UP Political News: ‘गुंडे-माफिया वाली पार्टी बन चुकी सपा’.. अखिलेश पर एक बार फिर ओपी राजभर ने बोला हमला, कहा- उनके हाथ से निकला PDA

'गुंडे-माफिया वाली पार्टी बन चुकी सपा'.. अखिलेश पर एक बार फिर ओपी राजभर ने बोला हमला, UP Political News: OP Rajbhar targets Akhilesh

UP Political News: ‘गुंडे-माफिया वाली पार्टी बन चुकी सपा’.. अखिलेश पर एक बार फिर ओपी राजभर ने बोला हमला, कहा- उनके हाथ से निकला PDA
Modified Date: July 28, 2026 / 04:03 pm IST
Published Date: July 28, 2026 4:02 pm IST

लखनऊ। UP Political News: योगी सरकार में मंत्री और सुभासपा प्रमुख ओमप्रकाश राजभर ने एक बार फिर समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव पर तीखा हमला बोला है। इस बार राजभर ने अखिलेश यादव को सीधे संबोधित करते हुए कहा है कि उनकी लड़ाई सिर्फ NDA से नहीं है, बल्कि इस बार उन्हें ‘अपनों’ से भी लड़ना पड़ेगा। राजभर ने दावा किया कि जमीन पर सपा की स्थिति बदल चुकी है और PDA के साथ ही MY का गठजोड़ भी सपा से दूर जा रहा है।

राजभर ने मंगलवार को सोशल मीडिया पर की गई पोस्ट में कहा कि वह हमेशा जमीन पर लोगों के बीच रहते हैं और उसी आधार पर अखिलेश को जमीनी स्थिति बता रहे हैं। राजभर के मुताबिक, सपा के सामने अब सिर्फ NDA की चुनौती नहीं है, बल्कि उसके अपने ही राजनीतिक समीकरण उसके लिए चुनौती बनते जा रहे हैं।

‘राहुल जी का पंजा आपके M पर झपट्टा मारना शुरू कर चुका है’

UP Political News: ओपी राजभर ने अपने पोस्ट में कांग्रेस और राहुल गांधी को लेकर भी अखिलेश यादव पर निशाना साधा। उन्होंने राहुल गांधी को अखिलेश का बिग बॉस बताते हुए कहा कि उनका ‘पंजा’ अब अखिलेश के ‘M’ यानी मुस्लिम वोट पर झपट्टा मारना शुरू कर चुका है। राजभर ने तंज कसते हुए कहा कि राहुल गांधी तो अखिलेश के ‘अपने’ हैं, लेकिन दूसरे भी उनके ‘अपने’ बनने की कोशिश कर रहे हैं। इसके बाद उन्होंने साफ किया कि वह असदुद्दीन ओवैसी की बात कर रहे हैं। यानी राजभर ने अपने पोस्ट में अखिलेश यादव को यह बताने की कोशिश की है कि जिस राजनीतिक समीकरण के सहारे सपा आगे बढ़ने की कोशिश कर रही है, उसी समीकरण के भीतर अब दूसरे दावेदार भी अपनी जगह बनाने में जुटे हैं।

‘PDA सरक गया, अब MY बचाने की हालत’

राजभर के पूरे पोस्ट का सबसे बड़ा हमला अखिलेश यादव के PDA और MY समीकरण पर है। उन्होंने दावा किया कि PDA अब अखिलेश यादव के हाथ से सरक चुका है और स्थिति यहां तक पहुंच गई है कि सपा को अपना MY यानी मुस्लिम-यादव गठजोड़ बचाने की चिंता करनी पड़ रही है। राजभर ने इसी दावे को आगे बढ़ाते हुए कहा कि जमीन पर सपा की स्थिति वैसी नहीं है, जैसी उसके नेतृत्व को दिखाई देती है। उन्होंने अखिलेश यादव को जमीनी हकीकत समझने की सलाह देते हुए कहा कि वह लोगों के बीच जाएं और वहां की स्थिति को खुद देखें।

‘गांव-गांव में गुंडे और माफिया वाली पार्टी की प्रसिद्धि’

इसके बाद ओपी राजभर ने समाजवादी पार्टी की छवि को लेकर बेहद तीखा हमला बोला। उन्होंने दावा किया कि गांव-गांव में सपा की प्रसिद्धि ‘गुंडे और माफिया वाली पार्टी’ के रूप में है। राजभर ने आरोप लगाया कि सपा जब सत्ता में आती है तो जंगलराज का पूरा पैकेज लेकर आती है। उन्होंने गैर-यादव पिछड़ों और बहुजनों पर खुलेआम अत्याचार किए जाने का आरोप लगाया। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि सपा से जुड़े गुंडे बेटियों को सरेआम छेड़ते हैं और सत्ता में रहते हुए थानों और तहसीलों को सपा के दफ्तरों में बदल दिया जाता है।

‘हर जिले में एक-एक माफिया पालते-पोसते हैं’

ओपी राजभर ने अपने पोस्ट में सपा पर माफिया संरक्षण का भी आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि हर विभाग और हर जिले में एक-एक माफिया को पालने-पोसने का काम किया जाता है। राजभर ने इसे ‘सैफई सिंडिकेट’ बताते हुए आरोप लगाया कि सपा के शासन में अपराध का एक पूरा नेटवर्क चलता है। राजभर ने मुस्लिम वोट बैंक को लेकर भी अखिलेश यादव पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि अखिलेश यादव और उनके ‘स्वजातीय गुंडों’ की इसी उजड्डई से परेशान होकर अब मुसलमान भी सपा से छटकने लगा है। राजभर ने दावा किया कि यूपी के गांव-गांव में सपा की स्थिति खराब हो चुकी है। इसी आधार पर उन्होंने कहा कि उन्हें अब पक्का भरोसा हो गया है कि 2027 में अखिलेश यादव मुख्य विपक्षी दल बनने लायक भी नहीं बचेंगे।

‘आपको यकीन नहीं होगा, लेकिन ये सच है’

राजभर ने अखिलेश यादव को संबोधित करते हुए कहा कि वह उन्हें मित्रवत तरीके से यह बात बता रहे हैं और शायद अखिलेश को उनकी बात पर यकीन न हो, लेकिन उनके मुताबिक यही जमीनी सच्चाई है। उन्होंने कहा कि वह हमेशा ग्राउंड पर लोगों के बीच रहते हैं और इसलिए अखिलेश यादव को ग्राउंड की रिपोर्ट बता रहे हैं। पोस्ट के आखिर में ओपी राजभर ने अखिलेश यादव को सीधे सलाह दी कि वह जमीन पर आएं, थोड़ी मेहनत करें और अपने ‘अपनों’ से सावधान रहें।

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लेखक के बारे में

सवाल आपका है.. पत्रकारिता के माध्यम से जनसरोकारों और आप से जुड़े मुद्दों को सीधे सरकार के संज्ञान में लाना मेरा ध्येय है। विभिन्न मीडिया संस्थानों में 10 साल का अनुभव मुझे इस काम के लिए और प्रेरित करता है। कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय से इलेक्ट्रानिक मीडिया और भाषा विज्ञान में ली हुई स्नातकोत्तर की दोनों डिग्रियां अपने कर्तव्य पथ पर आगे बढ़ने के लिए गति देती है।