महाकुंभ का प्रबंधन सेना को सौंप देना चाहिए: अखिलेश यादव
महाकुंभ का प्रबंधन सेना को सौंप देना चाहिए: अखिलेश यादव
लखनऊ, 29 जनवरी (भाषा) महाकुंभ में हुई भगदड़ को लेकर उत्तर प्रदेश में विपक्षी दलों के नेताओं ने बुधवार को योगी आदित्यनाथ सरकार पर निशाना साधा और समाजवादी पार्टी (सपा) के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने मांग की कि दुनिया के सबसे बड़े धार्मिक समागम का प्रबंधन तुरंत सेना को सौंप दिया जाना चाहिए।
कांग्रेस की उत्तर प्रदेश इकाई के अध्यक्ष अजय राय ने कहा कि यह दुखद घटना राज्य सरकार की विफलता को दर्शाती है।
यादव ने कहा कि करोड़ों श्रद्धालु विभिन्न शहरों में प्रयागराज की ओर जाने वाली सड़कों पर फंसे हुए हैं और उन्होंने उत्तर प्रदेश के लोगों तथा गैर सरकारी संगठनों से सड़कों पर फंसे लोगों के लिए भोजन-पानी की व्यवस्था करने की अपील की।
उन्होंने मांग की कि महाकुंभ में ‘‘विश्वस्तरीय व्यवस्था’’ का दावा करने वालों को भगदड़ की नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए अपने पदों से इस्तीफा दे देना चाहिए।
सपा प्रमुख ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर पोस्ट कर कहा, ‘‘महाकुंभ में आए संत समाज और श्रद्धालुओं में व्यवस्था के प्रति पुनर्विश्वास जगाने के लिए ये आवश्यक है कि उत्तर प्रदेश शासन-प्रशासन के स्थान पर महाकुंभ का प्रबंधन तत्काल सेना को सौंप देना चाहिए। ’’
उन्होंने कहा, ‘‘विश्वस्तरीय व्यवस्था करने के प्रचार के दावों की सच्चाई अब जब सबके सामने आ गयी है तो जो लोग इसका दावा और मिथ्या प्रचार कर रहे थे उन्हें इस हादसे में हताहत हुए लोगों की नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए अपना पद त्याग देना चाहिए।’’
महाकुंभ मेले में मंगलवार देर रात मची भगदड़ में कम से कम 30 लोगों की मौत हो गई और 60 अन्य घायल हो गए हैं।
यादव ने एक अन्य पोस्ट में कहा, ‘‘महाकुंभ में अव्यवस्थाजन्य हादसे में श्रद्धालुओं के हताहत होने का समाचार बेहद दुखद है।’’
उन्होंने सरकार से अपील की कि गंभीर रूप से घायलों को हवाई एंबुलेंस की मदद से निकटतम सर्वश्रेष्ठ अस्पतालों तक पहुंचाकर तुरंत चिकित्सा व्यवस्था की जाए और शवों को उनके परिजनों को सौंपने तथा उनके निवास स्थान तक भेजने का प्रबंध किया जाए।
यादव ने समागम में व्यवस्था तथा सुरक्षा बनाए रखने के लिए विशेष रूप से हेलीकॉप्टर के माध्यम से निगरानी बढ़ाने की आवश्यकता पर बल दिया।
उन्होंने श्रद्धालुओं से इस कठिन समय में धैर्य और शांति बनाए रखने की अपील की तथा सरकार से इस घटना से सीख लेते हुए भविष्य में तीर्थयात्रियों के लिए व्यवस्थाएं बेहतर बनाने का आग्रह किया।
उन्होंने कहा महाकुंभ मेला क्षेत्र, प्रयागराज के नगरीय क्षेत्र, जन परिवहन के केंद्रों, प्रयागराज शहर की सीमाओं व विभिन्न शहरों में प्रयागराज की ओर जाने वाले मार्गों को ‘‘बंद’’ करने से करोड़ों लोग सड़कों पर फंस गये हैं।
यादव ने ‘एक्स’ पर पोस्ट कर कहा, ‘‘लाखों वाहनों में करोड़ों लोग दस किलोमीटर लंबे जाम में फंसे पड़े हैं। सरकार को इसे सामान्य बचाव के स्थान पर शासनिक-प्रशासनिक लापरवाही से जन्मी आपदा मानकर तुरंत सक्रिय हो जाना चाहिए।’’
उन्होंने कहा, ‘‘सूर्यास्त से पहले ही श्रद्धालुओं तक भोजन-पानी की राहत पहुंचनी चाहिए और उनमें ये भरोसा जगाना चाहिए कि सबको सकुशल अपने गंतव्य तक पहुंचाने की व्यवस्था प्रदेश सरकार और केंद्रीय सरकार के द्वारा की जाएगी। जो लापता हैं उन्हें ढूंढकर उनके घरों तक सही सलामत पहुंचाया जाएगा।’’
यादव ने मांग की कि मृतकों के प्रति श्रद्धा प्रकट करते हुए समस्त समारोह, उत्सवधर्मिता तथा स्वागत कार्यक्रम रद्द कर देने चाहिए।
उन्होंने कहा, ‘‘हम उत्तर प्रदेश की दयालु जनता व स्वयंसेवी संस्थाओं से आग्रह करते हैं कि वे अपने गांव-बस्ती-शहर में जाम में फंसे श्रद्धालुओं के लिए भोजन-पानी की व्यवस्था करें।’’
उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘सरकार को इस तरह के बड़े प्रबंधन के लिए स्वयं तैयार रहना चाहिए था लेकिन न तो सरकार अब ऐसा कर सकती है और न ही उनकी तरफ से ऐसा करने की कोई संभावना दिख रही है। ऐसे गंभीर हालातों में श्रद्धालुओं की सेवा करना भी महाकुंभ के पुण्य से कम नहीं है।’’
उन्होंने कहा, ‘‘हम सबको अपने-अपने सामर्थ्य और क्षमता के अनुरूप आगे आकर जन-सेवा के इस महायज्ञ में शांतिपूर्वक अनाम सहयोग करना चाहिए।’’
इस बीच, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय ने प्रयागराज महाकुंभ के दौरान मची भगदड़ की घटना पर दुख व्यक्त करते हुए एक बयान में कहा, ‘‘महाकुंभ में मौनी अमावस्या के स्नान के दिन भगदड़ होने से कई लोगों के मृत और घायल होने का समाचार पीड़ादायक है।’’
उन्होंने राज्य सरकार पर निशाना साधते हुए कहा, ‘‘यह दुखद घटना इस मेले की अव्यवस्था और उत्तर प्रदेश सरकार की नाकामियों को उजागर कर रही है। योगी सरकार ने सारा पैसा सिर्फ अपनी ‘ब्रांडिंग’ और ‘मार्केटिंग’ पर खर्च किया, ना कि महाकुंभ में आए श्रद्धालुओं के लिए व्यवस्था पर। यह इस सरकार की संवेदनहीनता को प्रदर्शित करता है।’’
उन्होंने कहा, ‘‘हम लगातार ऐसी ही घटना के प्रति सचेत करने की कोशिश कर रहे थे लेकिन शासन -प्रशासन के कान पर जूं तक नहीं रेंगी। दुर्घटना के पीड़ित परिवारों के प्रति मेरी गहरी संवेदनाएं हैं। हम मृतकों की आत्मा की शांति व घायलों के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना करते हैं।’’
राय ने कहा कि सरकार से आग्रह कि मृतकों के लिए उचित मुआवजा व घायलों को मुआवजे के साथ मुफ्त इलाज का प्रबंध करे।
बहुजन समाज पार्टी (बसपा) प्रमुख मायावती ने भी महाकुंभ में भगदड़ में लोगों की मौत पर दुख व्यक्त किया है।
भाषा जफर खारी
खारी

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