CM Yogi Handed Appointment Letters: सीएम योगी ने यूपी में एक लाख नई नौकरियों का किया ‘श्रीगणेश’.. नवनियुक्त 818 अभ्यर्थियों को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सौंपे नियुक्ति पत्र

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार छह महीने में एक लाख से अधिक युवाओं को नियुक्ति देने की प्रक्रिया आगे बढ़ा रही है। उन्होंने यूपी पुलिस, होमगार्ड, यूपीएसएसएससी, शिक्षा चयन आयोग और यूपीपीएससी के जरिए होने वाली आगामी भर्तियों का भी उल्लेख किया।

CM Yogi Handed Appointment Letters: सीएम योगी ने यूपी में एक लाख नई नौकरियों का किया ‘श्रीगणेश’.. नवनियुक्त 818 अभ्यर्थियों को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सौंपे नियुक्ति पत्र

CM Yogi Handed Appointment Letters || Image- IBC24 News File

Modified Date: September 19, 2026 / 05:04 pm IST
Published Date: September 19, 2026 4:58 pm IST
HIGHLIGHTS
  • 818 युवाओं को नियुक्ति पत्र मिले
  • छह महीने में एक लाख नियुक्तियों का लक्ष्य
  • यूपी पुलिस में 36 हजार भर्तियां होंगी

CM Yogi Handed Appointment Letters: लखनऊ: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ‘मिशन रोजगार’ के अंतर्गत शनिवार को एक लाख नई नौकरियों का शुभारंभ किया। उन्होंने नवचयनित 818 अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र सौंपे और उन्हें शुभकामनाएं दीं। सरकार पर प्रश्न खड़ा करने वाले समाजवादी पार्टी के नेताओं से सीएम योगी ने कहा, आप गिनते जाइए, हम छह महीने में एक लाख से अधिक नौजवानों को नियुक्ति देंगे। आज तीन विभागों के नियुक्ति पत्र दे रहे हैं। रविवार को भी लगभग हजार युवाओं को नियुक्ति पत्र देंगे। यह प्रक्रिया अनवरत चलेगी। यूपी पुलिस में 36 हजार, होमगार्ड में 41-42 हजार युवाओं की नियुक्ति करेंगे। इनके मेडिकल व फिजिकल की प्रक्रिया चल रही है। उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (यूपीएसएसएससी) के अगले छह महीने में जारी होने वाले परिणामों से 25-30 हजार नए युवाओं को अवसर मिलेंगे। उत्तर प्रदेश शिक्षा चयन आयोग से भी 20-25 हजार युवाओं की भर्ती होगी। तीन-चार महीने में इसके परिणाम आ जाएंगे। यूपीपीएससी की परीक्षाओं के उपरांत भी 15-16 हजार युवाओं को अलग-अलग विभागों में नियुक्ति मिलेगी।

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सीएम योगी ने लोकभवन सभागार में आयोजित भव्य कार्यक्रम में विभिन्न विभागों में चयनित 818 युवाओं को नियुक्ति पत्र वितरित किए। इस दौरान मिशन रोजगार पर लघु फिल्म भी दिखाई गई। सीएम ने उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग व उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग के पदाधिकारियों को बधाई दी और कहा कि आयोग व बोर्ड जब शासन की राजनीति का शिकार नहीं होते और परीक्षा की शुचितापूर्ण प्रक्रिया संपन्न होती है तो परिणाम भी ऐसे ही दिखते हैं।

गदर मचाने वाले गिनती करें, हम नियुक्ति पत्र देते जाएंगे

मुख्यमंत्री ने कहा कि अब तक साढ़े 9 लाख नौजवानों को नियुक्ति दी गई है। हम छह महीने के अंदर एक लाख युवाओं को नियुक्ति पत्र देने जा रहे हैं। 2017 के पहले गदर मचाने वाले काउंट करें, हम नियुक्ति पत्र देते जाएंगे। 2017 के पहले तत्कालीन सरकार ने आयोगों-बोर्डों में भाई-भतीजों को बैठाकर पूरी प्रक्रिया को बदनाम कर दिया था। एक भी भर्ती ईमानदारी से नहीं होती थी। युवाओं के सामने एक तरफ कुआं तो दूसरी तरफ खाई थी। यूपी में नौकरी थी नहीं और बाहर पहचान का संकट था, जिससे उनके सपने तार-तार होते थे। तत्कालीन सरकार की भ्रष्ट-भेदभावपूर्ण कार्यप्रणाली व बीमारू मानसिकता के कारण यूपी बीमारू हो गया था।

हमने यूपी की स्ट्रेंथ को इकॉनमिक अपॉर्च्युनिटी माना

CM Yogi Handed Appointment Letters: सीएम ने कहा कि 2017 के पहले एक अयोग्य व्यक्ति को उत्तर प्रदेश पब्लिक सर्विस कमीशन का चेयरमैन बना दिया गया। उसके गदर के कारण न्यायालय को और सड़क पर उतर कर युवाओं को कहना पड़ा कि इसे जिंदगी भर जेल में सड़ाओ। 2017 में युवाओं ने सरकार बदलने का बड़ा फैसला भी लिया। हमारी सरकार ने पीएम मोदी के विजन के अनुरूप मिशन रोजगार के कार्यक्रम को बढ़ाया। पिछली सरकार नौजवान की शक्ति, ताकत व प्रतिभा को सम्मान नहीं दे पाई, हमने यूपी की स्ट्रेंथ को इकॉनमिक अपॉर्च्युनिटी माना। उन्होंने यूपी के अंदर अवसरों को लॉक कर दिया था, हमने उस पोटेंशियल को प्रतिभाशाली युवाओं के जरिए अनलॉक करने का प्रयास किया। इसका परिणाम अब दिख रहा है।

राजनीतिक संक्रमण के दौर से गुजरना पड़ा यूपी को

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रतिभाशाली युवा जब यूपी की ताकत बनेंगे तो प्रदेश नंबर-1 इकॉनमी के रूप में खुद को स्थापित करेगा। हर क्षेत्र में नए भारत के नए यूपी के रूप में अपना स्थान बनाएगा। देश का हृदय स्थल, सबसे उर्वरा भूमि, सर्वाधिक जल संसाधन, परंपरागत उद्यम के साथ आगे बढ़ने वाला राज्य है यूपी। कभी प्रति व्यक्ति सर्वाधिक आय वाला यह राज्य राजनीतिक संक्रमण के ऐसे दौर से गुजरा कि नौजवान के सामने पहचान का संकट खड़ा हो गया। उस दौर में कोई भी सुरक्षित नहीं था। नौजवान को रुचि के अनुरूप प्लेटफॉर्म नहीं मिलता था।

काले धब्बे से अब मुक्त हो गया यूपी

सीएम ने आरोप लगाया कि 2017 से पहले उपदेशक चाचा-भतीजे की जोड़ी बेखौफ नौकरियों पर डकैती डालने निकलती थी, लेकिन 2027 के बाद ये उपदेश देने लायक भी नहीं रह पाएंगे। उत्सव प्रदेश को उपद्रव प्रदेश बनाने वालों को, किसानों को आत्महत्या और यूपी के नागरिकों को भूखे मरने के लिए उनके हाल पर छोड़ने वालों को बर्दाश्त नहीं करना चाहिए, क्योंकि यह मामला गलती का नहीं, बल्कि शरारत का था। हम अब इस काले धब्बे से मुक्त हुए हैं।

सपा शासन में आवेदन न करने वालों को भी नियुक्ति पत्र

CM Yogi Handed Appointment Letters: सीएम ने आरोप लगाया कि सपा में बहुत सारी भर्तियां ऐसी हुई थीं, जिसमें आवेदन न करने वालों को भी नियुक्ति पत्र मिल गया और आवेदन करने वाले देखते रह गए। सीएम ने युवाओं से अपील की कि आपके भविष्य से खिलवाड़ करने वालों के भविष्य से आप खिलवाड़ करें। आपको यह ताकत बाबा साहेब ने संविधान के माध्यम से दी है।

हमने चुनौती को समाधान तक पहुंचाया

सीएम ने कहा कि सरकार बनने के बाद हर क्षेत्र में जीरो टॉलरेंस लागू किया गया। अब यूपी के किसी व्यक्ति के समक्ष पहचान का संकट नहीं है। यूपी की उपलब्धियों को देखकर अन्य प्रदेश के लोग भी अभिभूत होते हैं। सपा सरकार ने चुनौतियों को समस्या माना। वे परिवार-सिंडिकेट से बेईमानी व भ्रष्टाचार कराते रहे। 2017 के पहले यूपी सबसे गरीब राज्यों में माना जाता था, लेकिन हमने चुनौती को समाधान तक पहुंचाया, जिससे यूपी की प्रति व्यक्ति आय, अर्थव्यवस्था, महिला वर्कफोर्स व बजट को तीन गुना करने में सफलता मिली। यूपी 6 वर्ष से रेवेन्यू सरप्लस स्टेट, भारत के ग्रोथ इंजन का महत्वपूर्ण अंग और टॉप-3 इकॉनमी में गिना जा रहा है। एक साथ-एक स्वर में सोचने की ताकत से यूपी इंफ्रास्ट्राक्चर, इकॉनमिक ग्रोथ, ओडीओपी, एमएसएमई सेक्टर आदि के लिए जाना जा रहा है। एमएसएमई सेक्टर में तीन करोड़ से अधिक लोगों को रोजगार दिया गया। 2017 से पहले यह बंद पड़ा था।

हस्तशिल्पी के चेहरे पर चमक आती है तो दौड़ता है यूपी

मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी भी समाज का सबसे बड़ा दुर्भाग्य है कि कारीगर/ हस्तशिल्पी श्रमिक बनने को दर-दर ठोकर खाए। इसका यही मतलब है कि तत्कालीन सरकारों ने उसके हुनर को सम्मान नहीं दिया। हमने उसे सम्मान, मार्केट, टेक्नोलॉजी और प्लेटफॉर्म भी दिया तो वह फिर से खड़ा हुआ। यूपी लाखों करोड़ का एक्सपोर्ट कर रहा है। कारीगर व हस्तशिल्पी के पास पैसा आ रहा है। उसके चेहरे पर चमक आती है तो यूपी तेजी से दौड़ता है।

पिछली सरकार ने पैदा किए थे बिचौलिए

CM Yogi Handed Appointment Letters: सीएम ने कहा कि 2017 के पहले किसान आत्महत्या करता था। दशकों से परियोजनाएं लंबित थीं। बीज-खाद, टेक्नोलॉजी, बाजार कुछ भी नहीं था। पिछली सरकार ने बिचौलिए पैदा कर दिए थे, जो किसान का हिस्सा खा जाते थे। उन्होंने लैंड, सैंड, कैटल, नकल व भू-माफिया पैदा कर दिए थे, जो युवा ऊर्जा को तबाह कर रहे थे। आज यूपी ने इन सबसे मुक्त होकर उत्सव प्रदेश के रूप में नई पहचान बनाई है।

25 से 29 सितंबर तक होगा यूपीआईटीएस

मुख्यमंत्री ने बताया कि 25 से 29 सितंबर तक गौतमबुद्ध नगर में यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो (यूपीआईटीएस) के चौथे संस्करण का आयोजन होगा। इसमें 650 विदेशी खरीदार यूपी के उत्पादों की खरीदारी करेंगे। 2500 से अधिक एग्जीबिटर्स आएंगे। यूपी के युवा, कारीगर, हस्तशिल्पी, उद्यमी के बनाए गए उत्पादों की शोकेसिंग होगी। उन्हें बड़े ऑर्डर मिलेंगे।

2017 के पहले 120, अब 24 हजार से अधिक स्टार्टअप

सीएम ने कहा कि 2017 के पहले भी यूपी के पास सबसे ज्यादा युवा शक्ति थी, किंतु स्टार्टअप इकोसिस्टम का अभाव था। तब बमुश्किल 120 स्टार्टअप थे, आज 24 हजार से अधिक स्टार्टअप यूपी में संचालित हो रहे हैं। इनमें आधे स्टार्टअप आधी आबादी संचालित कर रही है, जिससे वे हजारों करोड़ का व्यवसाय कर रही हैं। डिजिटल इंडिया-स्टैंडअप इंडिया ने प्रधानमंत्री जी के विजन को प्रभावी ढंग से बढ़ाया है। डबल इंजन की भाजपा सरकार ने मिशन रोजगार को ईमानदारी से लागू किया है। पीएम मोदी जी भी 51 हजार युवाओं को नियुक्ति पत्र दे रहे हैं।

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2014 के पहले आयुष की पहचान नहीं थी

CM Yogi Handed Appointment Letters: सीएम ने कहा कि 2014 के पहले आयुष की पहचान नहीं थी, लेकिन पीएम मोदी जी ने नया मंत्रालय गठित कर ट्रेडिशनल मेडिसिन को पहचान दी। आयुर्वेद, योग, नैचुरीपैथी, होमियोपैथ, यूनानी आदि को प्लेटफॉर्म दिया। एम्स की तर्ज पर दिल्ली में सेंटर संचालित हो रहा है। 2014 के पहले कोई आयुर्वेद, आयुष, होमियोपैथ में फॉर्मेसी व डिप्लोमा की डिग्री के बारे में सोचता नहीं था, लेकिन अब ऐसा नहीं है। प्रधानमंत्री जी ने आयुष को प्लेटफॉर्म दिया। हमने मॉडर्न व ट्रेडिशनल मेडिसिन पर काम किया। अब आयुष विश्वविद्यालय, मेडिकल कॉलेज आदि बन रहे हैं। भर्ती प्रक्रिया (विज्ञापन से नियुक्ति पत्र वितरण तक) की समयबद्धता, मेरिट को लेकर समीक्षा हो रही है। पहले विज्ञापन जारी होते ही सिंडिकेट व गिरोह वसूली के धंधे में व्यस्त हो जाते थे। बची-खुची कसर इंटरव्यू पूरी कर देता था। हमने ग्रुप-3 व 4 भर्ती में इंटरव्यू सिस्टम समाप्त कर दिया। इस अवसर पर आयुष मंत्री दयाशंकर मिश्र ‘दयालु’, चिकित्सा शिक्षा व परिवार कल्याण राज्यमंत्री मयंकेश्वर शरण सिंह, एमएसएमई राज्यमंत्री हंसराज विश्वकर्मा आदि मौजूद रहे।

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लेखक के बारे में

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