Suhel Seth on Yogi Adityanath: “देश को चाहिए योगी आदित्यनाथ जैसे और नेता”.. जाने-माने लेखक सुहेल सेठ ने की ‘योगी मॉडल ऑफ गवर्नेंस’ की तारीफ

विश्वविद्यालय में इंजीनियरिंग, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, कंप्यूटर साइंस, सेमीकंडक्टर्स, बिजनेस, लॉ, मीडिया, डिजाइन, हेल्थ साइंसेज, हॉस्पिटैलिटी, लिबरल एजुकेशन और नए इंटरडिसिप्लिनरी क्षेत्रों में विभिन्न पाठ्यक्रम संचालित किए जाते हैं। वर्ष 2026 में छात्रों को 1,250 से अधिक रिक्रूटर्स की ओर से 5,500 से ज्यादा जॉब ऑफर मिले।

Suhel Seth on Yogi Adityanath: “देश को चाहिए योगी आदित्यनाथ जैसे और नेता”.. जाने-माने लेखक सुहेल सेठ ने की ‘योगी मॉडल ऑफ गवर्नेंस’ की तारीफ

Suhel Seth on Yogi Adityanath || Image- ANI News File

Modified Date: September 7, 2026 / 11:30 pm IST
Published Date: September 7, 2026 11:29 pm IST
HIGHLIGHTS
  • सुहेल सेठ ने योगी मॉडल ऑफ गवर्नेंस सराहा
  • देश को योगी जैसे और नेताओं की जरूरत
  • नोएडा-ग्रेटर नोएडा इंफ्रास्ट्रक्चर की तारीफ की

Suhel Seth on Yogi Adityanath: ग्रेटर नोएडा: जाने-माने लेखक, ब्रांड स्ट्रैटेजिस्ट और कमेंटेटर सुहेल सेठ ने गलगोटियास यूनिवर्सिटी में आयोजित संवाद कार्यक्रम के दौरान उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के शासन मॉडल की जमकर सराहना की। नोएडा से ग्रेटर नोएडा तक सफर के दौरान नजर आए इंफ्रास्ट्रक्चर की तारीफ करते हुए उन्होंने कहा कि देश को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जैसे और नेताओं की जरूरत है।

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जानी-मानी हस्तियां छात्रों से बातचीत के लिए आमंत्रित

सुहेल सेठ गलगोटियास यूनिवर्सिटी में अपनी नई किताब ‘डब्ल्यूटीएफ इंडिया: आर वी लूजिंग द प्लॉट?’ के विमोचन के लिए पहुंचे थे। यह कार्यक्रम विश्वविद्यालय की संवाद श्रृंखला का हिस्सा था, जिसमें अलग-अलग क्षेत्रों की जानी-मानी हस्तियों को छात्रों से बातचीत के लिए आमंत्रित किया जाता है। क्षेत्र में तेजी से हो रहे बदलाव का जिक्र करते हुए सेठ ने यहां के इंफ्रास्ट्रक्चर की गुणवत्ता और विकास की रफ्तार को प्रभावी शासन की पहचान बताया।

उन्होंने कहा कि विश्वस्तरीय और जमीन पर दिखाई देने वाला इंफ्रास्ट्रक्चर अचानक तैयार नहीं होता। इसके पीछे मजबूत और निर्णायक नेतृत्व होता है, जो स्पष्ट दिशा तय करता है और उसे जमीन पर लागू करने की क्षमता रखता है। उनके मुताबिक क्षेत्र में बदलाव की रफ्तार बताती है कि जब स्पष्ट सोच के साथ उसे लागू करने की इच्छाशक्ति और क्षमता जुड़ती है, तो प्रभावी शासन के जरिए कितना बड़ा बदलाव किया जा सकता है।

किताब के विमोचन के बाद गलगोटियास यूनिवर्सिटी के चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर डॉ. ध्रुव गलगोटिया के साथ सुहेल सेठ की विस्तृत बातचीत हुई। इसके बाद उन्होंने छात्रों के साथ भी संवाद किया। बातचीत में भारत की दिशा, नागरिकों की जिम्मेदारियों और देश के भविष्य के प्रति उदासीन रहने के बजाय सक्रिय रूप से जुड़े रहने जैसे मुद्दों पर चर्चा हुई।

सुहेल सेठ की मेजबानी, सम्मान की बात

Suhel Seth on Yogi Adityanath: छात्रों के साथ संवाद कार्यक्रम दौरे के प्रमुख आकर्षणों में रहा। छात्रों ने भारत की दिशा और अपनी पीढ़ी की भूमिका को लेकर सुहेल सेठ से कई सवाल किए। सेठ ने अपने खास बेबाक और सहज अंदाज में जवाब देते हुए छात्रों से सवाल करने, भागीदारी निभाने और भारत की कहानी को खुद आकार देने की जिम्मेदारी लेने का आह्वान किया।

डॉ. ध्रुव गलगोटिया ने सुहेल सेठ की मेजबानी पर खुशी जताई। उन्होंने कहा, “हमारे कैंपस में सुहेल सेठ की मेजबानी करना हमारे लिए सम्मान की बात है। विश्वविद्यालय अपने छात्रों को सबसे बड़ी चीज यह दे सकता है कि वे उन लोगों के साथ बड़े विचारों पर चर्चा और बहस कर सकें, जो उन विचारों को आकार देते हैं। साथ ही वे खुद और देश के बारे में पहले से ज़्यादा सोचकर यहां से निकलें। हमारे छात्रों ने आज बिल्कुल यही किया और उनकी ऊर्जा मुझे भरोसा दिलाती है कि हम सही तरह का माहौल तैयार कर रहे हैं।”

गलगोटियास यूनिवर्सिटी की संवाद श्रृंखला विश्वविद्यालय की उस पहल का हिस्सा है, जिसके तहत उद्योग, विचार और सार्वजनिक जीवन को प्रभावित करने वाली हस्तियों को कैंपस में बुलाया जाता है। इसका उद्देश्य छात्रों को ऐसे लोगों से सीखने और संवाद करने का अवसर देना है, जिन्होंने अपने-अपने क्षेत्रों को प्रभावित किया है।

50 हजार से ज्यादा छात्र, एक लाख से अधिक पूर्व छात्र

गलगोटियास यूनिवर्सिटी भारत की प्रमुख मल्टीडिसिप्लिनरी यूनिवर्सिटी में शामिल है। विश्वविद्यालय को अकादमिक उत्कृष्टता, रिसर्च, इनोवेशन, ग्लोबल सहयोग और इंडस्ट्री से जुड़ी शिक्षा के लिए जाना जाता है। यहां 50,000 से अधिक छात्र पढ़ते हैं, जबकि इसका ग्लोबल एलुमनाई नेटवर्क 1,00,000 से अधिक पूर्व छात्रों का है। विश्वविद्यालय ने टेक्नोलॉजी, उद्यमिता, अलग-अलग विषयों के बीच सीखने और वास्तविक दुनिया में काम आने वाली शिक्षा पर केंद्रित एक तेजी से बढ़ता इकोसिस्टम तैयार किया है।

क्यूएस और टाइम्स हायर एजुकेशन रैंकिंग में भी स्थान

Suhel Seth on Yogi Adityanath: क्वाक्वेरेली साइमंड्स की क्यूएस वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग्स 2027 में गलगोटियास यूनिवर्सिटी को वैश्विक स्तर पर 1201 – 1400 बैंड में जगह मिली है। भारत में यह निजी विश्वविद्यालयों में 16वें और सभी विश्वविद्यालयों में 46वें स्थान पर रही। वहीं टाइम्स हायर एजुकेशन वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग्स 2026 में विश्वविद्यालय को वैश्विक स्तर पर 1201-1500 बैंड में स्थान मिला और भारत में निजी विश्वविद्यालयों में 27वां तथा सभी विश्वविद्यालयों में 65वां स्थान मिला। विश्वविद्यालय को एनएएसी ‘ए प्लस’ मान्यता भी प्राप्त है, जो भारत की उच्च संस्थागत गुणवत्ता रेटिंग में शामिल है।

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विश्वविद्यालय में इंजीनियरिंग, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, कंप्यूटर साइंस, सेमीकंडक्टर्स, बिजनेस, लॉ, मीडिया, डिजाइन, हेल्थ साइंसेज, हॉस्पिटैलिटी, लिबरल एजुकेशन और नए इंटरडिसिप्लिनरी क्षेत्रों में विभिन्न पाठ्यक्रम संचालित किए जाते हैं। वर्ष 2026 में छात्रों को 1,250 से अधिक रिक्रूटर्स की ओर से 5,500 से ज्यादा जॉब ऑफर मिले। विश्वविद्यालय ने एप्पल, एक्सेंचर, इन्फोसिस, आईबीएम, इंटेल, सिस्को, टाटा टेक्नोलॉजीज, एलएंडटी एडुटेक, कैपजेमिनी और सेल्सफोर्स जैसी संस्थाओं के साथ इंडस्ट्री और इनोवेशन पार्टनरशिप भी विकसित की हैं। साथ ही ग्लोबल अकादमिक सहयोग और स्टार्टअप इकोसिस्टम को मजबूत करने पर भी काम जारी है।

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