंने कभी नहीं सोचा था कि वह हमारी आखिरी बातचीत होगी।’
परिवार के सदस्य-उनके माता-पिता विश्वनाथ और सुलेखा, भाई आकाश और चाचा पलाश कोलकाता पुलिस से इस दुखद घटना की खबर मिलने के बाद लखनऊ पहुँचे। वे मंगलवार को शहर पहुंचे, और किसी चमत्कार की उम्मीद कर रहे थे। इसके बजाय, उन्हें मुर्दाघर में एक दिल दहला देने वाली सच्चाई का सामना करना पड़ा।
अनामिका के शव की पहचान करने के मुश्किल अनुभव को बताते हुए परिवार के एक सदस्य ने कहा, ‘सिर्फ़ उसका चेहरा दिख रहा था। हम उसी से उसे पहचान पाए। उसका बाकी शरीर जल चुका था।’
परिवार के लिए यह नुकसान इसलिए भी बहुत मुश्किल है क्योंकि उन्होंने हाल ही में साथ समय बिताया था। कुछ हफ़्ते पहले ही, जून में, परिवार मनाली गया था, जहाँ की यादें अब रुलाती हैं।
रिश्तेदारों ने अनामिका को एक देखभाल करने वाली बेटी बताया, जो काम के सिलसिले में सैकड़ों किलोमीटर दूर रहने के बावजूद अपने परिवार से गहराई से जुड़ी हुई थी। घर पर उसकी रोजाना की कॉल उसकी माँ के लिए एक प्यारी आदत बन गई थी, और परिवार उसकी शादी की तैयारी कर रहा था।
लखनऊ में जरूरी औपचारिकता पूरी होने के बाद, परिवार उसके शव को पश्चिम बंगाल ले जाने की तैयारी कर रहा है। उसका अंतिम संस्कार हावड़ा ज़िले में उनके पैतृक गाँव गढ़बालिया में किया जाएगा, जहाँ रिश्तेदार और ग्रामीण उसके घर लौटने का इंतज़ार कर रहे हैं।
सोमवार को लखनऊ के अलीगंज इलाके में स्थित सेंटर में आग लग गई थी, जिसके बाद कई दमकल वाहनों और आपात प्रतिक्रिया दलों के साथ बड़े पैमाने पर बचाव अभियान चलाया गया। आग फैलने पर कई छात्र और स्टाफ सदस्य इमारत के अंदर फँस गए थे।
अधिकारियों के मुताबिक, इस घटना में 15 लोगों की मौत हो गई, जिनमें से ज़्यादातर कोचिंग सेंटर से जुड़े युवा थे। कई अन्य लोग आग में झुलस गए और किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय (केजीएमयू) में उनका इलाज चल रहा है।
उत्तर प्रदेश सरकार ने आग लगने की वजह का पता लगाने और सुरक्षा उपायों में किसी तरह की लापरवाही की जांच के लिए एक विशेष जांच दल (एसआईटी) से जांच के आदेश दिए हैं। वरिष्ठ अधिकारियों ने कहा है कि जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
भाषा अरुणव आनन्द
मनीषा
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