UP News : अब नहीं मिलेगी ‘तारीख पर तारीख’.. 5 साल पुराने राजस्व मामलों का होगा जल्दी निपटारा, जनशिकायतों की निपटारे में गलती पर सीएम योगी ने मांगा स्पष्टीकरण

अब नहीं मिलेगी 'तारीख पर तारीख'.. 5 साल पुराने राजस्व मामलों का होगा जल्दी निपटारा, 5-year-old revenue cases will be settled quickly.

UP News : अब नहीं मिलेगी ‘तारीख पर तारीख’.. 5 साल पुराने राजस्व मामलों का होगा जल्दी निपटारा, जनशिकायतों की निपटारे में गलती पर सीएम योगी ने मांगा स्पष्टीकरण
Modified Date: August 29, 2026 / 10:59 pm IST
Published Date: August 29, 2026 10:59 pm IST

लखनऊ। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को पांच वर्ष से अधिक पुराने राजस्व मामलों का प्राथमिकता से निस्तारण करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि ‘तारीख पर तारीख’ की प्रवृत्ति हर हाल में खत्म होनी चाहिए। जनशिकायतों के गलत निस्तारण पर संबंधित जिलों को पांच दिन में स्पष्टीकरण देना होगा। असंतुष्ट मामलों का दोबारा परीक्षण कर समाधान कराया जाएगा।

कानून-व्यवस्था की समीक्षा में बताया गया कि 13 जुलाई से 23 अगस्त के बीच गंभीर अपराधों में 5.1% और महिलाओं के विरुद्ध अपराधों में 3.9% की कमी आई है। मुख्यमंत्री ने जोन और रेंज स्तर पर हर सप्ताह क्राइम एनालिसिस और महिला-बाल अपराधों में त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए। जन्माष्टमी को देखते हुए मथुरा-वृंदावन में व्यापक क्राउड कंट्रोल प्लान बनाने तथा बांके बिहारी मंदिर के लिए अलग कार्ययोजना तैयार करने को कहा गया। वृंदावन में नया पुलिस सर्किल बनाने और मथुरा-वृंदावन में अलग-अलग जॉइंट मजिस्ट्रेट की तैनाती के निर्देश भी दिए गए।

गणेश प्रतिमा विसर्जन के दौरान हाईटेंशन तारों और उफनती नदियों को लेकर विशेष सतर्कता बरतने और संवेदनशील क्षेत्रों में पर्याप्त पुलिस बल तैनात करने को कहा गया। मुख्यमंत्री ने माफियाओं के खिलाफ अभियान जारी रखने तथा गो-तस्करी, धर्मांतरण और धार्मिक स्थलों से जुड़ी घटनाओं पर 24×7 अलर्ट रहने के निर्देश दिए।

इन्हें भी पढ़ें:


लेखक के बारे में

सवाल आपका है.. पत्रकारिता के माध्यम से जनसरोकारों और आप से जुड़े मुद्दों को सीधे सरकार के संज्ञान में लाना मेरा ध्येय है। विभिन्न मीडिया संस्थानों में 10 साल का अनुभव मुझे इस काम के लिए और प्रेरित करता है। कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय से इलेक्ट्रानिक मीडिया और भाषा विज्ञान में ली हुई स्नातकोत्तर की दोनों डिग्रियां अपने कर्तव्य पथ पर आगे बढ़ने के लिए गति देती है।