लखनऊ आग हादसे के बाद पूरे उत्तर प्रदेश में अवैध कोचिंग संस्थानों के खिलाफ कार्रवाई

लखनऊ आग हादसे के बाद पूरे उत्तर प्रदेश में अवैध कोचिंग संस्थानों के खिलाफ कार्रवाई

लखनऊ आग हादसे के बाद पूरे उत्तर प्रदेश में अवैध कोचिंग संस्थानों के खिलाफ कार्रवाई
Modified Date: June 23, 2026 / 09:38 pm IST
Published Date: June 23, 2026 9:38 pm IST

लखनऊ, 23 जून (भाषा) लखनऊ में एक इमारत में आग लगने के कारण झुलसने से 15 लोगों की मौत के बाद पूरे उत्तर प्रदेश में अवैध कोचिंग संस्थानों के खिलाफ अभियान शुरू किया गया है।

सरकार ने सोमवार को हुए इस हादसे के बाद सभी जिलाधिकारियों को लगातार सर्वे और कार्रवाई करने तथा पंजीकृत कोचिंग संस्थानों का भी सुरक्षा ऑडिट करने के आदेश दिये हैं।

उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय ने बताया कि प्रदेश में संचालित कोचिंग संस्थानों के विनियमन को प्रभावी बनाने तथा अवैध रूप से संचालित ऐसे केंद्रों के खिलाफ विशेष अभियान तेजी से जारी है।

उन्होंने बताया कि सभी जिलाधिकारियों को निर्देश है कि वे अपने जिलों में संचालित सभी कोचिंग संस्थानों का व्यापक सर्वेक्षण करके सूची तैयार करें और जो संस्थान उत्तर प्रदेश कोचिंग विनियमन अधिनियम, 2002 के अंतर्गत पंजीकृत नहीं हैं, उनके विरुद्ध नियमानुसार कठोर कार्रवाई करें।

उपाध्याय ने बताया कि पंजीकृत संस्थानों का भी सुरक्षा ऑडिट कराया जा रहा है, जिसमें भवन व्यवस्था, अग्निशमन, विद्युत सुरक्षा तथा अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं की जांच शामिल है।

हादसे के अगले दिन मंगलवार को प्रयागराज में जिले की विभिन्न तहसीलों में स्थित कोचिंग और प्रशिक्षण संस्थानों में अग्निशमन उपायों की युद्धस्तर पर जांच शुरू की गई और इस दौरान नियमों का उल्लंघन करने वाले चार कोचिंग संस्थानों को सील कर दिया गया।

प्रयागराज विकास प्राधिकरण के एक अधिकारी ने बताया कि लखनऊ की घटना के मद्देनजर खान ग्लोबल स्टडीज समेत चार कोचिंग संस्थानों को मानक पूरा नहीं करने के कारण सील किया गया है।

अधिकारी ने बताया कि सीलिंग के लिए 50 कोचिंग संस्थान चिन्हित किए गए हैं जो मानकों के अनुरूप काम नहीं कर रहे हैं।

उन्होंने कहा कि इनके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी। इनका मानचित्र

अधिकारी ने कहा कि इन संस्थानों का मानचित्र स्वीकृत नहीं है।

वाराणसी से मुख्य अग्निशमन अधिकारी आनंद सिंह राजपूत के हवाले से प्राप्त रिपोर्ट के मुताबिक लखनऊ हादसे के बाद बनारस शहर और पिंडरा क्षेत्र के नौ कोचिंग संस्थानों का निरीक्षण किया गया, जिनमें से पांच संस्थानों में अग्नि प्रणाली, अग्नि पंप और अन्य अग्निशमन उपकरण नदारद मिले।

सिंह ने कहा, ‘संबंधित संस्थाओं को तुरंत सुरक्षा उपकरण लगाने के निर्देश दिए गए हैं। खामियां दूर न करने पर नोटिस जारी कर कार्रवाई की जाएगी।’

उन्होंने बताया कि वाराणसी में सिर्फ 15 बड़े कोचिंग संस्थानों के पास ही फायर एनओसी है और बड़ी संख्या में छोटे-मध्यम कोचिंग सेंटर बिना मानकों के संचालित किए जा रहे हैं।

राजपूत ने कहा कि छात्रों की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जाएगा।

मेरठ जिला प्रशासन ने होटल, गेस्ट हाउस, लॉज और कोचिंग संस्थानों की सुरक्षा जांच का फैसला लिया है।

अपर जिलाधिकारी (नगर) बृजेश कुमार सिंह ने मंगलवार को पांच सदस्यीय जांच समिति गठित की।

समिति में नगर मजिस्ट्रेट, सभी एसीएम व एसडीएम, सभी सीओ, सहायक निदेशक विद्युत सुरक्षा, क्षेत्रीय उच्च शिक्षा अधिकारी और मुख्य अग्निशमन अधिकारी शामिल हैं।

कानपुर से मिली रिपोर्ट के अनुसार पुलिस आयुक्त रघुवीर लाल ने बताया कि लखनऊ हादसे के बाद अवैध इमारतों, बेसमेंट और ऊपरी मंजिलों में संचालित कोचिंग सेंटर, होटल, अस्पताल, जिम के खिलाफ विशेष अभियान शुरू किया गया है, खासकर जहां आपातकालीन निकास और अन्य सुविधाएं नहीं हैं।

उन्होंने कहा कि पुलिस, अग्निशमन विभाग, कानपुर विकास प्राधिकरण, कानपुर नगर निगम और जिला प्रशासन की उच्च-स्तरीय बैठक बुलाई गई है, ताकि लखनऊ जैसी त्रासदी दोबारा न हो।

मऊ जिले में मंगलवार को प्रशासनिक अधिकारियों और अग्निशमन विभाग की संयुक्त टीम ने शहर के प्रमुख मॉल, होटल, रेस्टोरेंट और कोचिंग संस्थानों में आग से बचाव की व्यवस्थाओं की व्यापक जांच की।

इसके अलावा झांसी, सहारनपुर, बाराबंकी, अमेठी, सीतापुर, रायबरेली और बलिया समेत प्रदेश के विभिन्न जिलों में भी अधिकारियों ने अभियान चलाकर कोचिंग संस्थानों समेत विभिन्न केंद्रों तथा सार्वजनिक स्थलों पर अग्निशमन के उपायों को परखा

भाषा आनन्द सलीम राजेंद्र जोहेब

जोहेब


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