उत्तर प्रदेश सरकार एमबीबीएस दाखिले में आरक्षण मामले में ‘सुप्रीम कोर्ट’ में अपील करे: मायावती

उत्तर प्रदेश सरकार एमबीबीएस दाखिले में आरक्षण मामले में 'सुप्रीम कोर्ट' में अपील करे: मायावती

उत्तर प्रदेश सरकार एमबीबीएस दाखिले में आरक्षण मामले में ‘सुप्रीम कोर्ट’ में अपील करे: मायावती
Modified Date: September 18, 2026 / 12:33 pm IST
Published Date: September 18, 2026 12:33 pm IST

(फाइल फोटो के साथ)

लखनऊ, 18 सितंबर (भाषा) बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने एमबीबीएस दाखिले में आरक्षण के मामले में शुक्रवार को राज्य सरकार को तत्काल उच्चतम न्यायालय में अपील करने का सुझाव दिया।

बसपा प्रमुख ने ‘एक्स’ पोस्ट किया, “बहुचर्चित सामाजिक न्याय की मांग है कि उत्तर प्रदेश सरकार न्यायालय में यदि इस बात की पुरजोर पैरवी करती कि अनुसूचित जाति (एससी) समाज के कल्याण हेतु ‘स्पेशल कंपोनेंट प्लान’ के धन से सहारनपुर, अंबेडकरनगर, कन्नौज एवं जालौन जिलों में बनाए गए मेडिकल कॉलेजों में एससी वर्ग हेतु अतिरिक्त आरक्षण की व्यवस्था 50 प्रतिशत के सामान्य आरक्षण से अलग है, तो बात स्पष्ट हो जाती।”

उन्होंने कहा, “इस व्यवस्था से ‘स्पेशल कंपोनेंट प्लान’ की भरपूर उपयोगिता साबित होती है, तो शायद अदालत इस पर जरूर सकारात्मक विचार करती और इस पर रोक नहीं लगाती।”

मायावती ने कहा, “किंतु अब जबकि उच्च न्यायालय ने इस पर पाबंदी लगा दी है और मेडिकल दाखिला भी यहां इससे प्रभावित है, तो ऐसे में उत्तर प्रदेश सरकार तुरंत उच्चतम न्यायालय में अपेक्षित राहत के लिए अपील करे तो यह उचित होगा।”

इलाहाबाद उच्च न्यायालय की लखनऊ खंडपीठ ने बुधवार को नीट-यूजी के तहत एमबीबीएस दाखिले में चार सरकारी मेडिकल कॉलेजों में विशेष आरक्षण लागू किए जाने पर रोक लगा दी थी।

न्यायमूर्ति आलोक माथुर और न्यायमूर्ति अमिताभ कुमार राय की पीठ ने मामले की सुनवाई करते हुए अनुसूचित जाति के लिए 21 प्रतिशत, अनुसूचित जनजाति के लिए दो प्रतिशत और अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए 27 प्रतिशत आरक्षण के आधार पर काउंसलिंग आगे बढ़ाने की स्वतंत्रता दी।

हालांकि, काउंसिलिंग और इसके आधार पर होने वाले दाखिले अदालत के अंतिम आदेश के अधीन रहेंगे।

एक याचिका में अंबेडकरनगर, कन्नौज, सहारनपुर व जालौन स्थित चार सरकारी मेडिकल कॉलेजों में नीट-यूजी की राज्य कोटे की सीट पर अत्यधिक आरक्षण लागू किए जाने को चुनौती दी गई थी।

भाषा आनन्द

मनीषा राजकुमार

राजकुमार


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