मायावती ने जेन-जी आंदोलन के ‘राजनीतिकरण’ पर चिंता जतायी

मायावती ने जेन-जी आंदोलन के ‘राजनीतिकरण’ पर चिंता जतायी

मायावती ने जेन-जी आंदोलन के ‘राजनीतिकरण’ पर चिंता जतायी
Modified Date: September 6, 2026 / 11:28 am IST
Published Date: September 6, 2026 11:28 am IST

लखनऊ, छह सितंबर (भाषा) बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की अध्यक्ष मायावती ने रविवार को ‘जेन-जी’ युवाओं और बेरोजगार लोगों की समस्याओं पर केंद्रित आंदोलनों को राजनीतिक दलों द्वारा ‘हाईजैक’ किए जाने पर चिंता जताते हुए दावा किया कि इससे युवाओं और छात्रों के मन में गंभीर संदेह पैदा हुआ है।

मायावती ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा कि देश में ऐसे कई उदाहरण हैं जिनसे लोगों को यह मानने का कारण मिला है कि युवाओं, छात्रों और बेरोजगारों से जुड़े ज्वलंत मुद्दों को लेकर कॉकरोच जनता पार्टी (कॉजपा) का ‘जेन-जी’ आंदोलन स्वतंत्र बने रहने के बजाय धीरे-धीरे अधिक राजनीतिक होता जा रहा है।

उन्होंने कहा कि जंतर-मंतर आंदोलन के दौरान युवाओं और छात्रों को जो ‘‘बड़े सपने’’ दिखाए गए थे, अब वे गंभीर सवालों और आशंकाओं का सामना कर रहे हैं, क्योंकि विभिन्न राजनीतिक दलों ने ऐसे आंदोलनों पर कथित तौर पर कब्जा कर लिया है।

उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘जेन-जी और जेन-अल्फा की वैध मांगों को लेकर बसपा को पूरी सहानुभूति है।’’

‘जेन-जी’ का मतलब लगभग 1997-2012 के बीच जन्मी पीढ़ी, जबकि ‘जेन-अल्फा’ का मतलब 2013-2024 के बीच जन्मी नयी पीढ़ी है।

उन्होंने कहा कि बसपा की सभी प्रदेश इकाइयों को निर्देश दिया गया है कि वे अपने-अपने राज्य तथा क्षेत्र में संबंधित अधिकारियों से मिलकर युवाओं की समस्याओं के शांतिपूर्ण तरीके से समाधान के लिये तत्पर रहें।

साथ ही उन्होंने कहा कि बसपा के अनुशासन के अनुसार पार्टी कार्यकता धरना, प्रदर्शन और आंदोलन न करें और इसके बजाय ‘‘अपनी तन, मन, धन की शक्ति एवं ऊर्जा को चुनाव के लिये सुरक्षित रखें।’’

उन्होंने कहा कि पार्टी का उद्देश्य ‘‘सर्वजन हिताय, सर्वजन सुखाय’’ के सिद्धांत पर आधारित सरकार बनाना है। साथ ही, इसका लक्ष्य ‘जेन-जी’, ‘जेन-अल्फा’ और समाज के सभी वर्गों की समस्याओं का स्थायी समाधान उपलब्ध कराना है।

बसपा प्रमुख ने दावा किया कि उत्तर प्रदेश में पार्टी के चार कार्यकाल के दौरान सत्ता में रहते हुए उसने इसे साबित भी किया है।

मायावती ने हाल ही में जंतर-मंतर पर विरोध प्रदर्शन के दौरान छात्र कार्यकर्ता निशु आजाद के पिता संजय आजाद के साथ हुई मारपीट की घटना का जिक्र करते हुए कहा कि अगर पुलिस समय से उचित कार्रवाई करती तो यह गंभीर घटना नहीं होती।

उन्होंने मामले में आरोपी के खिलाफ सबसे कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग की। उन्होंने कहा कि जरूरत पड़ने पर ऐसे मामलों में आवाज उठाने से बसपा पीछे नहीं हटेगी।

भाषा सलीम गोला

गोला


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