लखनऊ, एक मार्च (भाषा) ऑल इंडिया शिया पर्सनल लॉ बोर्ड और ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड ने अमेरिका-इजराइल के हमले में ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के मारे जाने पर शोक और आक्रोश जताया है।
ऑल इंडिया शिया पर्सनल लॉ बोर्ड की तरफ से रविवार रात लखनऊ स्थित छोटा इमामबाड़ा में बड़े पैमाने पर प्रदर्शन किया जाएगा, वहीं सुन्नी मस्जिदों में भी खामेनेई के लिए ईसाल-ए-सवाब (मृतक के लिए विशेष दुआ) और युद्ध रोकने के लिए भी दुआ की जाएगी।
ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की इजराइल और अमेरिका द्वारा किए गए एक बड़े हमले में मौत हो गयी है। ईरान की सरकारी मीडिया ने रविवार तड़के इसकी पुष्टि की।
ऑल इंडिया शिया पर्सनल लॉ बोर्ड के महासचिव मौलाना यासूब अब्बास ने खामेनेई की मौत पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए कहा कि अमेरिका और इजराइल की इस हरकत के खिलाफ रविवार शाम लखनऊ स्थित छोटा इमामबाड़ा पर विशाल प्रदर्शन और शोक सभा होगी।
उन्होंने कहा कि इस दौरान अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के पुतले फूंके जाएंगे।
अब्बास ने कहा कि पूरा शिया समुदाय पूरी तरह से ईरान के साथ खड़ा है और ऑल इंडिया शिया पर्सनल लॉ बोर्ड ने तीन दिन के शोक का ऐलान किया है।
उन्होंने कहा कि इस दौरान शिया समुदाय के लोग काले कपड़े पहनेंगे, अपने घरों पर काले परचम लगाएंगे और खामेनेई के लिए फातिहा और ईसाल-ए-सवाब व मजलिसों का आयोजन करेंगे।
अब्बास ने कहा, ‘‘अमेरिका और इजराइल ने खामेनेई की हत्या कर यह गलतफहमी पाल ली है कि उन्होंने इस्लाम को खत्म कर दिया है, लेकिन यजीद (पूर्व में एक जालिम शासक) ना कल कामयाब हुआ था और ना आज कामयाब होगा।’’
ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड की कार्यकारिणी समिति के वरिष्ठ सदस्य लखनऊ के शहर काजी मौलाना खालिद रशीद फरंगी महली ने खामेनेई की हत्या के लिए अमेरिका और इजराइल की कड़ी निंदा की।
उन्होंने कहा कि अमेरिका और इजराइल ने जिस तरह से अंतरराष्ट्रीय कानून की धज्जियां उड़ाते हुए रमजान माह में ईरान पर हमला किया, उसकी पूरी दुनिया को निंदा करनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि अमेरिका और इजराइल के इस कृत्य के खिलाफ पूरी दुनिया के मुसलमान एकजुट हैं और ईरान में सुन्नियों की मस्जिदों पर हो रहे हमलों को रोकने और खामेनेई के लिए खास दुआ की जाएगी।
शिया मुसलमान के एक अन्य प्रमुख धर्म गुरु मौलाना कल्बे जव्वाद ने खामेनेई की हत्या को ‘‘सदी का सबसे अफसोसजनक घटना’’ बताते हुए कहा कि यह सिर्फ मुसलमानों का ही नहीं बल्कि पूरी इंसानियत का भी नुकसान है।
उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि जब गाजा के मुसलमानों पर इजराइल के जुल्म के खिलाफ बाकी दुनिया खामोश थी, तब खामेनेई ने ही उनकी आवाज उठाई, इसीलिए ये देश उनके दुश्मन बन गए।
मौलाना जव्वाद ने कहा कि शिया समुदाय तीन दिन का शोक मनाएगा और रविवार रात आठ बजे लखनऊ स्थित छोटा इमामबाड़ा के सामने एक जलसा किया जाएगा, साथ ही कैंडल मार्च निकाला जाएगा।
शिया समुदाय के एक अन्य प्रमुख धर्म गुरु मौलाना सैफ अब्बास नकवी ने खामेनेई की मौत पर शोक प्रकट करते हुए कहा कि आज का दिन पूरी दुनिया के मुसलमान के लिए बहुत गम का दिन है।
उन्होंने कहा कि खामेनेई ने किसी एक तबके की नहीं बल्कि पूरी दुनिया के मुसलमानों के हित की बात की और पूरी दुनिया ने यह भी देखा कि वह किस तरह से इजराइल के जुल्म के शिकार फलस्तीन के मजलूम लोगों के साथ खड़े थे।
नकवी ने कहा कि पूरी दुनिया के लोगों को खामेनेई की मौत पर शोक प्रकट करना चाहिए क्योंकि वह ऐसे नेता थे जिन्होंने पूरी दुनिया में अमन और शांति की बात की थी।
भाषा सलीम खारी
खारी