मथुरा में गायत्री तपोभूमि आश्रम में श्रद्धालु की हत्या के दोषी को आजीवन कारावास
मथुरा में गायत्री तपोभूमि आश्रम में श्रद्धालु की हत्या के दोषी को आजीवन कारावास
मथुरा, 11 जून (भाषा) उत्तर प्रदेश के मथुरा की एक अदालत ने तीन वर्ष पुराने हत्या के एक मामले में आरोपी व्यक्ति को दोषी ठहराते हुए आजीवन कठोर कारावास और 20 हजार रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई है।
जिला शासकीय अधिवक्ता शिवराम सिंह तरकर ने बृहस्पतिवार को बताया कि यह मामला 29 मार्च 2023 का है। मृतक अतुल गौड़, राजस्थान के झुंझुनू जिले का निवासी था, जबकि आरोपी प्यारेलाल देहरादून का रहने वाला है। दोनों गायत्री तपोभूमि आश्रम के अनुयायी थे और आश्रम में आयोजित एक धार्मिक कार्यक्रम में भाग लेने के लिए 13 मार्च से वहां ठहरे हुए थे।
उन्होंने बताया कि आश्रम के स्वयंसेवक महेश चंद्र शर्मा द्वारा थाना गोविंद नगर में दर्ज कराई गई रिपोर्ट के अनुसार घटना के समय आश्रम की यज्ञशाला के निकट रामचरितमानस का पाठ चल रहा था। इसी दौरान अतुल गौड़ वहां पहुंचा और यज्ञशाला की ओर मुख कर दंडवत प्रणाम करने लगा।
अभियोजन के अनुसार, तभी आश्रम के ही अनुयायी प्यारेलाल ने पास में रखे सब्जी पलटने वाले लोहे का पल्टा उठाकर अतुल के सिर पर लगातार दो वार कर दिए। गंभीर रूप से घायल अतुल को तत्काल जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
घटना के समय यज्ञशाला के पास मौजूद लोगों ने आरोपी को पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया था।
अगले दिन मामले की प्राथमिकी दर्ज की गई। विवेचक एवं तत्कालीन प्रभारी निरीक्षक विनोद भारद्वाज ने जांच पूरी कर जुलाई 2023 में मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत में आरोपपत्र दाखिल किया। बाद में मामले की सुनवाई जिला न्यायाधीश विकास कुमार की अदालत में हुई।
करीब तीन वर्ष तक चली सुनवाई के बाद अदालत ने पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्यों और गवाहों के बयानों के आधार पर आरोपी प्यारेलाल को हत्या का दोषी ठहराया। अदालत ने उसे आजीवन कठोर कारावास तथा 20 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई।
भाषा
सं, जफर रवि कांत

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