IAS Divya Mittal Resignation: नामी महिला आईएएस अफसर दिव्या मित्तल ने दिया इस्तीफा, रह चुकीं हैं इन जिलों की कलेक्टर, जानिए अचानक क्यों लिया ऐसा फैसला

IAS Divya Mittal Resignation Reason: नामी महिला आईएएस अफसर दिव्या मित्तल ने दिया इस्तीफा, रह चुकीं हैं इन जिलों की कलेक्टर, जानिए अचानक क्यों लिया ऐसा फैसला

IAS Divya Mittal Resignation: नामी महिला आईएएस अफसर दिव्या मित्तल ने दिया इस्तीफा, रह चुकीं हैं इन जिलों की कलेक्टर, जानिए अचानक क्यों लिया ऐसा फैसला

IAS Divya Mittal Resignation: नामी महिला आईएएस अफसर दिव्या मित्तल ने दिया इस्तीफा, रह चुकीं हैं इन जिलों की कलेक्टर, जानिए अचानक क्यों लिया ऐसा फैसला / Image: Instagram

Modified Date: August 30, 2026 / 09:42 am IST
Published Date: August 30, 2026 9:41 am IST
HIGHLIGHTS
  • IAS दिव्या मित्तल ने 13 साल की सेवा के बाद दिया इस्तीफा
  • IIT दिल्ली, IIM बेंगलुरु और लंदन की नौकरी छोड़कर बनी थीं IAS
  • मिर्जापुर की DM रहते लहुरियादह गांव में पानी पहुंचाने को लेकर मिली थी खूब चर्चा

लखनऊ: IAS Divya Mittal Resignation Reason उत्तर प्रदेश में आगामी दिनों में विधानसभा चुनाव होना है, जिसके चलते सियासी गलियारों में घमासान मचा हुआ है। राजनीति​क दलों के नेता अपनी पैठ मजबूत करने के लिए ऐंड़ी चोटी का जोर लगा रहे हैं। वहीं, दूसरी ओर प्रशासनिक महकमे में भी कल रात से हड़कंप मचा हुआ है। दरअसल प्रदेश की नामी आईएएस अफसर दिव्‍या मित्तल ने अपने इस्तीफा दे दिया है। इस बात की जानकारी उन्होंने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर दी है। बता दें कि दिव्या मित्तल 2013 बैच की अफसर है और वर्तमान में राजस्‍व विभाग में विशेष सचिव पद पर कार्यरत हैं। आईएएस दिव्या मिर्जापुर की जिलाधिकारी भी रह चुकी हैं। फिलहाल इस ये बात सामने नहीं आई है कि दिव्या मित्तल ने क्यों इस्तीफा दिया है।

आईएएस दिव्या मित्तल ने दिया इस्तीफा

IAS Divya Mittal Resignation Reason इस्तीफा देने के बाद दिव्या मित्तल ने सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हुए लिखा है कि ”आज मैंने 13 वर्षों की अविस्मरणीय यात्रा को अपनी इच्छा से विराम देते हुए IAS से त्यागपत्र दे दिया है। साधारण परिवेश में पलते हुए मैंने एक अच्छे, सफल जीवन का सपना देखा था। दिन-रात एक कर IIT दिल्ली और IIM बैंगलोर से पढ़ने के बाद, लंदन में नौकरी लग गयी। पर ‘सब कुछ’ पा लेने पर भी कुछ अधूरा था। अपने देश में न होना खलता था। मेरी पढ़ाई, आत्मविश्वास, दुनिया में कहीं भी सिर उठाकर चलने की ताकत सब इस मिट्टी का कर्ज़ था मुझ पर। वो कर्ज चुकाना था। चाहती थी जिस भारत का सपना देखा था, उसे बनाने वाली ईंटों पर मेरे भी हाथों के निशान हों। सो लौट आई, और IAS अधिकारी बनने का सौभाग्य मिला।”

गरिमा बनाये रखना ही न्याय: दिव्या मित्तल

आईएएस दिव्‍या मित्तल ने आगे लिखा है- बहुत कुछ करने का मौका मिला और बहुत सीखा। देवरिया ने सिखाया कि सही के साथ खड़ा होना विकल्प नहीं, कर्तव्य है। मिर्जापुर ने सिखाया कि ‘असंभव’ कोई तथ्य नहीं, बस एक राय है। और मां विंध्यवासिनी के चरणों में बैठकर सीखा कि शक्ति किसी पद से नहीं, उनकी कृपा और लोगों के विश्वास से आती है। सबसे बड़ी सीख यह थी कि अपने लिए देखे सपने तो पूरे हो चुके थे, अब अपने लोगों के लिए देखे सपनों को जीना था। इस जीवन का असली सुकून उन आंखों में दिखा, जिस परिवार को पहली बार जमीन का हक़ मिला, जिस दिव्यांग को सम्मान से जीने का अवसर मिला, और जिस किसान के खेत को पानी मिला। उनके संघर्षों में साथ चलते हुए मैंने सीखा कि हर सरकारी फ़ाइल के पीछे एक व्यक्ति है, और उसकी गरिमा बनाये रखना ही न्याय है।

 

अधिकारियों और कर्मचारियों को जताया आभार

आईएएस ने लिखा है- मूर्ख थी जो सोचा था कि कुछ देने आयी हूं। सच यह है कि सबसे ज्‍यादा मैंने ही पाया और वो कर्ज और भी बढ़ता गया। लोग मेरी ख़ुशी में मुझसे ज़्यादा ख़ुश हुए। उन्होंने मुझे तब भी उसी विश्वास से देखा, जब मैं खुद ही थकी या टूटी थी। और इसी ने आगे बढ़ते रहने की हिम्मत दी। इतना प्यार, इतना सम्मान, इतना अपनापन मिला, कि मेरी झोली पूरी भर गयी। इसमें उन साथियों, अधिकारियों और कर्मचारियों का भी बहुत बड़ा श्रेय है जिन्होंने मेरे कंधे से कंधा मिलाकर काम किया और साथ डटे रहे।

बूढ़ी मां को किया याद

अंत में दिव्‍या मित्तल ने लिखा है- आज आभार से आंखें नम हैं। बस एक दृश्य इनमें बसा है। लहुरिया दह की पहाड़ी की वो वृद्ध मां, जो अपने गांव में पहली बार पानी पहुंचता देख कुछ नहीं बोली, बस कांपते हाथों से मेरा सिर छूकर आशीर्वाद दे गई। पद तो आज छूट गया, पर वह स्पर्श जीवन भर नहीं छूटेगा। और वह सपना भी नहीं छूटेगा, जो देश की इस मिट्टी ने मुझे दिया है।

पति भी हैं आईएएस अफसर

गौरतलब है कि दिव्‍या मित्तल ने मिर्जापुर की डीएम रहते हुए हलिया ब्‍लाक के लहुरियादह गांव में आजादी के 75 साल बाद पहली बार पानी की व्‍यवस्‍था कराई थी। इस काम के लिए उनकी हर तरफ बहुत चर्चा हुई थी। दिव्‍या मित्तल सोशल मीडिया पर बहुत एक्टिव रहती हैं। हाल ही में उनकी पहली किताब भी बाजार में आई थी। दिव्‍या मित्तल के पति गगनदीप भी आईएएस अफसर हैं। दोनों पढ़ाई पूरी करने के बाद लंदन नौकरी करने चले गए थे। वहां से लौटकर उन्‍होंने साथ में यूपीएससी की तैयारी शुरू की और सफल होकर दिखाया। दिव्‍या मित्तल अपने तेजतर्रार कार्यप्रणाली के लिए जानी जाती हैं।

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"दीपक दिल्लीवार, एक अनुभवी पत्रकार हैं, जिन्हें मीडिया इंडस्ट्री में करीब 10 साल का एक्सपीरिएंस है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत एक ऑनलाइन समाचार वेबसाइट से की थी, जहां उन्होंने राजनीति, खेल, ऑटो, मनोरंजन टेक और बिजनेस समेत कई सेक्शन में काम किया। इन्हें राजनीति, खेल, मनोरंजगन, टेक्नोलॉजी, ऑटोमोबाइल और बिजनेस से जुड़ी काफी न्यूज लिखना, पढ़ना काफी पसंद है। इन्होंने इन सभी सेक्शन को बड़े पैमाने पर कवर किया है और पाठकों लिए बेहद शानदार रिपोर्ट पेश की है। दीपक दिल्लीवार, पिछले 5 साल से IBC24 न्यूज पोर्टल पर लीडर के तौर पर काम कर रहे हैं। इन्हें अपनी डेडिकेशन और अलर्टनेस के लिए जाना जाता है। इसी की वजह से वो पाठकों के लिए विश्वसनीय जानकारी के सोर्स बने हुए हैं। वो, निष्पक्ष, एनालिसिस बेस्ड और मजेदार समीक्षा देते हैं, जिससे इनकी फॉलोवर की संख्या में लगातार इजाफा हो रहा है। काम के इतर बात करें, तो दीपक दिल्लीवार को खाली वक्त में फिल्में, क्रिकेट खेलने और किताब पढ़ने में मजा आता है। वो हेल्दी वर्क लाइफ बैलेंस करने में यकीन रखते हैं।"