हाथरस में दंपति हत्याकांड का खुलासा, दूसरी पत्नी ने प्रेमी के साथ रची थी साजिश

हाथरस में दंपति हत्याकांड का खुलासा, दूसरी पत्नी ने प्रेमी के साथ रची थी साजिश

हाथरस में दंपति हत्याकांड का खुलासा, दूसरी पत्नी ने प्रेमी के साथ रची थी साजिश
Modified Date: September 30, 2026 / 06:37 pm IST
Published Date: September 30, 2026 6:37 pm IST

हाथरस (उप्र), 30 सितंबर (भाषा) हाथरस जिले के सादाबाद क्षेत्र में एक दंपति की हत्या के मामले का पुलिस ने बुधवार को खुलासा करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया।

पुलिस के मुताबिक, मृतक शमसुद्दीन की दूसरी पत्नी ने अपने प्रेमी के साथ मिलकर हत्या की साजिश रची थी।

पुलिस सूत्रों के अनुसार, इस्लामनगर मुहल्ले में 26-27 सितंबर की रात शमसुद्दीन (62) और उनकी पहली पत्नी समीना उर्फ सद्दो (56) की घर की पहली मंजिल पर धारदार हथियार से हमला कर हत्या कर दी गई थी।

सूत्रों ने बताया कि वारदात के बाद आरोपियों ने अलमारी और बक्सों को खंगालकर सोने-चांदी के आभूषण, नकदी और अन्य सामान लूट लिया था।

इस संबंध में मृतक के भाई शेर मोहम्मद की तहरीर पर सादाबाद कोतवाली में मामला दर्ज किया गया था।

पुलिस अधीक्षक चिरंजीव नाथ सिन्हा ने हत्याकांड के खुलासे के लिए सात टीम गठित की थीं। पुलिस ने करीब 350 सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली, जिससे आरोपियों तक पहुंचने में मदद मिली।

सूत्रों ने बताया कि मुखबिर की सूचना पर सादाबाद कोतवाली पुलिस की टीम ने हाथरस-आगरा रोड पर एक बंद ढाबे के पास मोटरसाइकिल के साथ दो आरोपियों को गिरफ्तार किया, जिनकी पहचान आगरा निवासी संजय और एटा के रहने वाले रामप्रकाश के रूप में हुई है।

उन्होंने बताया कि इस मामले में गौरव और उदयवीर नामक अभियुक्त फरार हैं और उनकी तलाश की जा रही है।

पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों के कब्जे से हत्या में इस्तेमाल हथियार, नीले रंग की एक मोटरसाइकिल, सोने-चांदी के आभूषण और 4,020 रुपये नकद बरामद किए हैं।

पुलिस अधीक्षक के मुताबिक, सेवानिवृत्त सैन्यकर्मी शमसुद्दीन ने दो शादियां की थीं और वह पहली पत्नी समीना के साथ रहते थे, जबकि दूसरी पत्नी सीमा (35) अपने तीन बच्चों के साथ अलग मकान में रहती थी। पहली पत्नी से उनकी कोई संतान नहीं थी।

पुलिस सूत्रों के अनुसार, सीमा के गौरव के साथ कथित तौर पर प्रेम संबंध थे और दोनों ने मिलकर शमसुद्दीन तथा समीना की हत्या की साजिश रची।

आरोप है कि गौरव ने अपने तीन साथियों को भी साजिश में शामिल किया और हत्या के बाद मिलने वाले आभूषण तथा नकदी देने का आश्वासन दिया था।

भाषा सं. सलीम शफीक

शफीक


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